
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। सफाईकर्मियों के धरना स्थल पर बुधवार को पहुंचे कांग्रेसी विधायक विपिन जैन ने एक एसा बयान दे दिया कि उस पर जमकर बवाल मच गया। इसके बाद इंटरनेट मीडिया पर भाजपा-कांग्रेस में जंग छिड़ गई। इसका मैदान बना फेसबुक जहां से थोड़ी थोड़ी देर में नई-नई पोस्ट आती रही।
विधायक ने सफाईकर्मियों से कहा कि कोई नेता आपकी मांगें पूरी नहीं करेंगे यह सभी चोर है। इनके चिट्ठे भी मैरे पास है। इस बयान के सोशल मीडिया पर बहुप्रसारित होते ही भाजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा जवाबी हमला शुरू कर दिया गया। हालांकि विधायक के बयान के बाद शाम को ही भाजपा के दो महामंत्री, नपाध्यक्ष सहित सभापति भी धरना स्थाल पर पहुंच गए।
विधायक जैन लगभग एक सप्ताह से कैदारनाथ, बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर गए थे। वहां से लौटते ही बुधवार को गांधी चौराहे पर सफाईकर्मियों के धरना स्थल पर पहुंच गए। यहां उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुझे वोटों का लालच नहीं है मैं इसलिए आपके बीच आया हूं कि मांगें वास्तव में वाजिब है।
इस महंगाई के जमाने में कम से कम 20-25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन होना चाहिए। एक तरफ मोदीजी सफाई मित्रों के पैर धो रहे हैं और दूसरी तरफ 20 दिन से धरने पर बैठे सफाई मित्रों की बात तक सुनने कोई नेता नहीं आ रहा है और उल्टे इन पर हड़ताल वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। पर किसी को दबाव में आने की कोई आवश्यकता नहीं क्योंकि ये सब नेता चोर हैं। इन सबके कच्चे चिट्ठे मेरे पास है।
विधायक विपिन जैन ने भाषण में किसी का नाम नहीं लिया। पर भाजपा के संगठन पदाधिकारियों से लेकर नेताओं के समर्थकों ने फेसबुक पर जवाबी हमले शुरु कर दिए। किसी ने लिखा कि विधायक ने सभी नेताओं को चोर कहा इसमें विधायक सहित कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं। इसके अलावा एक ने लिखा कि अब साहूकारी का लाइसेंस के लिए विधायक से संपर्क करें। दिन भर आमजन इस सियासी लड़ाई के मजे लेते रहे।
लगभग 20 दिन से सफाईकर्मी गांधी चौराहे पर धरना दे रहे हैं। नपा के पास होते हुए भी एक भी बार नपाध्यक्ष सहित कोई भी भाजपा जनप्रतिनिधि यहां नहीं पहुंचे थे। बुधवार को विधायक जैन ने सभी पर तंज कसा और शाम को नपाध्यक्ष रमादेवी गुर्जर, स्वास्थ्य सभापति दीपमाला मकवाना, जलकार्य सभापति निलेश जैन, पार्षद आशीष गौड़, जिला महामंत्री विजय सुराना, महेश जुनवाल, शिवराजसिंह राणा, मंडल अध्यक्ष विनोद डगवार भी पहुंचे और अपनी बात कही। हालांकि सफाईकर्मियों ने न तो धरना समाप्त किया और न ही कामबंद हड़ताल खत्म की।