महू (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वन विभाग के अमले ने शुक्रवार सुबह बिना अनुमति ले जाई जा रही दो मिनी ट्रक लकड़ियां जब्त की। लकड़ियों के बारे में जानकारी मिलने पर वन अमला मौके पर पहुंचा और कागजात मांगे, लेकिन वाहन चालक कोई कागजात नहीं दे सका। इसके बाद वन विभाग ने लक़डियों से भरे दोनों वाहन वन परिसर में पहुंचा दिए। मंत्री उषा ठाकुर के खिलाफ शिकायत करने वाले डिप्टी रेंजर राम सुरेश दुबे पर भले ही कितना विभागीय दबाव चल रहा हो, लेकिन वे अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से निभा रहे हैं। शुक्रवार सुबह वन अमले को मुखबिर से अवैध लकड़ी के परिवहन की सूचना मिली। इसके बाद अमले ने खोजबीन शुरू की और पोस्ट आफिस कार्यालय के सामने दो मिनी ट्रकों को पकड़ा। मिनी ट्रक क्र. एमपी 04 जीए 1068 और एमपी 09 जीएफ 7800 में बड़ी मात्रा में जलाऊ लकड़ी के गुटके भरे हुए थे। डिप्टी रेंजर राम सुरेश दुबे ने जब चालकों से इस लकड़ी की अनुमति के कागजात मांगे तो वह मौके पर नहीं दिखा सके।
बताया जाता है कि एक मिनी ट्रक को जब रोकना चाहा तो चालक तेजी से वाहन चला कर भागने का प्रयास करने लगा, चौराहे पर मोड़ पर उसने तेजी से स्टेयरिंग घुमाया जिस कारण स्टेयरिंग फेल हो गया और ट्रक वहीं रुक गया, जबकि दूसरा वाहन रुक गया था। दोनों वाहनों को जब्त कर महू वन कार्यालय भेज दिया गया।
इस संबंध में वन विभाग के एसडीओ आरके लहरी का कहना है कि सूचना मिलने पर दोनों वाहनों को रोक कर जब कागजात मांगे तो चालक नहीं दिखा सका। वाहनों को कार्यालय में खड़ा करवा दिया गया। इसमें भरे लकड़ी के गुटकों की कीमत 60 हजार रुपये होगी। लकड़ी के बारे में चालकों से पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है कि यह लकड़ी कोदरिया भेजी जाती हैं, जहां आलू चिप्स के बड़े कारखाने हैं और इन कारखानों की भट्टियां इसी तरह की जलाऊ लकड़ी से चलती हैं।