
नईदुनिया प्रतिनिधि, महू। बेरछा रेंज के जंगल में बम फटने से लकड़ी बीनने गया एक ग्रामीण गंभीर घायल हो गया। जिसके बाद उसे मध्यभारत अस्पताल लाया गया। इसके बाद उसे इंदौर एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। जानकारी के अनुसार घायल की पहचान हजारीलाल गिरवाल (55) निवासी कैलोद कुटी के रूप में हुई है। हजारीलाल के पुत्र आकाश ने बताया कि उनके पिता हजारी लाल सोमवार सुबह लकड़ी बीनने के लिए जंगल में गए थे।
इस दौरान वह वहां पड़े के बम की चपेट में आ गए और उन्हें कुछ समझ नहीं आया। दोपहर करीब करीब 1 बजे पिता ने फोन लगाया कि उन्हें गोली लग गई है और घायल हो गए। आकाश अन्य लोगों के साथ जंगल में पहुंचा तो पीठ पर गंभीर चोट थी। इसके बाद उन्हें महू के मध्यभारत अस्पताल लेकर पहुंचे।
वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। वहीं बड़गोंदा पुलिस ने बताया कि घायल के अस्पताल पहुंचने के बाद घटना की जानकारी मिली। थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले ने बताया कि घायल के बेटे व स्वजनों के बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गौरतब है कि पूर्व में भी फायरिंग रेंज में मवेशी चराने गए व लकड़ी बीनने गए ग्रामीण इस तरह के हादसे के शिकार हो चुके हैं। कई लोगों की जान भी जा चुकी है। फायरिंग रेंज में सेना की प्रैक्टिस के बाद कई ऐसे बम पड़े रह जाते हैं जो कि फटते नहीं है।
कई ग्रामीणजन फायरिंग रेंज में लोहा, तांबा व पीतल जैसे मेटल के लिए इस तरह के बम बीन कर ले आते हैं और इसे निकालने के दौरान ही बम फट जाते हैं। पूर्व में भी पुलिस द्वारा सेना को फायरिंग रेंज को तार फेंसिंग कर कवर करने के पत्र भेजे जा चुके हैं। वहीं ग्रामीणों को भी हिदायत दी गई है। इसके बाद भी हादसों पर रोक नहीं लग रही।