
नईदुनिया प्रतिनिधि, महू (इंदौर)। महू विधायक व पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने मंगलवार को गरबा आयोजनों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कहते हुए इंदौर में बड़ा बयान दिया है। विधायक ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2003 में तथ्य सामने आए थे कि देशभर में गरबा आयोजनों के दौरान औसतन साढ़े चार लाख लड़कियां अधर्मियों के साथ भाग जाती हैं।
ये वयस्क लड़कियां बच्चों को जन्म देती हैं, जिससे अगले वर्ष नौ लाख प्रतिवर्ष की दर से अधर्मियों की आबादी बढ़ जाती है। इन सभी विसंगतियों से बेटियों को बचाना व जागरूक करना जरूरी है। शक्ति की साधना का वास्तविक स्वरूप लोगों के सामने लेकर जाना जरूरी है।
उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि दुर्गात्सव साधना का पर्व है। यह कोई प्रदर्शन या नृत्य मंडली नहीं है। यह बहुत खुशी है कि इस विषय के चलते लव जिहाद का कठोर कानून बना है। हमारी बेटियों के जीवन की सुरक्षा का दायरा बढ़ा।
उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्रीय विषय आता है तो कांग्रेस व अल्पसंख्यक लोग कहते हैं कि यह हमारे धर्म के विरुद्ध है। वंदेमातरम गाने में भी परेशानी है क्योंकि उसमें भारत माता का साकार स्वरूप है। यह कहने के बाद भी गरबा पंडालों में क्यो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि कुरान के अनुसार अल्पसंख्यकों को मूर्ति पूजा में नही जाना चाहिए, फिर भी ये कलावा बांधकर, तिलक लगाकर पहचान छिपाकर ऐसे आयोजनों में जाते हैं और हमारी बेटियों को धोखा देते है। यह पूरी तरह बंद होना चाहिए।
यह भी पढ़ें- 'मैं घोर सनातनी हूं...', दिग्विजय सिंह और उषा ठाकुर के बीच धर्म-भोजशाला पर दिलचस्प जुबानी जंग, Video वायरल