सूफी संत बनकर सास-बहू को ठगने वाला शातिर बदमाश 4 साल बाद गिरफ्तार, पुलिस केस बंद करने वाली थी तभी हत्थे चढ़ा
आरोपी सूफी संत गोल पहाड़िया क्षेत्र में राशि के नग बेचने आया था। सूचना के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया, जिसकी पहचान उप्र के मुजफ्फरपुर जिले के भोपा...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 07:16:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 07:17:07 PM (IST)
पुलिस हिरासत में आरोपी समीर पठान। नईदुनियाHighLights
- झांसा देकर गहने और नकदी लेकर हुआ था फरार
- फर्जी सिम का करता था इस्तेमाल
- फाइल बंद करने की तैयारी में थी पुलिस
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। बीमारी का इलाज करने का झांसा देकर महिलाओं से सोने के गहने ठगने वाला उप्र के मुजफ्फरपुर का ठग कोतवाली पुलिस ने पकड़ा है। इस ठग ने सूफी संत बनकर चार साल पहले मुरैना की सास-बहू से करीब 6 लाख रुपये के गहने ठगे थे।
मुरैना की दुर्गापुरी कॉलोनी की मदीना मस्जिद के पास रहने वाले हबीब खान ने साल 2022 में कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, कि वह जौरा में रहने वाले अपने बड़े भाई के निधन के कारण जौरा गया था। घर पर उसकी पत्नी अकीला बेगम व पुत्रवधू थी। इसी दौरान ग्वालियर से एक सूफी संत आया, जो बीमारी का इलाज करने का झांसा देकर उसके घर पहुंचा।
पानी पीते ही सास-बहू बेहोश हो गईं
बकौल हबीब खान उसकी पत्नी को पेट में गांठ थी, उक्त सूफी संत ने उस गांठ का इलाज करने के नाम पर झांसा देकर पत्नी व पुत्रवधू के सारे गहने उतरावकर एक मटकी में रख दिए। दो घंटे बाद मटकी खोलने की कहकर पानी पिलाया। पानी पीते ही सास-बहू बेहोश हो गईं, इसके बाद ठग सूफी संत चला गया। करीब दो घंटे बाद होश में आने पर मटकी खोली तो उसमें कंकड़ निकले। आठ बाली, चार बाला, चार अंगूठी व दो मंगलसूत्र गायब थे। इसके अलावा 10 हजार रुपये भी ठग ले गया। चार साल से लापता इस ठग को रविवार की दोपहर में ग्वालियर में आजाद खान ने पहचान लिया, जो हबीब खान के परिचित हैं।
बताया गया है, कि आरोपी सूफी संत गोल पहाड़िया क्षेत्र में राशि के नग बेचने आया था। सूचना के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया, जिसकी पहचान उप्र के मुजफ्फरपुर जिले के भोपा थाना क्षेत्र के मोरना गांव के निवासी समीर पठान के तौर पर हुई है। आरोपी से पुलिस ने 28 हजार रुपये नकदी जब्त किए हैं। ठगी के गहने उसने बेच दिए, पुलिस उन गहनों को खरीदने वालों की तलाश में जुटी है।
केस में खात्मा डायरी बन चुकी थी, तभी पकड़ा गया आरोपी
चार साल पहले हुई इस ठगी में अब तक कोतवाली पुलिस खाली हाथ थी, क्योंकि आरोपी जिस मोबाइल नंबर का उपयोग करता था, उसकी सिम दतिया में फर्जी नाम-पते से ली गई थी। पुलिस को ठग समीर खान का कोई सुराग नहीं लगा, इसलिए मामले में खात्मा लगाने के लिए फाइल बन गई। दो बार यह फाइल एसपी आफिस में भेजी गई, लेकिन वहां से कुछ कमियां होने के कारण लौटा दी गई।
कोतवाली पुलिस जल्द ही कमियों को पूरा कर फाइल को एसपी के समक्ष पेश करने वाली थी, उससे पहले की आरोपी धरा गया।
चार साल पहले यह ठगी हुई थी, आरोपी बेहद शातिर है, जो फर्जी सिम रखता था। इसकी पहचान नहीं होने से केस में खात्मा लगाने की तैयारी थी, तभी मुखबिर की सूचना मिली। आरोपी का एक साथी मेहबूब खान और है, उसकी तलाश कर रहे हैं। इसने ठगी किए गहने कहां बेचे हैं, उसकी पूछताछ कर ठगी के गहने खरीदने वालों को भी पकड़ा जाएगा। - पवन भदौरिया, एसआई, कोतवाली मुरैना