मुरैना में अवैध रेत-पत्थर परिवहन पर AI का पहरा: नेशनल हाईवे पर 2 ई-चेकगेट शुरू, RFID टैग हुआ अनिवार्य
ये खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की पहचान कर उनकी आवाजाही पर नजर रखेंगे और संदिग्ध गतिविधि मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देंगे।
Publish Date: Sat, 24 Oct 2026 03:57:46 PM (IST)Updated Date: Sat, 24 Oct 2026 03:58:22 PM (IST)
बानमोर में बना एआइ ई-चेकगेट। नईदुनियाHighLights
- अल्लाबेली और बानमोर में ई-चेकगेट
- RFID टैग से रियल-टाइम निगरानी
- मप्र खनिज नियम 2022 का पालन
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। रेत और पत्थरों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए मुरैना जिले में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक की मदद ली जा रही है। इसके तहत मानव रहित एआई ई-चेकगेट व्यवस्था लागू की गई है। जिले में नेशनल हाईवे पर दो ई-चेकगेट शुरू किए गए हैं। ये खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की पहचान कर उनकी आवाजाही पर नजर रखेंगे और संदिग्ध गतिविधि मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देंगे।
अल्लाबेली चौकी पर बना पहला एआई ई-चेकगेट
पहला एआई ई-चेकगेट धौलपुर रोड स्थित अल्लाबेली चौकी पर स्थापित किया गया है। राजघाट और बरवासिन घाट क्षेत्र से रेत का अवैध उत्खनन कर निकलने वाले वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। वहीं, दूसरा ई-चेकगेट बानमोर कस्बे में बनाया गया है।
इस मार्ग से रेत के साथ पत्थरों का भी परिवहन होता है। दोनों स्थानों पर चेकगेट स्थापित करने का उद्देश्य खनिजों की आवाजाही की निगरानी करना और अवैध परिवहन के मामलों की पहचान करना है।
आरएफ टैग से होगी वाहनों की पहचान
खनिज परिवहन के लिए पंजीकृत वाहनों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग लगाना अनिवार्य किया गया है। इस टैग के माध्यम से ई-चेकगेट वाहन की पहचान और खनिज परिवहन से संबंधित जानकारी का सत्यापन कर सकेगा। बिना निर्धारित टैग के खनिज से लदे वाहनों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी। संदिग्ध वाहन मिलने पर ई-चेकगेट संबंधित थाने और अधिकारियों को सूचना देगा, जिससे समय पर कार्रवाई की जा सके।
नियमों के तहत लागू की व्यवस्था
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम छह के उपनियम छह में निर्धारित प्रविधानों के अनुसार खनिज परिवहन में लगे पंजीकृत वाहनों में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित आरएफ टैग स्थापित किया जाना आवश्यक है। इस व्यवस्था का उद्देश्य खनिज परिवहन की सतत निगरानी करना, गतिविधियों में पारदर्शिता लाना और अवैध खनन तथा खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाना है।