नईदुनिया प्रतिनिधि, जौरा-मुरैना। जौरा जनपद में विरोध और आपसी कलह शनिवार को तब चरम पर पहुंच गई, जब जनपद अध्यक्ष के पति का एक वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो में वह अनशन कर रहे जनपद सदस्यों को गालियां देते हुए दलाल कह रहे हैं और अध्यक्ष चुनाव में वोट देने के लिए लाखों रुपये लेनदेन की बात बोल रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद जनपद सदस्यों ने हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाते हुए अध्यक्ष चुनाव को शून्य घोषित करने की मांग कर डाली है।
13 अक्टूबर से आमरण अनशन पर बैठें हैं तीन जनपद सदस्य
दरअसल, जौरा जनपद में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता, जनपद सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर करके कार्ययोजना बनाने जैसे आरोप लगाकर तीन जनपद सदस्य 13 अक्टूबर से आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। इनमें जनपद सदस्य मोविन खान, सोनू निगम और जनपद सदस्य नीतू सिकरवार के पति ओमप्रकाश सिकरवार हैं।
गौरतलब है, कि इन तीनों पर तीन महीने पहले जनपद सीईओ कुलदीप श्रीवास्तव ने आफिस में घुसकर अभद्रता करने, धमकाने की धाराओं में केस भी दर्ज करवा दिया था। अनशन पर बैठे जनपद सदस्य आरोप लगा रहे हैं, कि अध्यक्ष प्रिया सिकरवार के पति नरेंद्र सिकरवार, मंत्री के प्रतिनिधि बनकर बैठकों में शामिल होते हैं।
एक जनपद सदस्य की बिगड़ गई थी तबियत
प्रतिनिधि की बजाय वह अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठकर मनमानी से बैठक का संचालन करते हैं। अनशन कर रहे जनपद सदस्य अध्यक्ष प्रिया सिकरवार की कंपनी डीबी कंस्ट्रक्शन के खातों में हुए भुगतान की जांच करने आदि की मांग कर रहे हैं। पांच दिन से चल रहे आमरण अनशन में एक जनपद सदस्य की तबियत बिगड़ गई थी।
शनिवार को डॉक्टरों की टीम स्वास्थ्य परीक्षण को पहुंची, इसी बीच अध्यक्ष पति का वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वह गाली-गलौज करते हुए अनशन पर बैठे जनपद सदस्यों को दलाल कह रहे हैं और 20 से 25 लाख रुपये लेकर वोट देने का आरोप लगा रहे हैं। यह वीडियो वायरल होने के बाद अनशनकारी सदस्यों ने कहा, कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अनशन जारी रहेगा।
अध्यक्ष पति का दावा... 20-25 लाख में दिए वोट, अब कर रहे ब्लैकमेल
वायरल हुए वीडियो में जनपद अध्यक्ष प्रिया सिकरवार के पति नरेंद्र सिंह तोमर कह रहे हैं.... ये अनशन दलाली की कहानी है। दलाली कैसे आए, इसके लिए अनशन चल रहा है। ओमप्रकाश का मकान बिक गया यहो से, स्कूल बंद हो गया। पंडितजी को फोन कर रहा है, मुझे 30 लाख दिलवा दो। उपाध्यक्ष सोनू निगम से कह रहा है मुझे पैसे दिलवा दो। यही तो मर रहे हैं। देसी भाषा में कहूं तो.. दलाल मर रहे हैं। जनता ने इन्हें चुना, एक टाइम तो अपना वोट बेच दिया। अब इन्हें लग रहा है यह मोटी पार्टियां हैं।
यह मांसमरी की जगह ले जा रही हैं
यह चीजों को कहां ले जा रही हैं, यह मांसमरी (हत्या) की जगह ले जा रही हैं। किसी व्यक्ति कितना प्रताड़ित करोगे, उसके धैर्य की एक सीमा है, जहां तक वह बर्दाश्त कर सकता है। आप करते चले जा रहे हो। कानूनी तौर पर भी लड़ रहे हो और इस तरीके से भी कर रहे हो। तीन लोग कभी अनशन नहीं करते। इनके साथ कोई लोग नहीं जो साथ में बैठ सके। अनशन तो विधायक पंकज उपाध्याय ने किया था। यह दलाली का है, दारू पीते हैं। इनकी जांच कराई जाए तो शरीर में अल्कोहल मिलेगा। इनसे मुझे कोई फर्क भी नहीं पड़ता है।
जिनका काम भौंकने का है, वह भौंकते रहेंगे...
हाथी चलता है, जिनका काम भौंकने का है, वह भौंकते रहेंगे, भौंकते रहेंगे, हमें इनसे कोई फर्क नहीं है। जनपद अध्यक्ष पति यहीं नहीं थमे, वह आगे कह रहे हैं, कि इन सदस्यों को सोनू निगम ढाई साल हमारे साथ था, अपने वोटों को 20 से 25 लाख रुपये में बेच कर, अपनी जनता के जनादेश को बेचकर किसका कितना घर चल जाएगा। दलाली के पैसे तो कुछ समय के लिए होते हैं।
अनशन कर रहे जनपद सदस्यों की यह नौ मांगें
- 23 सितंबर को पुलिस बल का प्रयोग कर बनाई अवैध कार्ययोजना को निरस्त किया जाए।
- 18 मई 2025 को जनपद सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर बनाई कार्ययोजना के भुगतान पर तत्काल रोक लगे
- जनपद सीईओ द्वारा भुगतान के एवज में सरपंचों से लिया जा रहे कमीशन पर रोक लगे
- डीबी कंस्ट्रक्शन के समस्त लेनदेन की स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो
- जनपद अध्यक्ष पति की आय-व्यय व उनकी सम्पत्ति की जांच सीबीआई से करवाई जाए
- जनपद अध्यक्ष के पति के विदेश दौरों की जांच करवाई जाए
- जनपद सीईओ की सम्पत्ति की जांच एजेंसी से करवाई जाए
- जनपद सीईओ पर कई प्रकरण दर्ज होने के बाद भी उन्हें प्रमोशन दिया गया, जो नियम विरुद्ध है, इसकी जांच हो।
- जनपद अध्यक्ष प्रिया सिकरवार के कार्यकाल में 15वें वित्त से हुए कामों की जांच कराई जाए
मेरे साथ चेंबर में घुसकर अभद्रता की थी, उसका सही केस दर्ज करवाया था। कमीशन के कोई प्रमाण हो तो पेश करें, आरोपों का क्या है, कोई किसी पर भी लगा देता है। जिला पंचायत सीईओ सर ने भी अनशन कर रहे जनपद सदस्यों से संपर्क किया। - कुलदीप श्रीवास्तव, सीईओ, जनपद जौरा
मैंने अध्यक्ष के चुनाव के एक पैसा किसी से नहीं लिया। पैसे लेकर वोट देने वालों में मैं नहीं, नहीं ऐसे लोकतंत्र चलता है। जनपद अध्यक्ष के पति ने जो आरोप लगाए हैं, उनका प्रमाण दें। जिस तरह गाली-गलौज करते हुए दलाल कह रह हैं, वोट बेचने के आरोप लगा रहे हैं, उसके खिलाफ हम अनशन के बाद कोर्ट के केस दर्ज करेंगे। यह सिर्फ बौखलाहट है, जिसमें वह दूसरों की छवि खराब कर रहे हैं। - सोनू निगम, जनपद सदस्य, जौरा