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मुरैना BJP में कलह... निष्कासित और भितरघात के आरोपियों को मिले पद, पूर्व विधायक ने खोला मोर्चा

मुरैना में भाजपा तीन धड़ों में नजर आती है एक मुख्यमंत्री के समर्थकों वाले नेता-पदाधिकारी, दूसरे विस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और तीसरे केंद्रीय मंत्री...और पढ़ें

By Hariom GaurEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 04:47:25 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 04:47:57 PM (IST)
मुरैना BJP में कलह... निष्कासित और भितरघात के आरोपियों को मिले पद, पूर्व विधायक ने खोला मोर्चा
वर्ष 2023 के विस चुनाव में बसपा की रैली में रानू सिकरवार व अरविंद बघेल जो पदाधिकारी बनाए गए हैं। नईदुनिया

HighLights

  1. तीन धड़ों में बटी पार्टी, संगठन के फैसलों पर उठे सवाल
  2. पार्टी से बाहर रहे नेताओं को दी गईं अहम जिम्मेदारियां
  3. पूर्व विधायक रघुराज कंसाना ने प्रदेश संगठन से की शिकायत

नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। कांग्रेस की तरह मुरैना में भारतीय जनता पार्टी में भी गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। अलग-अलग धड़ों में बटी भाजपा में अंदरखाने इतनी खींचतान मची है, कि दूसरे पक्ष को कमजोर करने के लिए निस्कासित किए गए और पदों से हटाए गए लोगों को भी मनचाहे पद दिए जा रहे हैं। इसकी शिकायतें जिला संगठन से लेकर प्रदेश संगठन तक चल रही हैं। इन शिकायतों पर पार्टी क्या फैसला लेती है, यह समय आने पर ही पता लगेगा।

नगर स्तरीय समिति में पांच नाम

भाजपा द्वारा नगर निगम के लिए बनी नगर स्तरीय समिति के पांच सदस्यों के नाम तय किए गए हैं, जिनमें धर्मेंद्र श्रीवास्तव, कालीचरण राठौर, अशोक शर्मा, लक्ष्मीनारायण गुप्ता व राजेंद्र गोयल को बनाया गया है। इनमें से धर्मेंद्र श्रीवास्तव को 19 जनवरी 2024 को भाजपा के तात्कालीन जिलाध्यक्ष डॉ. योगेशपाल गुप्ता ने 6 साल के लिए पार्टी से निस्कासित किया था, क्योंकि धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ दूसरे दल के प्रत्याशी के समर्थन में खुलकर काम किया था।


निस्कासन के बावजूद धर्मेंद्र का अहम जिम्मा

धर्मेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ हुई निस्कासन की कार्रवाई साढ़े तीन साल का समय हुआ है, उनका निस्कासन भी खत्म नहीं हुआ और उन्हें अब पार्टी ने एक अहम समिति में जिम्मा दे दिया। इस बात की शिकायत सिंधिया समर्थक और पूर्व विधायक रघुराज कंसाना, भाजपा के जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह से लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से कर चुके हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे है। बताया गया है, कि भितरघातियों को पद देने की शिकायतें दो महीने से चल रही हैं।

इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष का दावा है, कि हमने चार लोग रिंकू राजौरिया, राघवेंद्र तोमर, सतेंद्र सिसौदिया व सुनील राठौर को संगठन के पदों से हटाया भी है। अब हम सामंजस्य बैठाने का काम कर रहे हैं।

naidunia_imageविधानसभा चुनाव में बसपा की रैली में अरविंद बघेल जिन्हें कार्यालय मंत्री बनाया गया है। नईदुनिया

मंडल की कार्यकारिणी में भी भितरघातियों को पद देने के आरोप

मुरैना में भाजपा के 31 मंडल हैं, जिनमें से अधिकांश के अध्यक्ष व कार्यकारिणी एक साल से अधिक समय पहले गठित हो गई है। लेकिन आपसी खींचतान के कारण रिठौरा मंडल की कार्यकारिणी अब तक अटकी पड़ी रही। दो महीने पहले रविंद्र किरार को ही पुन: मंडल अध्यक्ष बना दिया। तीन दिन पहले रविंद्र किरार ने अपनी कार्यकारिणी की घोषणा की तो भाजपा में हल्ला मच गया।

रविंद्र किरार ने विनोद शर्मा को मंडल महामंत्री बना दिया है। विनोद शर्मा बीते सात साल से महामंत्री पद पर ही हैं। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी के समर्थन में काम करने के आरोप में पद से हटाए गए थे, फिर उसी पद पर आने से पार्टी के कई नेता, पूर्व विधायक तक विरोध में आ गए हैं।

इसी तरह संजय हर्षाना को उपाध्यक्ष, अरविंद बघेल को कार्यालय मंत्री, राघवेंद्र सिसौदिया को भी मंडल पदाधिकारी बनाया गया है। इन सभी ने भी विस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ खुलकर काम किया। आरोप है, कि संजय हर्षाना, अरविंद बघेल, राघवेंद्र सिसौदिया, विनोद शर्मा के फोटो विस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के मंच, उनकी रैली व अन्य आयोजनों में हैं।

विस चुनाव हारे पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना ने रिठौरा मंडल में भितरघातियों को चुनाव से कुछ समय पहले फिर से अहम पद देने पर मोर्चा खोल दिया है। वह हर स्तर पर इसकी शिकायत कर रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

खुलकर सामने आ रही गुटबाजी

मुरैना में भाजपा तीन धड़ों में नजर आती है एक मुख्यमंत्री के समर्थकों वाले नेता-पदाधिकारी, दूसरे विस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और तीसरे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक हैं। यह गुटबाजी मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों तक में खुलकर दिखी, जब बीते सप्ताह मुरैना कृषि मंडी में मुख्यमंत्री का वर्चुअल भाषण था, इस कार्यक्रम को छोड़कर भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, जिपं अध्यक्ष आरती गुर्जर सहित कई नेता दिमनी में हो रहे विस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के एक कार्यक्रम में पहुंच गए।

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव चर्चा के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष व अन्य नेताओं के नाम पुकारते रहे। तीसरे धड़े यानी सिंधिया समर्थकों की भी यही हालत है। सिंधिया के कई आयोजन ऐसे हुए हैं, जहां विस अध्यक्ष के समर्थन वाले भाजपा पदाधिकारी, नेता सिंधिया के आयोजनों से दूर रहे हैं।

इधर नगर निगम में भी भाजपा में बढ़ रही कलह

नगर निगम में भी भारतीय जनता पार्टी के पार्षद और महापौर के बीच कलह बढ़ती जा रही है। हालत यह है, कि ननि के लेखाधिकारी की नियुक्ति हो या फिर परिषद की बैठकों के आयोजन। इनको लेकर भाजपा के पार्षद अपने दल की ही महापौर शारदा सोलंकी का विरोध कर रहे हैं।

बीते महीने कांग्रेस पार्षदों द्वारा लाए गए एक प्रस्ताव पर भाजपा के तीन पार्षदों के हस्ताक्षर थे। हंगामा हुआ तो भाजपा पार्षदों ने हस्ताक्षर नकली बता दिए, लेकिन कांग्रेस का दावा है, कि यह हस्ताक्षर भाजपा पार्षदों ने ही किए हैं।

रिठौरा मंडल की कार्यकारिणी को लेकर शिकायत आई थी, उनके बाद रिंकू राजौरिया, राघवेंद्र तोमर, सतेंद्र सिसौदिया व सुनील राठौर को हटा दिया था। अब रघुराज कंसाना और किस-किस की शिकायत कर रहे हैं, उसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। पार्टी में कोई मतभेद नहीं हैं, हमारा काम सामंजस्य बैठाने का है, जिसके लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। - कमलेश कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष, मुरैना

जिन्होंने चुनाव में पार्टी के विरोध में काम किया, दूसरे दल के प्रत्याशी की रैली-सभा में जिनके वीडियो-फोटो उपलब्ध हैं, उन्हें हटाने के बाद चुनाव से कुछ समय पहले फिर से अहम पदों पर काबिज करना सही नहीं। मैंने इस बात की शिकायत संगठन में की है। मुझे पूरा विश्वास है पार्टी अच्छा निर्णय करेगी। - रघुराज सिंह कंसाना, पूर्व विधायक, मुरैना