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मुरैना: 28 साल पहले कागजों में 'मरे' बुजुर्ग खुद को जिंदा साबित करने को मजबूर, पेंशन और राशन भी दे रही सरकार

बुजुर्ग किसान पातीराम जाटव को सरकार से 600 रुपये महीने की वृद्धावस्था पेंशन से लेकर राशन तक मिल रहा है। ग्राम पंचायत के पंच-सरपंच से लेकर विधायक-सांसद...और पढ़ें

By Hariom GaurEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 07:26:40 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 07:28:05 PM (IST)
मुरैना: 28 साल पहले कागजों में 'मरे' बुजुर्ग खुद को जिंदा साबित करने को मजबूर, पेंशन और राशन भी दे रही सरकार
झोले में अपने जीवित होने के प्रमाण लेकर जनसुनवाई में आया बुजुर्ग पातीराम जाटव। नईदुनिया

HighLights

  1. कागजों में फर्जी संतान और जमीन की हेराफेरी
  2. पेंशन और वोट का अधिकार, फिर भी रिकॉर्ड में मृत
  3. कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे पीड़ित

नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। 100 वक्का, 1 लिक्खा...। इस कहावत का मतलब होता है, कि मुंह से कहने वाले 100 लोगों की बातों पर कागज पर लिखी हुई एक बात भारी पड़ती है। यही हो रहा है मुरैना जिले के पिनावली गांव के बुजुर्ग किसान पातीराम जाटव के साथ। उसकी पैतृक जमीन हड़पने के लिए कुछ शातिर लोगों ने सरपंच-सचिव व पटवारी के साथ मिलकर 28 साल पहले उसे मृत घोषित कर दिया।

इसका पता लगा और महीनों से यह बुजुर्ग को खुद को जिंदा साबित करने के लिए ग्राम पंचायत, तहसील, एसडीएम, कलेक्टर से लेकर विधायक तक की चौखट पर गुहार लगा रहा है, लेकिन चलते-फिरते, स्वस्थ आदमी को सरकारी रिकार्ड जीवित मानने तैयार नहीं हो रहा।


1999 में पातीराम को कागजों में कर दिया था मृत घोषित

बानमोर तहसील के पिनावली गांव के किसान पातीराम पुत्र गजुआ जाटव उम्र 74 साल मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में आया और बताया कि साल 1999 में पंचायत के एक ठहराव और हल्का पटवारी की रिपोर्ट ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भागवती, राधेश्याम, ओमप्रकाश, गयाराम नाम के चार लोग उसकी संतान बन गए और पैतृक जमीन अपने नाम करवा ली।

जबकि उसे तीन बेटे देवेद्र, महेश और महेंद्र हैं, जिनमें से मंझले बेटे महेश की डेढ़ साल पहले मौत हो चुकी है। पातीराम के अनुसाल 1999 से वह पंचायत व तहसील के रिकार्ड में मृत है, जबकि कृषि भूमि सर्वे क्रमांक 131, 134, 136, 137, 138 एवं 139 और पुराने पुराने सर्वे नंबर 129, 130, 9 और 131 के खसरा में नाम दर्ज है।

मृत व्यक्ति को सरकार दे रही वृद्धावस्था पेंशन

इतना ही नहीं उसे सरकार से 600 रुपये महीने की वृद्धावस्था पेंशन से लेकर राशन तक मिल रहा है। ग्राम पंचायत के पंच-सरपंच से लेकर विधायक-सांसद के चुनाव में हर बार वोट देता आ रहा है, मतदाता सूची में नाम दर्ज है। फिर भी उसे जीवित नहीं माना जा रहा। विधायक दिनेश गुर्जर ने भी 9 सितंबर को कलेक्टर के नाम एक पत्र लिखा है, जिसमें पातीराम जाटव को तहसील के रिकार्ड में जीवित घोषित करने की मांग की है।

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कुर्सी से उठकर हाल से बाहर निकले एसपी ने व्हीलचेयर पर बैठी दिव्यांग रेखा राठौर की शिकायत इस तरह सुनी। नईदुनिया

व्हीलचेयर पर आई महिला के पास शिकायत सुनने पहुंचे एसपी

एसपी ऑफिस में हुई जनसुनवाई में आमपुरा निवासी दिव्यांग रेखा राठौर व्हीलचेयर पर बैठकर पहुंची। जनसुनवाई हाल में रैंप नहीं, इसलिए एसपी धर्मराम मीना कुर्सी से उठकर बाहर आए और व्हीलचेयर पर बैठी महिला की शिकायत सुनी। महिला के अनुसार उसके साथ हुई मारपीट का केस कोतवाली में दर्ज नहीं किया जा रहा, एसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कुछ बुजुर्ग व बच्चे शिकायत लेकर पहुंचे, जिन्हें एसपी ने अपने पास कुर्सी पर बैठाकर उनकी समस्या सुनी।

कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में इस मंगलवार 300 से अधिक लोग शिकायत लेकर पहुंचे, कलेक्टर जांगिड़ ने सभी की समस्या कुर्सी पर बैठाकर सुनी। इस दौरान खांडौली क्षेत्र के कोक सिंह का पुरा गांव की 15 से अधिक महिलाएं अवैध शराब की शिकायत लेकर आईं, जिस पर कलेक्टर ने आबकारी विभाग व पुलिस विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए।