• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • मुरैना

ग्वालियर-आगरा सिक्सलेन प्रोजेक्ट में मुआवजे पर घमासान, मुरैना में चार गुना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का बड़ा प्रदर्शन

मुरैना में आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड सिक्सलेन प्रोजेक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों में असंतोष बढ़ रहा है।

By Hariom GaurEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Tue, 31 Mar 2026 11:12:02 AM (IST)Updated Date: Tue, 31 Mar 2026 11:14:51 AM (IST)
ग्वालियर-आगरा सिक्सलेन प्रोजेक्ट में मुआवजे पर घमासान, मुरैना में चार गुना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का बड़ा प्रदर्शन
मुरैना में ग्रीनफील्ड हाईवे को लेकर उबाल, कांग्रेस और किसान सभा ने कलेक्टोरेट घेरा

HighLights

  1. चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज
  2. 200 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया जारी
  3. NHAI ने अप्रैल में भुगतान का भरोसा दिया

नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड सिक्सलेन प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों का आक्रोश सामने आया है। जिला कांग्रेस और मध्यप्रदेश किसान सभा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कलेक्टोरेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। किसानों ने निजी जमीन के बदले चार गुना मुआवजा देने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी मुआवजा बढ़ाया जाना चाहिए। इसके साथ ही सिक्सलेन-वे की ऊंचाई कम करने, उजाड़ी गई फसलों का तत्काल भुगतान करने और फसल कटाई तक समतलीकरण कार्य रोकने की मांग की गई।


जमीन अधिग्रहण की स्थिति और विरोध

ग्रीनफील्ड सिक्सलेन-वे परियोजना के लिए मुरैना, अंबाह और बानमोर क्षेत्र में लगभग 200 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इसमें 22 गांव शामिल हैं, जिनमें से 19 गांवों की 196.2433 हेक्टेयर जमीन पर प्रशासन ने कब्जा दिला दिया है।

हालांकि दो से तीन गांवों में किसानों का विरोध जारी है, जिससे अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। लगभग 75 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण पूरा होने के बाद यह मुद्दा फिर जोर पकड़ रहा है।

मुआवजा नीति पर असमंजस

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के अनुसार मुआवजे का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा तय गुणांक के आधार पर किया जाता है। मध्यप्रदेश में यह गुणांक एक है, जबकि राजस्थान और उत्तर प्रदेश में दो है।

इसी कारण वहां मुआवजा चार गुना तक पहुंच जाता है, जबकि मध्यप्रदेश में यह दो गुना ही रहता है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक राज्य सरकार गुणांक नहीं बढ़ाती, तब तक चार गुना मुआवजा संभव नहीं है।

तीन साल में नहीं बढ़े कलेक्टर रेट

इस मामले में एक और अहम मुद्दा सामने आया है। जिन 25 गांवों की जमीन परियोजना में शामिल है, वहां पिछले तीन साल से कलेक्टर रेट में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

जिला मूल्यांकन समिति, जिसमें विधायक भी शामिल होते हैं, ने इन दरों को नहीं बढ़ाया। जबकि अन्य क्षेत्रों में 20 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। इससे किसानों को मिलने वाला मुआवजा प्रभावित हुआ है और असंतोष बढ़ा है।

फसल नुकसान का मुआवजा स्वीकृत

एनएचएआई के अनुसार जिन किसानों की सरसों और गेहूं की खड़ी फसल समतलीकरण के दौरान नष्ट हुई है, उनके लिए 1.80 करोड़ रुपये का मुआवजा स्वीकृत किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल के पहले या दूसरे सप्ताह से यह राशि किसानों के बैंक खातों में जमा कराई जाएगी।

70 प्रतिशत जमीन मिलने के बाद शुरू हुआ काम

परियोजना का काम जीआर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कंपनी ने 70 प्रतिशत जमीन मिलने के बाद खेतों को समतल करने और मिट्टी भराव का काम शुरू कर दिया है।

इसके साथ ही चंबल नदी पर केबल स्टे तकनीक से बड़े पुल के निर्माण की तैयारी भी की जा रही है। यह पुल प्रयागराज के नैनी और कोटा के चंबल पुल की तर्ज पर बनाया जाएगा।

यह भी पढ़ें- शादियों के लिए बर्तन के साथ अवैध गैस सिलिंडर सप्लाई का खुलासा, प्रशासन ने जब्त किए 30 LPG Cylinders

ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मधुराज तोमर और किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने एडीएम को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस ने अलग से भी कलेक्टर को ज्ञापन दिया, जिसमें पेट्रोल-डीजल की कीमतों, गैस की किल्लत और बिजली सप्लाई से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। किसानों और नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।