मुरैना में खेत-तालाब का बजट हड़पा, कागजों पर बने तालाब में उगाई बाजरा की फसल
जांच टीम को एक तालाब में खेत मालिक किसान ने बाजरा की फसल उगा ली। जांच में प्रमाणित हुआ कि सरपंच ने खेत तालाब का पैसा यूं खर्च दिखा दिया जबकि मौके पर त...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 06:14:51 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 06:15:26 PM (IST)
जिओ टेग से तालाब की लोकेशन देखते जांच अधिकारी। नईदुनियाHighLights
- कागजों पर तालाब, मौके पर मिली बाजरा की फसल
- जिला पंचायत की जांच में पकड़ में आया फर्जीवाड़ा
- शिकायत के बाद भागते नजर आए सरपंच और सचिव
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना (कैलारस)। गस्तौली ग्राम पंचायत में सरपंच द्वारा खेत तालाब के नाम पर जिला पंचायत से मिला बजट बराबर कर दिया। मंगलवार को जिला पंचायत की टीम को मौके पर दो में से एक ही खेत तालाब देखने को मिला। एक तालाब में खेत मालिक किसान ने बाजरा की फसल उगा ली। जांच में प्रमाणित हुआ कि सरपंच ने खेत तालाब का पैसा यूं खर्च दिखा दिया जबकि मौके पर तालाब की कोई संरचना देखने को नहीं मिली।
बाजरा की फसल उगाई गई
जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी जयसिंह नरवरिया मंगलवार को कैलारस पहुंचे। वहां से सीईओ जनपद व सहायक यंत्री को साथ लेकर ग्राम पंचायत गस्तौली गए। गस्तौली में तीनों अधिकारियों ने पाया कि सरपंच ने दो खेत तालाब बनाने का उपयोगिता प्रमाण-पत्र जारी किया है।
जिन दो स्थानों पर खेत तालाब बनाए जाना बताए गए हैं उनमें से एक में से बारिश का कुछ पानी दिखाई दे रहा है, लेकिन दूसरा खेत तालाब जिस किसान की जमीन पर बनाना बताया गया वहां तो बाजरा की फसल उगाई गई है।
जांच दल ने माना कि ग्राम पंचायत में दो में से एक खेत तालाब के बजट का सही उपयोग नहीं किया है।
तीन सदस्यीय टीम जांच करने पहुचीं
ग्राम पंचायत गस्तौली में जिला पंचायत से तीन सदस्यीय टीम जांच करने पहुचीं तो ग्राम पंचायत सचिव मौके पर तालाब नही दिखा सका।
बिना तालाब बनाए ही करीब 15 लाख रुपये खर्च करने के सवाल पर सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक भागते नजर आए।
जांच अधिकारी जयसिंह नरवरिया ने बताया कि सरपंच, सचिव ने फर्जी कार्य किया, जो मौके पर काम नही मिला। जांच दल ने गस्तौली में पैरीफैरल बंड से लेकर बाउंड्रीवाल के निर्माण कार्यों को चेक किया तो काम होना पाया गया।
यहां बता दें कि गस्तौली गांव के किसी व्यक्ति ने कलेक्टर से शिकायत की कि उनकी पंचायत में सरपंच में दो खेत तालाब में से एक भी नहीं बनवाया है और इस काम का पैसा फर्जी बाउचर्स के आधार पर हड़प लिया है। कलेक्टर ने उक्त शिकायत को समयसीमा बैठक में लेकर जिला पंचायत से शिकायत की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।