- गोटपाक्स वैक्सीन से काबू आएगा लंपी वायरस, 5000 वैक्सीन डोज खरीदे गए, पहले निराश्रित मवेशी और गोशालों में बंद मवेशियों को लगेंगे टीके।

मुरैना (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देश के कई राज्यों की मवेशियों में महामारी बनकर फैल रहा लंपी वायरस मुरैना जिले में भी पांव पसार रहा है। अब तक 25 से ज्यादा गांवों में लंपी वायरस से ग्रसित मवेशी सामने आ चुके हैं। गाय, बैलों में तेजी से फैल रही इस महामारी को रोकने के लिए बकरियों में चेचक की रोकथाम के लिए लगने वाले गोटपाक्स वायरस को जिले की मवेशियों में लगाया जाएगा। मुरैना जिले में लंपी वायरस सबसे ज्यादा गायों में फैल रहा है। अब तक सबलगढ़ में सबसे ज्यादा 21 गाय, जौरा में 10, पोरसा में 12, पहाड़गढ़ में 10 मुरैना व अंबाह में तीन-तीन मवेशी लंपी वायरस से पीड़ित पाई गई हैं। पशुपालन विभाग के अनुसार 25 से ज्यादा गांवों की मवेशी में यह बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि जो 60 मरीज लंपी वायरस से ग्रसित पाए गए हैं, वह जिलेभर के 25 गांवों के हैं।

निराश्रित व गोशालाओं की मवेशी में लगेगी वैक्सीन

जिस तरह इंसानों में कोरोना महामारी फैली थी, ठीक ऐसे ही मवेशियों में लंपी वायरल फैल रहा है। पड़ोसी राजस्थान में लंपी वायरस से हजारों गायों की मौत हो चुकी है। इसके बाद इस बीमारी की रोकथाम के लिए मवेशियों में टीकाकरण शुरू किया जा रहा है। लंपी वायरस की रोकथाम के लिए बकरियों में चेचक की बीमारी की रोकथाम के लिए लगाए जाने वाले गोटपाक्स टीके को कारगर माना गया है। इसीलिए मुरैना पशुपालन विभाग ने 5000 गोटपाक्स वैक्सीन के डोज खरीद लिए हैं। गायों में वैक्सीनेशन की शुरुआत सड़कों पर घूमने वाली निराश्रित मवेशियों के अलावा गोशालाओं में बंद मवेशियों को टीके लगाए जाएंगे। जिला प्रशासन के रिकार्ड अनुसार जिले में 25 हजार निराश्रित मवेशी हैं इसके अलावा सरकारी व निजी गोशालाओं में 10 हजार 500 मवेशी हैं।

एक मवेशी संक्रमित होने पर तीन किलोमीटर तक खतरा

लंपी वायरस का संक्रमण इतना खतरनाक है, कि किसी गांव में एक मवेशी लंपी वायरस की चपेट में आ जाए तो आसपास के तीन किलोमीटर क्षेत्र में जितनी मवेशी है, उनमें महामारी का खतरा बढ़ने लगा है। गौरतलब है, कि लंपी वायरस गायों में होने वाली एक त्वचा की बीमारी है, जिससे मवेशी को तेज बुखार आता है, दर्द व भूख के कारण मवेशी की मौत तक हो जाती है। इसकी रोकथाम के लिए लंपी वायरस से ग्रसित होने वाली मवेशी को अन्य मवेशियों से दूर एकांत में रखने की सलाह दी जा रही है। यह बीमारी एक गाय से दूसरी गांव में मच्छरों के काटने से फैल जाती है, इसलिए मवेशियों को मच्छरों से बचाना चाहिए।

वर्जन

- जिले के 25 गांवों में 60 से ज्यादा मवेशियों में लंपी संक्रमण फेल गया है। इनका इलाज चल रहा है और कई मवेशी ठीक भी होने लगे हैं। लंपी संक्रमण को रोकने में गोटपाक्स वैक्सीन कारगर है, इसलिए इस वैक्सीन के डोज लगाना शुरू कर दिया है।

डा. आरके त्यागी

उप संचालक, पशुपालन विभाग मुरैना

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