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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केमिकल, लिक्विड साबुन, ग्लूकोज से रोज 1000 लीटर नकली दूध बनाकर करता था सप्लाई

मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुरैना जिले में नकली दूध बनाने का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। यहां के मिलावटखोर खतरनाक केमिकल उपयोग करके नए-नए तरीकों...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 18 Aug 2021 11:14:01 PM (IST)Updated Date: Wed, 18 Aug 2021 11:14:01 PM (IST)
केमिकल, लिक्विड साबुन, ग्लूकोज से रोज 1000 लीटर नकली दूध बनाकर करता था सप्लाई

मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुरैना जिले में नकली दूध बनाने का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। यहां के मिलावटखोर खतरनाक केमिकल उपयोग करके नए-नए तरीकों से नकली दूध, पनीर व मावा बनाने में माहिर हैं। बुधवार को प्रशासन की टीम ने दिमनी थाना क्षेत्र के देवहंस का पुरा गांव में नकली दूध बनाने का प्लांट पकड़ा है। यहां सैकड़ों लीटर नकली दूध, नकली दूध बनाने के घोल के अलावा भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल मिले, जिनके सैंपल लेने के बाद फूड सेफ्टी विभाग ने नकली दूध बनाने के आरोपित पर एफआइआर भी दर्ज करवाई है।

बुधवार की दोपहर दिमनी थाना पुलिस के साथ नायब तहसीलदार शिवम उपाध्याय, फूड सेफ्टी ऑफिसर धर्मेन्द्र जैन, अनिल परिहार, रेखा सोनी की टीम ने दिमनी जनपद की बरेथा पंचायत के देवहंस का पुरा गांव में हरेन्द्र पुत्र तोताराम प्रजापति के मकान पर छापा मारा। इस आलीशान तीन मंजिला मकान की पहली मंजिल में नकली दूध बनाने का कारोबार होता पाया। मौके पर आरएम केमिकल, लिक्विड साबुन, ग्लूकोज, पाम आयल आदि ऐसी सामग्री मिली जिससे नकली दूध बनाया जा रहा था। एक ड्रम में 100 लीटर से ज्यादा गाढ़ा घोल था, जिससे नकली दूध बनता था। इसके अलावा बाजार में सप्लाई करने के लिए तैयार किया हुआ 500 लीटर से ज्यादा नकली दूध भी मौके पर मिला। मिलावटखोर हरेन्द्र प्रजापति कई सालों से नकली दूध का कारोबार कर रहा है। सफेद दूध की काली कमाई से उसने गांव में सबसे आलीशान कोठी खड़ी कर दी है। बताया गया है कि हरेन्द्र प्रजापति हर रोज 1000 से 1200 लीटर नकली दूध तैयार करके उसे अंबाह व मुरैना के चिलर प्लांटों पर सप्लाई करता है। फूड सेफ्टी विभाग ने यहां से नकली दूध के केमिकल व अन्य सामग्री के 7 सैंपल लिए हैं। मौके पर मिले 500 लीटर नकली दूध व 100 लीटर घोल को नष्ट करवाया गया, बाकी सामग्री को आरोपित के ही सुपुर्दगी में दे दिया गया है।


नकली दूध बनाने वाले यह केमिकल व सामग्री मिलीं:

- ड्रमों में बना हुआ 500 लीटर सिंथेटिक दूध मौके पर मिला है। इसके अलावा नकली दूध बनाने के लिए तैयार किया गया एक ड्रम में 100 लीटर घोल भी मिला है।

- 1 ड्रम यानी 200 लीटर आरएम केमिकल मिला है।

- एक कट्टी में लिक्विड साबुन और पांच कट्टी खाली मिली हैं।

- 25-25 किलो वजन के ग्लूकोज के 19 बोरे और एक खुला बोरा मिला है।

- 25 किलो पाम आयल भी मौके पर मिला है।

- केमिकल, पाम आयल आदि को मिलाकर घोल तैयार करने की दो मिक्सर मशीनें भी मिली हैं।

मिलावटी मावा, पनीर बनाने वाले पर एफआइआर दर्जः

मंगलवार को फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने जौरा तहसील के पायथा गांव में मिलावटी मावा, घी व पनीर बनाने का प्लांट पकड़ा था। प्रशासन की टीम पहुंची तो आरोपित लालसिंह पुत्र बाबूसिंह तोमर वहां से भाग गया। प्रशासन की टीम ने प्लांट की भटियों पर लगभग 25 किलो ताजा बना मावा पकड़ा। इसके अलावा प्लांट पर रखे फ्रिजों में 240 किलो मावा निकला। मौके पर 200 किलो घी और 90 किलो से ज्यादा मिल्क क्रीम भी मिली है। प्राथमिक जांच में मिलावटी पनीर, घी व मावा बनाने का मामला सामने आने के बाद फूड सेफ्टी ऑफिसर महेन्द्र सिरोहिया की शिकायत पर आरोपित लालसिंह तोमर पर बागचीनी थाने में मामला दर्ज किया गया है।