मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)।सर! मैं अभी नाबालिग हूं। शादी के लायक उम्र नहीं है, लेकिन मेरे पिता 45 साल के अधेड़ के साथ मेरी शादी करवा रहे हैं। मैंने लाख मिन्नातें की, पर पिता कुछ सुनने तैयार नहीं। मैं अभी पढ़ना चाहती हूं, अभी शादी करना नहीं चाहती। रविवार की सुबह जौरा थाना में टीआइ आशीष राजपूत के सामने यह गुहार साढ़े 17 साल की नाबालिग लेकर पहुंंची। नाबालिग की जबरन शादी का मामला सामने आते ही महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति और चाइल्डलाइन टीम हरकत में आई और शादी को रुकवाने के लिए नाबालिग को वन स्टाप सेंटर भिजवा दिया गया।

रविवार की सुबह 8 बजे एक नाबालिग अपने जीजा के साथ जौरा थाने में पहुंची और आवेदन देते हुए अपनी पीड़ा बताई। नाबालिग ने बताया कि 10 दिन पहले उसके पिता ने उसकी सगाई जौरा के पास एक गांव में रहने वाले 45 साल के अधेड़ के साथ कर दी है। नाबालिग के अनुसार उसने इसी साल 12वीं पास की है और अब आगे पढ़कर नौकरी करना चाहती है, लेकिन उसका पिता 2 मई को उसकी शादी पक्की कर चुका है, वह यह शादी नहीं करना चाहती। मामला की नजाकता देख टीआइ राजपूत ने तत्काल बाल कल्याण समिति व महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना दी। मौके पर मुरैना चाइल्डलाइन से नितिन शिवहरे, अर्चना कुशवाह, महिला एवं बाल विकास विभाग की सीडीपीओ सविता चतुर्वेदी पहुंची। दस्तावेज परीक्षण के बाद पता लगा कि शादी रुकवाने के लिए गुहार लेकर आई नाबालिग की उम्र 17 साल 5 महीने हैं, जो विवाह के लिए सही नहीं है। इसके बाद मामले को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष के सामने रखा गया। तब तय हुआ कि नाबालिग को सारी कागजी प्रक्रियाएं, मेडिकल परीक्षण के बाद वन स्टाप सेंटर पर भेजा जाए, जिससे उसका बाल विवाह नहीं हो सके।

अधेड़ मंगेतर बोला मुझे नहीं करनी शादी, घर पर पुलिस मत भेज देनाः

बाल विवाह का मामला सामने आने के बाद पूछताछ के लिए नाबालिग के 45 साल के अधेड़ मंगेतकर को भी सूचना देकर बुलाया गया, लेकिन वह फोन पर ही बोला कि उसे अब शादी नहीं करनी। उक्त युवक बोला कि जब लड़की ही शादी नहीं करना चाहती तो वह भी जबरन शादी करना नहीं चाहता। इसके बाद अनुरोध करते हुए बोला कि उसके घर पुलिस मत भेज देना, समाज में बेइज्जती हो जाएगी। वह अब इस लड़की से शादी नहीं करेगा। उधर नाबालिग ने अपने बयानों में बताया कि उसका पिता मंदिरों पर पुजारी की तरह रहता है। उसने दस दिन पहले अचानक सगाई कर दी। लगभग तीन गुनी उम्र का लड़का देखकर मम्मी, मामा, बड़ी बहन, जीजा, बुआ, फूफा सबने पिता को समझाया लेकिन वह शादी करने पर तुल गए, इसलिए उसे मजबूरी में पुलिस की शरण में आना पड़ा।

वर्जन

- एक नाबालिग अपने जीजा के साथ ऐसी शिकायत लेकर आई थी। हमने तत्काल महिला एवं बाल विकास विभाग व चाइल्डलाइन को सूचना दी। उक्त नाबालिग की शादी अब नहीं होगी, उसे वन स्टाप सेंटर भेज दिया गया है। माता-पिता को अपने बच्चों की मर्जी का सम्मान भी करना चाहिए, क्योंकि शादी जीवनभर के साथ का मामला होता है।

आशीष राजपूत,टीआइ, जौरा

Posted By: Nai Dunia News Network

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