
सबलगढ़/मुरैना। समापुरा, बंडापुरा व गाजीपुरा गांव में अज्ञात बुखार से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। शुक्रवार को एक ग्रामीण की मौत भी हो चुकी है। ग्रामीण की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और टीम गांवों में पहुंची, लेकिन विभाग की टीम पता नहीं लगा पा रही है कि गांवों में कौन सी बीमारी फैली है। तीनों ही गांवों में करीब 175 लोग अज्ञात बीमारी की वजह से बीमार हैं। आलम यह है कि हर घर में तीन से लेकर पंद्रह लोग तक बीमार हैं।
कौन से गांव में कितने बीमार
-बंडा का पुराः बंडा का पुरा में करीब 80 लोग बीमार हैं। गांव के हरिविलास, महेश, गिर्राज, मुन्ना, केदार, रामदयाल, जनवेद, हरिविलास के परिवार के 5 से लेकर 10 सदस्य तक बीमार हैं।
-समापुराः समापुरा में भी करीब 70 ग्रामीण बीमार हैं। इस गांव में भरोसी के घर के 14 सदस्य बीमार है। इसी तरह कमल किशोर के घर में भी 14 लोग बीमार हैं। इसके अलावा वासुदेव, श्रीनिवास, गंजे, रोशन, लालपत, रामस्वरूप, चंद्रपाल जगन्नाथ, बीरबल, प्रहलाद व राजाराम के घर में भी पांच से दस लोग बीमार हैं।
किस तरह की है बीमारी
तीनों ही गांवों के बीमार लोगों को घुटने व जोड़ों में दर्द हो रहा है और बुखार आ रहा है। साथ ही दर्द भी सिर तक जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की दवाएं इस बीमारी पर असर नहीं हुआ है।
यह किया है स्वास्थ्य विभाग ने
स्वास्थ्य विभाग ने गांवों के ग्रामीणों की रक्त की स्लाइड बनवाई हैं। लेकिन उनमें मलेरिया नहीं निकला है। इसलिए विभाग केवल वायरल का इलाज कर रहा है।
मछली खाते हो इसलिए हो तुम बीमार
मुरैना से आए एक डॉक्टर ने कहा कि तुम मछली खाते हो, इसलिए तुम बीमार हो रहे हो। यदि मछली खाते रहोगे तो यह बीमारी बनी रहेगी। डॉक्टर बीमारी का इलाज तो नहीं कर पा रहे हैं, उल्टे ग्रामीणों को डाट रहे हैं। सबलगढ़ अस्पताल से भी डॉक्टरों ने बिना इलाज के भगा दिया। इसलिए प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ रहा है।
कथन
-तीनों गांवों में मलेरिया नहीं है। वायरल फैला हुआ है। इसे ठीक होने में सात से आठ दिन लगते हैं। चार दिन हो चुके हैं, एक दो दिन में बीमार लोग ठीक हो जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार इन गांवों में बीमार लोगों का उपचार कर रही है।
डॉ. जीएस राजपूत, सीएमएचओ, मुरैना