Morena News: मुरैना (नप्र)। हरियाणा में सन 2000 में इंडियन नेशनल लोक दल की चौटाला सरकार में मंत्री रहे करतार सिंह भड़ाना को मुरैना में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में गुरुवार दोपहर कोर्ट से जमानत मिल गई। जिस पर उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। उन्हें बुधवार की दोपहर 12 बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सत्र न्यायाधीश ने जेल भेज दिया था। लगभग 27 घंटे बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया।

करतार सिंह भड़ाना ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर 2019 का लोकसभा चुनाव मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। ज्यादातर चुनाव जनसभाएं खुद के हेलीकाप्टर से करने को लेकर वे काफी चर्चा में भी रहे थे। सात मई 2019 को उन्होंने नूराबाद थाना क्षेत्र के करहधाम आश्रम में जनसभा को संबोधित किया।

बिना अनुमति और धार्मिक स्थल पर सभा करने को लेकर उनके विरुद्ध नूराबाद थाने में आचार संहिता उल्लंघन की धारा 188 तथा धार्मिक स्थल पर सभा करने पर धारा सात के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय ने उनके खिलाफ कई बार वारंट जारी किया था लेकिन वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।

तीन साल बाद बुधवार को वे जब वकील के साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में जमानत आवेदन लेकर हाजिर हुए तो उनकी जमानत याचिका को न्यायाधीश ने खारिज कर जेल भेज दिया। गुरुवार को जिला न्यायाधीश की अदालत में खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर जमानत आवेदन लगाया गया। वे मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भी पहुंचे व हाथों में हथकड़ी लगे आम कैदियों के साथ मेडिकल का इंतजार करते दिखाई दिए। उन्हें अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती करा दिया गया। जमानत के बाद यहीं से रिहा किया गया।

पांच पार्टी व चार राज्यों में चुनाव लड़ चुके हैं भड़ाना

करतार सिंह भड़ानाा ने उत्तरप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा और मध्यप्रदेश में चुनाव लड़ चुके है। 1996 में हरियाणा विकास पार्टी से हरियाणा की समालखा सीट से विधायक चुने गए। 2000 में इसी सीट से इंडियन राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर विधायक बने व चौटाला सरकार में सहकारिता मंत्री बने। 2008 में भाजपा के टिकट पर राजस्थान के दौसा सीट से सचिन पायलट के खिलाफ विधानसभा चुनाव हार गए। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल से मुजफ्फरनगर की खतौली सीट से विधायक बने। हालाकि बागपत में उन्हें हार का सामाना करना पड़ा। 2019 में बसपा के टिकट पर मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के सामने वह हार गए।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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