MP के सबलगढ़ में ताजियों के रास्ते में कथा पांडाल, दो दिन पहले कथा खत्म कराने की बात पर हंगामा
सबलगढ़ में रामकथा और मोहर्रम ताजियों के रास्ते को लेकर विवाद हुआ। हिंदू संगठनों ने विरोध किया। प्रशासन की बैठक के बाद ताजियों को वैकल्पिक मार्ग से निकालने पर सहमति बनी।
Publish Date: Thu, 25 Jun 2026 08:46:00 AM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 08:47:32 AM (IST)
सबलगढ़ में अलग-अलग धार्मिक आयोजनों के कारण हंगामा। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- रामकथा और मोहर्रम आयोजन से प्रशासन की चुनौती बढ़ी।
- कथा समयपूर्व समाप्त करने के प्रस्ताव पर विरोध हुआ।
- हिंदू संगठनों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। सबलगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में एक ही समय पर दो अलग-अलग धार्मिक आयोजन के चलते प्रशासन के सामने व्यवस्था बनाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
दरअसल वार्ड नंबर 8 और 10 के बीच दाऊजी मंदिर और लक्ष्मी नारायण मंदिर के सामने चल रही 9 दिवसीय रामकथा को मोहर्रम त्योहार के चलते ताजियों के निकलने के रास्ते को लेकर दो दिन पहले समापन करने की बात कही गई, जिस पर हिंदू संगठनों के लोग भड़क गए। बुधवार की शाम एसडीएम बंगले पर सैकड़ों लोग पहुंचे। उसके बाद एसडीएम कार्यालय का घेराव कर दिया।
यहां बता दें कि कथा का समापन 27 जून को होना है। मोहर्रम पर ताजिये 26 जून को निकाले जाने हैं और 25 जून की रात को बैठेंगे। इस स्थिति को देखते हुए बुधवार दोपहर सबलगढ़ थाने में प्रशासन ने शांति समिति की बैठक बुलाई। इसमें राजस्व और पुलिस प्रशासन के आला अफसरों के साथ मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि और दोनों मंदिरों के पुजारी शामिल हुए।
प्रशासन ने दो दिन पहले ही कथा समापन करने को कहा
- दरअसल सबलगढ़ किले से निकलने वाला एक ताजिया 25 जून की रात को दाऊजी मंदिर के ठीक सामने से गुजरा जाना है। अब मंदिर के पास रामकथा का पंडाल लगा हुआ है, इसलिए प्रशासन ने कथा आयोजकों से 25 जून की शाम पांच बजे तक कथा पूरी कर समापन करने की बात कही है।
- हालांकि 9 दिनों के धार्मिक संकल्प के मुताबिक कथा का समापन 27 जून को ही तय है। इसी उथल-पुथल और प्रशासनिक बैठक के कारण बुधवार को राम कथा अपने तय समय से तीन घंटे की देरी से शुरू हो पाई।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ज्ञापन सौंपा
- बुधवार की शाम हिंदू संगठनों के लोग इकट्ठा होकर एसडीएम बंगले पर पहुंच गए और नारेबाजी की। पुलिस भी पहुंच गई। जिस पर एसडीएम ने सभी को एसडीएम कार्यालय पर बुलाया। जहां देर रात तक यह धरना चलता रहा।
- अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ज्ञापन में हिंदू समाज ने मांग रखी है कि व्यास पीठ को निर्धारित समय से हटाना हिंदू समाज का अपमान है, इसलिए ताजिया किसी मस्जिद से निकाला जाए या अन्य किसी स्थान से निकलवाया जाए।
रात में हुआ निर्णय, वैकल्पिक रास्ते से ही निकलेंगे ताजिये
ताजिये कथा स्थल के रास्ते से निकलने पर उठे विवाद के बाद रात में एएसपी सुरेंद्र डावर, एडीएम अश्वनि रावत सबलगढ़ पहुंच गए। जहां एसडीएम मेघा तिवारी के सामने दोनों पक्षों को बैठाकर बात की, जिसमें निर्णय हुआ कि जो वैकल्पिक रास्ता है उसी से रात में ताजिये निकलेंगे। दोनों पक्ष ने सहमति जताई।
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रामकथा के चलते दूसरे रास्ते से ही ताजिए निकलेंगे
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ताजिया कमेटी के अध्यक्ष असरफ खान ने कहा कि रात में गश्त के ताजिये इसी रास्ते से निकलते थे, दिन में हमेशा दूसरे रास्ते से निकलते है, लेकिन अब रामकथा के चलते इस साल रात में भी दूसरे रास्ते से ही ताजिये निकाले जायेंगे।