मुरैना जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड की सीलिंग गिरी, महिला का सिर फटा; खुद दुपट्टा बांधकर मरहमपट्टी कराने पहुंची
मुरैना समाचार: चार साल पहले ही करीब 60 करोड़ रुपये की लागत में बने नए अस्पताल भवन में इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। कई वार्ड में अभी भी सीलिंग ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 04:54:30 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 04:55:02 PM (IST)
अस्पताल के नए भवन के प्रसूति वार्ड में गिरी छत की सीलिंग और घायल महिला रुबीना। नईदुनियाHighLights
- आधी रात को हादसा, जच्चा-बच्चा वार्ड में मचा हड़कंप
- 60 करोड़ के नए भवन की गुणवत्ता पर उठे सवाल
- खून बहने पर भी मदद को नहीं आए कर्मचारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। जिला अस्पताल के नए भवन की छत की सीलिंग आधी रात को गिर गई। जिस समय यह हादसा हुआ, तब प्रसूताएं व उनके स्वजन वार्ड में सोए हुए थे। भरभराकर गिरी सीलिंग की चपेट में आने से एक महिला का सिर फट गया। चार साल पहले ही करीब 60 करोड़ रुपये की लागत में बने नए अस्पताल भवन में इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। कई वार्ड में अभी भी सीलिंग लटकी हुई हैं, वहां भी कभी भी ऐसे हादसे का डर है।
अस्पताल की कई जगह दीवारें दरक रही हैं
जिला अस्पताल के नए भवन की गुणवत्ता पर आए दिन सवाल उठते हैं। पांच मंजिला अस्पताल भवन की दीवारों और छतों से बरसात के दिनों रिसता हुआ पानी पहली मंजिल तक पहुंच जाता है।
कई जगह दीवारें दरक रही हैं। पूरे अस्पताल भवन की छत की सुंदरता के लिए सीलिंग करवाई गई है। जिसका निर्माण मजबूत नही होने से पहले भी तीन-चार बार सीलिंग जमीन पर आ गई है। बीती सोमवार-मंगलवार की रात 2 बजे भी ऐसी घटना हुई।
पहले सीलिंग के कुछ हिस्से गिरे, फिर भर-भराकर आधा गिर गया हिस्सा
बताया गया है, कि नए भवन के जज्जा बच्चा वार्ड (कमरा नंबर 34) की सीलिंग अचानक से गिर पड़ी। पहले सीलिंग के कुछ हिस्से गिरे, फिर भर-भराकर आधा हिस्सा गिर गया। एक बाय एक फीट के टुकड़े व लोहे की एंगल का हिस्सा गिरने से खांडौली गांव की रूबीना उम्र 31 साल के सिर पर गिरा, जिससे उसका सिर फट गया। रुबीना अपनी भाभी का प्रसव करवाने के लिए लाई थी। वार्ड में भाभी भी भर्ती थी तो बाल-बाल बच गई।
वार्ड में हड़कंप, पर कोई कर्मचारी नहीं आया
सीलिंग गिरने की घटना के बाद जच्चा बच्चा वार्ड में हड़कंप सी मच गई। कमरा नंबर 34 में भर्ती प्रसूताओं को उनके स्वजन तत्काल बाहर निकाल लाए। कुछ प्रसूता दूसरे कमरों के पलंगों पर चली गईं, जिन्हें पलंग नहीं मिले, वह कमरा नंबर 34 से पलंगों को खींचकर गैलरी में सो गईं। उधर घायल रुबीना ने बताया, कि उसका सिर फट गया, खून बह रहा था।
गर्भवती भाभी मदद करने की हालत में नहीं थी, ऐसे में वह फटे हुए सिर को दुपट्टे से बांधकर वहां से पुराने अस्पताल भवन आई।
डाक्टर ने चार-पांच टांक आने की बात कही, लेकिन रुबीना ने ब्लड प्रेशर की समस्या बताते हुए टांके लगवाने से मना कर दिया। इसके बाद मरहपट्टी की गई। नए भवन वे पुराने भवन तक पहुंचने में रुबीना के सिर से काफी खून बहा, जिसके निशान अस्पताल के फर्श व बाहर सड़क पर सुबह साफ दिखे।