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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP Morena Nagar Nigam Election 2022 Results Highlights: मुरैना में महापौर पद पर मां से हार गई बेटी, जमानत जब्त

रितिका की जमानत जब्त हुई है, उन्हें सभी पांच प्रत्याशियों व नोटा से भी कम 896 वोट मिले हैं।

By vikash.pandeyEdited By: vikash.pandey
Publish Date: Wed, 20 Jul 2022 08:19:44 PM (IST)Updated Date: Wed, 20 Jul 2022 10:28:25 PM (IST)
MP Morena Nagar Nigam Election 2022 Results Highlights:  मुरैना में महापौर पद पर मां से हार गई बेटी, जमानत जब्त

MP Morena Nagar Nigam Election 2022 Results Highlights: मुरैना (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुरैना में महापौर पद के लिए चुनाव में कुल छह प्रत्याशी मैदान में थे, इनमें नवनिर्वाचित महापौर शारदा सोलंकी की बेटी रितिका का नाम भी शामिल था। रितिका की जमानत जब्त हुई है, उन्हें सभी पांच प्रत्याशियों व नोटा से भी कम 896 वोट मिले हैं।

दरअसल, रितिका सोलंकी को कांग्रेस ने डमी प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरवाया था, यदि किसी कारण शारदा सोलंकी का नामांकन निरस्त हो जाता तो, कांग्रेस रितिका सोलंकी को प्रत्याशी बनाती। रितिका सोलंकी के चुनाव चिन्ह का किसी ने कोई प्रचार नहीं हुआ। नाम की कोई पेंपलेंट या होर्डिंग नहीं बना, इसके बावजूद रितिका को 896 वोट मिल गए। नईदुनिया संवाददाता ने जब रितिका से पूछा तो वह हंसते हुए बाेलीं, कि यह मम्मी का नुकसान हो गया। मैं नामांकन वापस खींच लेती तो मां की जीत का अंतर 15 हजार को पार कर जाता। उन्होंने बताया कि नामांकन वापसी के अंतिम दिन वह कुछ मिनट देरी से कलेक्टोरेट पहुंची, इसलिए ना चाहते हुए भी वह चुनाव मैदान में खड़ी रह गईं।


नेता प्रतिपक्ष पहुंचे मतगणना पर नजर रखनेः कांग्रेस को महापौर चुनावाें की मतगणना में गड़बड़ी का अंदेशा था, इसलिए नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह को मुरैना में निगरानी का जिम्मा सौंपा गया। नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह बुधवार की सुबह ही मुरैना पहुंच गए और मतगणना शुरू होने से पहले ही मतगणना स्थल पालीटेकनिक कालेज के पास पहुंच गए। यहां अंबाह बायपास रोड स्थित कांग्रेस कार्यकर्ता के एक घर में शाम तक बैठे रहे और मतगणना के आंकड़ों पर पल-पल नजर रखे रहे। आठ चरण के बाद जब कांग्रेस की जीत पक्की हो गई और अधिकांश बड़े भाजपा नेता पालीटेकनिक कालेज से चले गए तब डा. सिंह भी भिंड की ओर रवाना हो गए।

बसपा से लड़े भाजपा नेता बूटा की सबसे बड़ी जीतः नगर निगम के सभी 47 वार्ड में सबसे बड़ी 1890 वोट की जीत वार्ड 25 के बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी अशोक उर्फ बूटा की हुई है। बूटा को 2514 वोट मिले हैं, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी गजेंद्र सिंह राम्पुरे को 624 वोट मिले हैं। इस वार्ड में भाजपा के सभाराम की जमानत जब्त हो गई। उसके केवल 92 वोट मिले हैं। बूटा सिंह भाजपा के नेता है, पिछले साल केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बूटा सिंह को भाजपा की सदस्यता दिलाई थी। टिकट नहीं मिलने पर बसपा से टिकट लाकर चुनाव लड़ा बंपर जीत दर्ज कराई। वहीं वार्ड 34 के कांग्रेस प्रत्याशी गोविंद गोले की 32 वोट से सबसे छोटी जीत रही है। गोविंद गोले ने तीन बार की पार्षद भाजपा प्रत्याशी मीना सिंह सिकरवार को हराया है।

वार्ड एक में देवरानी ने जेठानी को बड़े अंतर से हरायाः मुरैना नगर निगम का वार्ड क्रमांक एक पूरे चुनावों के दौरान चर्चाओं में रहा। जहां लोगों की टकटकी लगी हुई थी। यहां देवरानी मधु राजौरिया ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए बाजी मारी है। वहीं भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही जेठानी भूदेवी चुनाव हार गईं। यहां मधु राजौरिया को 1285 मत प्राप्त हुए और उन्होंने चुनाव जीत लिया। वहीं जेठानी भूदेवी को 567 वोट प्राप्त हुए।

वर्जन-

शहर की अधिकांश सड़कें खुदी पड़ी हैं। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगते है, इससे पूरा शहर परेशान है। देश, प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। मुरैना में भाजपा के ही महापौर थे, फिर भी शहर का विकास नहीं किया। इसी कारण लोगों का विश्वास कांग्रेस से उठा है। लोगों के इस भरोसे को कांग्रेस नहीं टूटने देगी। मेरी प्राथमिकताओं में स्वच्छता, शहर में अच्छी सड़कें और पार्क हैं। पूरे शहर के बाजारों में महिला शौचालय नहीं बने, न ही महिला पार्क या बच्चों का पार्क है। इस कमी को भी जल्द पूरा किया जाएगा। मेरी जीत का श्रेय कांग्रेस के सभी नेता व एक-एक कार्यकर्ता को है।

शारदा सोलंकी, नवनिर्वाचित महापौर