नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। नशे के लिए उपयोग हो रहे इंजेक्शनों का जखीरा कोतवाली पुलिस ने पकड़ा है। इस रैकेट का खुलासा करने के लिए पुलिस टीम पहले खरीदार बनकर पहुंची, इंजेक्शन खरीदे और फिर तीन आरोपियों सहित 2856 इंजेक्शन जब्त कर लिए।
गौरतलब है, कि बीते एक पखवाड़े में दो ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें मेडिकलों से अवैध तरीके से टर्मिन इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग दो मेडिकलों पर कार्रवाई कर चुका है। इसी बीच शनिवार की शाम एक मुखबिर ने एसपी धर्मराज मीना को सूचना दी, कि पुरानी हाउसिंग बोर्ड के एक मकान से नशे के इंजेक्शन बेचे जाते हैं, यहां बड़ी मात्रा में अवैध इंजेक्शनों की खेप आई है। मुखबिर की सूचना को पुष्ट करवाने के लिए एसपी ने पुलिसकर्मियों को ग्राहक बनकर जाने के लिए कहा।
पकड़े गए तीनों आरोपी। नईदुनिया ग्राहकर बनकर आए पुलिसकर्मियों को ईशान ने इंजेक्शन दे दिए
इसके बाद कोतवाली टीआई अमित भदौरिया ने, एसआई अरुण कुशवाह और एसआई पवन भदौरिया को सादा ड्रेस में ग्राहक बनकर पुरानी हाउसिंग बोर्ड के एक मकान में भेजा, जिसमें ईशान वर्मा नाम के युवक ने किराए से ले रखा था। ईशान ने पुलिसकर्मियों को इंजेक्शन दे दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने मकान पर दबिश दी। तो भीतर के कमरे में 106 पैकेट, तीन कार्टन और एक बोरे में 2856 इंजेक्शन मिले, जो टर्मिन और उसी से मिलते-जुलते ड्रग्स के थे।
मौके पर विक्रम नगर निवासी ईशान पुत्र नरेंद्र वर्मा उम्र 30 वर्ष के अलावा राठौर कालोनी बालाजी पैलेस के पास रहने वाले मयंक पुत्र मुन्नालाल गुप्ता उम्र 35 साल, फाटक बाहर बालाजी अपार्टमेंट में रहने वाले अनिल उर्फ बाबी पुत्र लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता उम्र 51 साल भी मिले।
यही तीनों इंजेक्शनों का नशे के लिए कारोबार कर रहे थे। इन पर मेडिकल या दवाओं के स्टोरेज के लिए कोई लाइसेंस नहीं है। कोतवाली पुलिस ने ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी), 27(बी)(।।) के तहत केस दर्ज किया है।
यह इंजेक्शन मिले
- मेफिन टर्माइन सल्फेट इंजेक्शन 106 पैकेट इनमें 1060 इंजेक्शन
- एक कार्टन में टर्मिन कंपनी के 47 पैकेट जिनमें 470 इंजेक्शन
- एक प्लास्टिक के बोरे में टर्मिन के 336 इंजेक्शन
- एक कार्टन में मैको कंपनी के 330 इंजेक्शन
- एक कार्टन मेप्रो कंपनी के 560 इंजेक्शन
आगरा का हामिद कर रहा मुरैना में सप्लाई
कोतवाली पुलिस ने जो 2856 इंजेक्शन जब्त किए हैं, उनका बाजार मूल्य 4.50 लाख रुपये बताया गया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है, कि उनके पास इंजेक्शनों की सप्लाई आगरा से हाेती है। आगरा के रामबाग में रहने वाला हामिद खान नाम का व्यक्ति उनसे पैसे लेता है और वहीं मांग अनुसार इंजेक्शन की खेप भेजता है। पुलिस हामिद की तलाश में भी जुट गई है।
एक युवक खुदकुशी कर चुका, डकैत भी इसका बादी
टर्मिन इंजेक्शन उन मरीजों को दिया जाता है, जो रक्तचाप बेहद कम और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इसके लगते ही रक्तचाप बढ़ने लगा है। आपरेशनों के दौरान अगर मरीज का ब्लड प्रेशर अचानक कम हो जाए, तब यह इंजेक्शन काम आता है। लेकिन मुरैना में यह इंजेक्शन नशे के लिए बिक रहा है। दो महीने पहले पोरसा में एक युवक ने इस नशे की लत के कारण गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी।
फरार चल रहे 60 हजार रुपये के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर को भी टर्मिन इंजेक्शन की लत है। यह इंजेक्शन हैवी नशेड़ी नसों में लगाते हैं, जिससे तेज नशा होता है। टर्मिन व उससे मिलते-जुलते इंजेक्शनों का मुरैना से लेकर अंबाह, पोरसा, कैलारस, जौरा आदि क्षेत्रों में नशेड़ी बड़े स्तर पर कर रखे हैं।