हरिओम गौड़, मुरैना। मुरैना में मजदूरों के फर्जी खाते और फर्में बनाकर नोटबंदी में 3.99 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था। झोपड़ी में रहने वाली महिला व मार्बल घिसने वाले मजदूर के पास जब आयकर अधिकारी जुर्माना वसूलने पहुंचे, तब इस गड़बड़झाले का पता चला था। मामला यहीं नहीं थमा। जब पुलिस ने एक्सिस बैंक के आरोपित मैनेजर आशीष जैन को गिरफ्तार किया तो भाजपा नेता मनोज जैन विरोध करने पहुंच गए। पुलिस से उनका विवाद भी हुआ।

इसके बाद पुलिस ने उन पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर दिया है। अब मुरैना पुलिस और भाजपा नेता आमने-सामने हैं। इस तरह चला था पता देवगढ़ थाना क्षेत्र के गुढ़ा चंबल निवासी निरंजन पुत्र बलधारी सिंह सिकरवार मार्बल घिसने का काम करता है। उसने अक्टूबर 2016 में जीरो बैलेंस का खाता खोलने आवेदन दिया, लेकिन बैंक ने निरंजन के नाम करंट अकाउंट (खाता नंबर 96020040611882) खोला। इसमें नोटबंदी के दौरान 70 लाख 20 हजार रुपये का लेनदेन कर दिया।

निरंजन को इस फर्जीवाड़े का पता तब लगा, जब 30 दिसंबर 2019 को उसके यहां आयकर विभाग के कर्मचारी नोटिस लेकर आ गए। निरंजन सिंह सिकरवार की शिकायत पर इस फर्जीवाड़े में पहली एफआइआर एक फरवरी 2020 को हुई, जिसमें बैंक मैनेजर आशीष जैन, एक्सिस बैंक के सेल्स ऑफिसर विक्रम जैन, नवीन कुमार पुत्र छोटेलाल जैन ललितपुर कॉलोनी ग्वालियर और सौरव सिंह, बृजेंद्र सिंह सिकरवार ग्वालियर रोड गोहद चौराहा हाल निवासी वार्ड 33 मुरैना को आरोपित बनाया गया।

झोपड़ी में रहने वाले दंपती का खोला फर्जी खाता नगरा थाना क्षेत्र के चापक गांव निवासी महेंद्र सिंह के घर 12 मार्च 2019 को अंग्रेजी में लिखा नोटिस पहुंचा, जिसे गांव में कोई नहीं पढ़ पाया। इसके बाद 19 दिसंबर 2019 को आयकर विभाग के अधिकारियों की एक टीम गांव में पहुंची, जिसने बताया कि मीनू सिंह तोमर के नाम से एक्सिस बैंक के खाते (क्रमांक 916020018166570) से नोटंबदी के दौरान तीन करोड़ 23 लाख 14 हजार 641 रुपये का लेनदेन हुआ है।

जांच में पता चला कि मीनू सिंह तोमर को बैंक ने पुरुष दर्शा दिया और महेंद्र सिंह तोमर को बेटा बनाकर खाता खोल दिया। जबकि मीनू व महेंद्र पति-पत्नी हैं। ऐसी बोगस फर्में कि एक साल में पुलिस एक भी नहीं तलाश पाई मीनू सिंह तोमर के खाते से जिन बोगस फर्मों में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है, उनके नाम-पते सब फर्जी हैं।

इस कारण एक साल में पुलिस एक भी फर्म तक नहीं पहुंच पाई। महेंद्र सिंह की शिकायत पर इस फर्जीवाड़े में दूसरी एफआइआर 24 अप्रैल 2020 को हुई। इसमें एक्सिस बैंक के तत्कालीन मैनेजर आशीष जैन, बैंक के ब्रांच सेल्स ऑफिसर विक्रम जैन के अलावा 41 बोगस फर्में आरोपित हैं।

इनका कहना

नोटबंदी के दौरान यह पूरा फर्जीवाड़ा पुराने नोटों को बदलने के लिए किया गया। सारी फर्में फर्जी हैं। इनके अते-पते ही नहीं मिल रहे। अन्य आरोपितों की पहचान करने में जुटे हैं।

- एसके पांडेय, एसपी, मुरैना

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags