मुरैना की गॉड गिफ्टेड कृतिका: पौने 6 साल की बच्ची नाड़ी देखकर बताती है दिल की स्थिति, ज्ञान देखकर डॉक्टर और संत हैरान
कृतिका नाड़ी देखकर दिल, फेफड़े, किडनी आदि की स्थिति बता सकती है, इसके लिए उसने कभी कोई औपचारिक प्रशिक्षण भी नहीं लिया।
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 07:34:16 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 07:34:58 PM (IST)
मुरैना एसपी धर्मराज मीना की नाड़ी देखती कृतिका। नईदुनियाHighLights
- ईसीजी जांच से भी सटीक निकलती है नाड़ी की रिपोर्ट
- संस्कृत श्लोकों और वेद-पुराणों का अद्भुत ज्ञान
- भविष्य में देश की कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती है कृतिका
हरिओम गौड़, नईदुनिया, मुरैना। शहर के केशव कॉलोनी में रहने वाली पौने छह साल की कृतिका उपाध्याय अपनी असाधारण प्रतिभा के कारण चर्चा में है। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली कृतिका को वेद-पुराणों की कथाओं, शास्त्रों और संस्कृत के मंत्रों की जो जानकारी है, उसे देखकर बड़े-बड़े संत भी हैरान हो जाते हैं। कृतिका की आयुर्वेद और एलोपैथी चिकित्सा में जानकारी भी अद्वितीय है। वह नाड़ी देखकर दिल, फेफड़े, किडनी आदि की स्थिति बता सकती है, इसके लिए उसने कभी कोई औपचारिक प्रशिक्षण भी नहीं लिया।
कृतिका की प्रतिभा पर डॉक्टर जमाल भी कायल
रविवार को मुरैना में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में देश के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. युसुफ जमाल (जीबी पंथ हास्पिटल दिल्ली) के सामने कृतिका ने एक मरीज की नाड़ी देखकर उसके दिल की कार्यक्षमता की बिल्कुल सटीक जानकारी दी, जो ईसीजी जांच में भी सही साबित हुई।
डॉ. जमाल ने कहा कि इस उम्र में कृतिका ने जो ज्ञान अर्जित किया है, वह हम 70 साल में भी नहीं सीख पाए। ग्वालियर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत रस्तोगी भी कृतिका की प्रतिभा को ईश्वरीय बता चुके हैं।
वहीं अरविंदो मेडिकल कालेज ग्रुप के चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी ने कहा था कि कृतिका को अभी एमबीबीएस की उपाधि दी जा सकती है।
कृतिका बनना चाहती है कार्डियोलॉजिस्ट
कृतिका का जन्म शिवरात्रि 2021 को हुआ था और वह भविष्य में कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती है। उसकी प्रतिभा ने कई लोगों को प्रभावित किया है। कैलारस नगर परिषद की अध्यक्ष अंजना बंसल के जेठ की नाड़ी देखने के बाद कृतिका ने कहा कि उनका हृदय 45 प्रतिशत काम कर रहा है, जबकि डॉक्टर की रिपोर्ट में 35 प्रतिशत बताया गया लेकिन दिल्ली में जांच कराने पर कृतिका की बात सही साबित हुई।
फीस में मांगती है मंदिर की सेवा
फरवरी में मुरैना के करह आश्रम पर हुए सियपिय मिलन समारोह में कृतिका ने महामंडलेश्वर राघवाचार्य के सामने श्लोकों का उच्चारण किया, जिसे सुनकर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया और कृतिका के ज्ञान को नमन किया। कृतिका न केवल बीमारी बताती है, बल्कि उपचार भी सुझाती है। नाड़ी दिखाने वालों से वह पूछती है कि पूजा-पाठ करते हैं या नहीं। जो नहीं करते, उन्हें वह मंदिर में सेवा करने की सलाह देती हैं।
कृतिका तीन साल की थी तब घर में पूजा व महामृत्युंज जाप के दौरान उसने रुद्र का जाप करने को कहा लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। एक महीने बाद उसने मृत संजीवनी और फिर औषध चक्रासन सुनाया तो सब लोग हैरान रह गए। उसने न कभी संस्कृत पढ़ा और न ही चिकित्सा उपकरण चलाना सीखा है, फिर भी वह दवा का नाम सुनते ही उसका फार्मूला बता देती है। - बंटी उपाध्याय, कृतिका के पिता