
नईदुनिया न्यूज, मुरैना। बानमोर में नेशनल हाईवे क्रमांक 44 पर आए दिन लोग वाहनों की चपेट में आकर कालकल्वित हो रहे है, जिसको लेकर गुरुवार को स्थानीय लोगों ने अनिश्चतकालीन धरना प्रदर्शन बानमोर कस्बे में फ्लाईओवर ब्रिज बनाने की मांग को लेकर शुरू कर दिया।
रात व दिन में भरी ठंड में लोग यहां धरना दे रहे थे, लेकिन तीन दिन में एक भी प्रशासनिक अधिकारी इन लोगों से मिलने नहीं पहुंचा। शनिवार को सांसद शिवमंगल तोमर धरना स्थल पर पहुंचे और लोगों से उनका ज्ञापन दिया।
वहीं कलेक्टर से फोन पर चर्चा कर तहसीलदार बानमोर के बारे में कलेक्टर से कह डाला कि मैं यहां तक आ गया पर वह ग्वालियर से यहां नहीं पहुंचीं। बेहद ढीट महिला है, इसे देखिए। चाहतीं तो एसडीएम से चर्चा करतीं आप से चर्चा करतीं और इनका ज्ञापन आप तक पहुंच भी जाता।
उल्लेखनीय है कि नेशनल हाईवे क्रमांक 44 बानमोर कस्बे के बीचों बीच से गुजरा है। यहां ऐसा कोई महीना नहीं जाता जब आधा दर्जन के करीब लोग वाहनों की चपेट में आकर जान न गंवाते हों। सड़क पार करते समय और कहीं हाईवे से गुजरते समय यह हादसे हो जाते हैं। जिस पर लोग बानमोर कस्बे में सुरक्षा को लेकर फ्लाईओवर ब्रिज बनाने की मांग को लेकर हाईवे किनारे भैरव मंदिर के सामने टैंट लगाकर धरने पर बैठ गए।
इस ठुठरती सर्दी में लोग रात में भी रजाई लेकर इस टैंट में बैठे रहे। शुक्रवार को तो महिलाएं व बच्चे तक इस धरने में शामिल हो गए। बावजूद इसके शनिवार तक इन लोगों से मिलने के लिए कोई भी प्रशासनिक अधिकारी एक बार भी नहीं बताया।
बताया जाता है कि इस संबंध में लोग तहसीलदार से मिलने भी गए, लेकिन ज्ञापन तक नहीं यह लोग दे सके, बताया जाता है कि तहसीलदार उन्हें मिली ही नहीं। इस बीच सत्येंद्र फागुना नामक युवक ने आमरण अनशन तक चालू कर दिया।
तीन दिन से जारी इस आमरण अनशन पर भी कोई जिम्मेदार अधिकारी लोगों का ज्ञापन लेने तक नहीं आया। शनिवार की दोपहर 12 बजे सांसद शिवमंगल सिंह तोमर धरना स्थल पर पहुंच गए।
इस बीच उन्होंने पहले तो लोगों का मांगों के संबंध में ज्ञापन लिया, इसके बाद आमरण अनशन कर रहे सत्येंद्र फागुना को जूस पिलाकर इसे खत्म कराया।
इसके बाद सांसद तोमर ने कहा कि फ्लाईओवर ब्रिज के लिए सभी को मिलकर दिल्ली जाकर परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से चर्चा करनी पड़ेगी। बानमोर के लिए सिक्स लेन मंजूर हो गई है, जिसका काम शीघ्र ही चालू होने वाला हे। इसके बाद उन्होंने इस धरने को समाप्त कराया।
तीन दिनों तक धरना दे रहे लोगों से मुलाकात न करने पर सांसद शिवमंगल तोमर ने कलेक्टर को धरना स्थल से ही फोन लगा दिया। उन्होंने इस बार तहसीलदार बानमोर को लेकर खासी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने फोन पर ही कहा कि कल यह लोग मिलने गए तो कल भी नहीं आई है, यह खुद मिलने गए थे, ग्वालियर तक से नहीं आई है मैं मुरैना से चलकर आ गया। मै उसे जानता हूं, मेरे सर्किल में रही है। लेडीज है तो कुछ कह नहीं सकते, वह बहुत ढीट महिला है। तहसीलदार तो है नही चार्ज में है नायब तहसीलदार है वो। उसे देखा यह बहुत ढीटपना है। कल जब यह लोग मिलने गए तो कल ही ज्ञापन एसडीएम से बात करनी चाहिए, आप से बात करनी चाहिए। आश्वासन देतीं। ज्ञापन अब तक लेकर आप तक पहुंच जाना चाहिए था। इसको जरा ध्यान दें।
सांसद को प्रधानमंत्री व केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया गया है कि बानमोर शहर के बीच से नेशनल हाईवे क्रमांक 44 गुजरता है। जहां प्रतिदिन अत्यधिक यातायात रहता है। ट्रैफिक दबाव के चलते आए दिन यहां भीषण हादसे होते हैं। यह हादसों का केंद्र बन चुका है। इसलिए जनहित में यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बानमोर कस्बे में फ्लाईओवर ब्रिज बनाया जाए। तीन फुट ओवर ब्रिज एक नयागांव मोड से क्लब के बीच, बानमोर चौराहा व नगर पालिका तिराहा पर बनाया जाए। दो जगह ट्रैफिक सिंग्नल बानमाैर मैन चौराहा व नगर पालिका तिराहा पर लगाया जाए। नेशनल हाईवे की सभी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराया जाए। हाईवे किनारे की सर्विस रोड चालू होनी चाहिए, जिस पर अतिक्रमण किया गया है।