अटल प्रोग्रेस-वे का फिर बदलेगा एलाइनमेंट, 40 किमी घटेगी दूरी; कोटा की जगह सवाई माधोपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा
पुराने रूट एलाइनमेंट में अटल प्रोग्रेस-वे को राजस्थान के कोटा से लेकर उत्तर प्रदेश के इटावा में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जोड़ना था। नए रूट एलाइनमेंट ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 09:12:13 PM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 09:12:59 PM (IST)
HighLights
- 35 से 40 किमी दूरी घटने से 1200 करोड़ की बचत
- किसानों को मिलेगा भूमि अधिग्रहण का चार गुना मुआवजा
- एनएचएआई तैयार करेगा नए रूट की संशोधित डीपीआर
हरिओम गौड़, नईदुनिया, मुरैना। मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र को राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले 14 हजार करोड़ की लागत से प्रस्तावित अटल प्रोग्रेस-वे के रूट एलाइनमेंट में अब तीसरी बार संशोधन होगा। भूतल परिवहन मंत्रालय के सचिव ने इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट को सुधारने के लिए वापस कर दिया है। केंद्र सरकार चाहती है कि अटल प्रोग्रेस-वे को कोटा से न मिलाते हुए इसे सवाई माधौपुर क्षेत्र के लाबान में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे से मिलाया जाए। दूरी घटने से लागत खर्च भी 1200 करोड़ रुपये कम हो रही है। डीपीआर वापस आने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अफसर नए रूट की धरातल स्थिति चेक करेंगे।
कोटा से मिलाने की बजाय सवाई माधौपुर के लाबान में एक्सप्रेस-वे से मिलाया जाए
भूतल परिवहन मंत्रालय का मानना है कि कोटा क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे व अटल प्रोग्रेस-वे सवाई माधौपुर तक समानांतर चलें उसकी कोई आवश्यकता नहीं है इसलिए इसे कोटा से मिलाने की बजाय उसे सवाई माधौपुर के लाबान में एक्सप्रेस-वे से मिलाया जाए।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों ने अभी जो डीपीआर बनाकर भूतल परिवहन मंत्रालय के समक्ष पेश की उसमें अटल प्रोग्रेस-वे को कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से मिलाने का प्लान शामिल था। केंद्रीय सचिव ने उसे सिरे से खारिज कर दिया। अब एनएचएआई की मध्यप्रदेश टीम डेढ़ से दो महीने के समय में नया रूट एलाइनमेंट के अनुसार संशोधित डीपीआर फिर से तैयार कर दिल्ली ले जाई जाएगी।
यहां बता दें कि पुराने रूट एलाइनमेंट में अटल प्रोग्रेस-वे को राजस्थान के कोटा से लेकर उत्तर प्रदेश के इटावा में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जोड़ना था। नए रूट एलाइनमेंट में इस पर भूतल परिवहन मंत्रालय का कोई कमेंट नहीं आया है। ऐसे में वह यथावत रखा जाएगा।
किसानों को मिलेगा चार गुना मुआवजा
अटल प्रोग्रेस-वे के निर्माण में जिन किसानों की जमीन का उपयोग होगा। उनको एनएचएआई अब अधिग्रहित जमीन का चार गुना मुआवजा प्रदान करेगी क्योंकि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मुआवजा के गुणांक को एक से बढ़ाकर दो कर दिया है। मुआवजा कम होने के कारण है, तीन साल पहले सर्वे निरस्त करना पड़ा था।
पुराने रूट एलाइनमेंट में 2200 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण
अटल प्रोग्रेस-वे के 414 किमी लंबाई के पुराने रूट एलाइनमेंट पर प्रोग्रेस-वे बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 2200 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण करना थी। इसमें मध्यप्रदेश के हिस्से में जमीन अधिग्रहण की बात करें तो 300 किमी लंबाई का प्रोग्रेस-वे बनाने के लिए 1800 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण किए जाने की तैयारी थी, लेकिन रूट एलाइनमेंट बदलने की स्थिति में भूमि अधिग्रहण का काम प्रभावित हो सकता है।
चंबल नदी पर दो बड़े पुल बनाने होंगे
अटल प्रोग्रेस-वे नए रूट एलाइनमेंट पर गौर करें तो चंबल नदी पर दो बड़े पुल बनाने होंगे। पहले भिंड के पास चंबल नदी पर एक ही पुल बनाया जाना तय था। अटल प्रोग्रेस-वे की पुरानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर गौर करें तो उसमें 22 बड़े पुलों के निर्माण का उल्लेख है। 225 छोटे पुल बनाए जाने थे। चार आरओबी, 25 वीयूपी, 142 एलवीयूपी समेत 27 टोल प्लाजा के निर्माण का प्लान शामिल था। अब संख्या में कुछ घट-बढ़ की स्थिति बनेगी।
अटल प्रोग्रेस-वे का रूट एलाइनमेंट संशोधित करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। अब नए रूट की फिजिविलिटी चेक कराई जाएगी। उसके अनु़सार नया प्लान दिल्ली मुख्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। प्लान स्वीकृत होने के बाद काम शुरू होने की स्थिति बनेगी। -भरत सिंह जोइया, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई।