
नईदुनिया न्यूज, मुरैना। सहकारी सोसायटी जींगनी पर नकली खाद वितरण किए जाने के कुछ किसानों ने आरोप लगा दिए। जिसके बाद सोसायटी पर हंगामा हो गया। इस बीच किसानों ने खाद वितरण के काम को बंद कराकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर तहसीलदार मुरैना घनश्याम शर्मा सहित कृषि विभाग के अधिकारी भी पहुंच गए। जहां खाद के सेंपल लेने की कार्रवाई कराई गई।
उधर, सोसायटी मैनेजर ने मारपीट के आरोप लगाकर माताबसैया थाने में आवेदन दिया है, वहीं एक किसान पर जबरन 10 बोरे डीएपी के ले जाने की भी बात कही है।
उल्लेखनीय है कि जींगनी सोसायटी पर दोपहर 12 बजे के करीब 20 से 22 किसान आए हुए थे। सोसायटी मैनेजर राधेश्याम शर्मा खाद का वितरण करा रहे थे। इसी बीच एक किसान सोनू गुर्जर पुत्र रामनिवास गुर्जर ने सोसायटी से नकली खाद दिए जाने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। वहीं इसकी जांच कराने की मांग करने लगा। उन्होंने एक बोरे से खाद निकाली और दूसरे बोरे से खाद निकालकर नकली डीएपी खाद होने का दावा कर दिया।
सेंपलिंग करते कृषि विभाग के अधिकारी। नईदुनिया
इस बीच सोसायटी पर खाद वितरण का काम रोक दिया गया। सूचना मिलने पर माताबसैया थाना पुलिस पहुंच गई। कुछ देर बाद तहसीलदार घनश्याम शर्मा कृषि विभाग के अधिकारियों को लेकर पहुंच गए। जहां मामले को शांत कराया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने यहां डीएपी खाद के सेंपल लेने की कार्रवाई की है। जिसके जांच के बाद कुछ भी कहने की बात कहीं जा रही थी।
नकली डीएपी खाद वितरण के मामले में सोसायटी के मैनेजर राधेश्याम शर्मा ने सोनू गुर्जर पर मारपीट कर 10 बोरे डीएपी के जबरन ले जाने के आरोप लगाए हैं। जिसकी शिकायत माताबसैया थाना पुलिस को आवेदन देकर की गई है। राधेश्याम शर्मा ने बताया कि सोनू गुर्जर पर सोसायटी के पूर्व के 18 से 20 हजार रुपये उधार हैं।
रविवार को सोनू अपने पिता रामनिवास के साथ खाद लेने के लिए आया तो उनसे कहा गया कि उन्हें खाद नहीं दी जाएगी, सोसायटी का उन पर पहले से ही बकाया है। इसके बाद सोनू गुर्जर व उसके पिता ने हंगामा कर दिया और उनकी मारपीट कर 10 बोरे डीएपी खाद के जबरन उठाकर ले गए हैं। पुलिस अब इस मामले में जांच कर रही है।
स्टेशन रोड थाना पुलिस ने एक सप्ताह पहले जेवराखेड़ा गांव में नकली डीएपी खाद बनाने का कारखाना पकड़ा था। जिसमें लगभग एक दर्जन लोगों पर मामला दर्ज किया गया था, जिसमें इस नकली खाद की पैकिंग कर रहे मजदूरों के नाम भी शामिल हैं। मौके से 300 बोरे डीएपी खाद के पकड़े गए थे। ऐसे में नकली खाद सोसायटी पर पहुंचने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।