
मुरैना। शहरी क्षेत्र में डेंगू पीड़ित मरीज की मौत होने का इस साल का पहला मामला सामने आया है। पीपल वाली माता मंदिर के पास रहने वाली एक किशोरी की ग्वालियर में उपचार के दौरान मौत हुई है। किशोरी का भाई भी डेंगू की चपेट में है, जिसे दिल्ली रेफर कर दिया गया है।
मौत की खबर पुष्ट होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मृतक किशोरी के घर पहुंची और यहां कंटेनर सर्वे शुरू किया गया। है। इस बार डेंगू के मामले पिछले साल की अपेक्षा कम सामने आ रहे हैं। लेकिन शहरी क्षेत्र में स्थिति ठीक नहीं है।
जानकारी के मुताबिक पीपल वाली माता मंदिर के पास रहेन वाले देवेंद्र शिवहरे की 17 वर्षीय बेटी तनु शिवहरे और 14 वर्षीय बेटा यश एक साथ बीमार पड़े। परिजनों के मुताबिक पास ही में रहने वाले एक डॉक्टर पर वे दोनों का उपचार करवा रहे थे। दोनों की जांच रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव आया। लेकिन स्थानीय डॉक्टर यही कहते रहे कि वे इस बीमारी को नियंत्रित कर लेंगे।
बताया जा रहा है कि रविवार देर रात जब दोनों बच्चों की हालत बिगड़ी तो परिजन उन्हें उपचार के लिए मंगल हॉस्पिटल ग्वालियर ले गए। यहां भी उनकी हालत में सुधार नहीं आया तो बाद में मृतका तनु को उपचार के लिए ग्वालियर जेएएच में ले जाया गया। लेकिन यहां पर तनु ने दम तोड़ दिया। यश की प्लेटलिस्ट भी 24 हजार रह गई थी। जिसके चलते उपचार के लिए दिल्ली रेफर किया गया है।
घर में छिड़कवाई दवा
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस मामले में मरीजों का उपचार निजी डॉक्टर्स पर चलता रहा। यही वजह रहीं कि उन्हें पता नहीं चला कि पीपल वाली माता मंदिर के पास डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की मौजदूगी है। मौत की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग पुष्टि करने के बाद विभाग ने पूरे इलाके में दवा का छिड़काव और कंटेनर सर्वे किया गया। साथ ही यह भी देखा गया कि कहीं कोई और मरीज तो इस बीमार की चपेट में नहीं है।
निजी अस्पताल नहीं देते डेंगू पीड़ित की सूचना
जिला प्रशासन इस तरह के गंभीर मामलों में अक्सर यह कहता है कि उन्हें समय पर जानकारी नहीं मिली। अधिकारियों की मानें तो निजी अस्प्तालों में उपचार कराने वाले मरीजों के बारे में उन्हें सूचना मिलती ही नहीं है। जबकि अगर स्वास्थ्य विभाग यह निर्देश जारी कर दे कि निजी अस्पताल डेंगू पॉजिटिव मरीजों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे तो समय रहते डेंगू फैलने वाले इलाके के बार में पता लग सकता है।
इनका कहना है
मरीजों का इलाज निजी अस्पताल में ग्वालियर चल रहा था। इसलिए इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंच गए हैं। कंटेनर सर्वे शुरू किया है और दवाओं का छिड़काव भी करवाया जा रहा है - डॉ. प्रदीप मिश्रा, सीएमएचओ मुरैना