
नरसिंहपुर। जिले में डेंगू से होने वाली मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। स्वास्थ्य महकमा भले ही सबकुछ ठीक होने का दावा करे, लेकिन डेंगू से रोजाना जानें जा रही हैं। पिछले 3 दिनों में बरमान, समनापुर और चिनकी में डेंगू से 3 लोगों की जानें गई हैं। जिला अस्पताल में भी दो दिन में डेंगू प्रभावित तीन पीड़ितों को भर्ती कराया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू के कहर पर विराम नहीं लग रहा है, डेंगू प्रभावित कोई मरीज नागपुर में दम तोड़ रहा है तो कोई तंगी के बीच चल रहे इलाज में जान गवां रहा है। पिछले 3 दिनों में डेंगू से 3 लोगों के मौत की खबर है। ग्राम घूरपुर में झन्नोबाई पति कोमल सिंह एवं ग्राम चिनकी में रीतादास पति दीपक 28 वर्ष की मौत हो गई। वे पिछले एक हफ्ते से बुखार से पीड़ित थीं।
बताया जाता है कि बरमान निवासी वैजयंतीबाई अग्रवाल 55 वर्ष को डेंगू होने के कारण नागपुर में भर्ती किया गया था जहां उसकी मौत हो गई। यहीं पर कुछ दिन पहले ही एक 6 वर्षीय बालक आदर्श पिता भगवत चड़ार की मौत भी हो चुकी है जबकि डेंगू की चपेट में आए एक बालक का पिता इलाज कराते-कराते इतना कर्जदार हो गया कि अब उसकी हालत खराब हो गई है। उधर ग्राम समनापुर में 22 वर्षीय विपिन शर्मा को गंभीर हालत में जबलपुर ले जाया गया है। जिले में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या एक सैंकड़ा पार हो रही है। लेकिन अस्पताल में इलाज की व्यवस्था नाकाफी है। विभाग ने शिकायतें बढ़ने के बाद कुछ चिन्हित ग्रामों में जरूर लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई कर दी है लेकिन डेंगू के रोगियों का अस्पताल आना जारी है।
बरमान के नर्मदा नगर कालोनी निवासी वहीद खान ने बताया कि उसके बालक शाहिद को भी डेंगू बुखार था जिसका इलाज कई स्थानों पर कराया जिसमें उसे बाजार से कर्ज भी लेना पड़ा और लोगों से मदद भी मांगनी पड़ी तब कहीं बेटे की जान बच सकी। शनिवार को जिला अस्पताल में तेंदूखेड़ा के समीपी ग्राम रमपुरा निवासी बालिका कंचन पिता हरिराम को डेंगू होने के कारण सुआतला थाना की एंबुलेंस से लाया गया।
बालिका की मां ने बताया कि कंचन को कई दिनों से बुखार आ रहा था जांच में डेंगू होना कहा जा रहा है। वहीं ग्राम सूरवारी निवासी जमीला बी पति हफीज खान को भी डेंगू पाजीटिव होने पर महिला वार्ड में भर्ती किया गया है। तेंदूखेड़ा निवासी एक बालक भी डेंगू बुखार होने के कारण शिशु वार्ड में भर्ती है। खास यह है कि स्वास्थ्य महकमा कुछ मामलों में ही डेंगू रोगी होने की बात स्वीकारता है और वास्तविकता को नजरअंदाज कर रहा है।