
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कें बारिश के दौरान बड़ी परेशानी का कारण बन रही हैं। जनपद पंचायत चांवरपाठा के ग्राम खैरी मौजा से कचरकोना तक करीब तीन किलोमीटर का रास्ता बारिश में दलदल में बदल गया है। ग्रामीणों के अनुसार, मार्ग की स्थिति ऐसी है कि एंबुलेंस या अन्य चारपहिया वाहन का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसी रास्ते से अस्पताल ले जाने में हुई देरी के बीच खैरी निवासी 80 वर्षीय प्रहलाद सिंह गंगोलिया की उपचार के दौरान मौत हो गई।
प्रहलाद सिंह गंगोलिया हृदय रोग से पीड़ित थे। शुक्रवार सुबह अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वे अचेत हो गए। गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए तुरंत निकल पड़े।
परिजनों को पता था कि खैरी से कचरकोना के बीच रास्ता बेहद खराब है और बारिश के कारण एंबुलेंस या छोटा चारपहिया वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाएगा। इसलिए एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय उन्होंने बुजुर्ग को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लिटाया और कचरकोना की ओर रवाना हो गए।
रास्ते में एक संकरी पुलिया के पास ट्रैक्टर गहरे कीचड़ में फंस गया। ट्रैक्टर को दलदल से बाहर निकालने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को करीब दो घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान प्रहलाद सिंह की हालत लगातार बिगड़ती रही।
काफी प्रयास के बाद ट्रैक्टर को निकाला गया और परिजन कचरकोना पहुंचे। वहां से निजी चारपहिया वाहन की व्यवस्था कर बुजुर्ग को नरसिंहपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के बीच दोपहर करीब एक बजे उपचार के दौरान प्रहलाद सिंह ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि खैरी मौजा से कचरकोना मार्ग और पुलिया के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक अनदेखी के कारण हर बारिश में मार्ग की स्थिति खराब हो जाती है और पूरा क्षेत्र टापू जैसा हो जाता है।