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नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। जिले के ठेमी थानांतर्गत शेढ़ मगरधा गांव में गुरुवार सुबह दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। इसमें जमकर लाठी, डंडे व अन्य हथियार चले। वारदात में तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें एक पक्ष के पिता-पुत्र भी शामिल हैं। घायलों के अनुसार वे वारदात के बाद ठेमी थाने पहुंचे थे, लेकिन यहां उनकी रिपोर्ट लिखने के बजाय पुलिसकर्मियों ने अस्पताल जाने कह दिया।
जिला अस्पताल पहुंचे संघर्ष में घायल कोक सिंह पटेल व उनके पुत्र पुष्पेंद्र ने आरोप लगाया कि गिरवर सिंह व अन्य ने उन पर प्राणघातक हमला किया था। जिसमें वे लहूलुहान हो गए। वारदात की प्रमुख वजह उनके द्वारा एक माह पूर्व हुआ विवाद बताया गया है, जिसकी रिपोर्ट भी हो चुकी है। वहीं दूसरे पक्ष से गिरवर सिंह भी घायल हुए हैं। वारदात में कोक सिंह के सिर, चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। साथ ही उनका दायां हाथ भी टूट गया है। पुष्पेंद्र को भी पूरे शरीर में चोटें हैं। गिरवर सिंह के सिर में पांच व हाथ में दो टांके लगे हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दी है।
शेढ़ मगरधा गांव में वारदात पर ठेमी पुलिस का मौन ने जिला अस्पताल में हंगामे को अंजाम दिया। बताया गया कि दोनों ही पक्ष अपने-अपने घायलों को लेकर जिला अस्पताल आए थे। यहां पर उनके साथ कोई भी पुलिसकर्मी नहीं था। नतीजा ये रहा कि अस्पताल में दोनों पक्षों के बीच तकरार बढ़ गई। इससे मरीज व उनके परिजन भी दहशत में आ गए। आनन-फानन में इसकी सूचना कोतवाली थाने को लगी।
सूचना के बाद टीआई गौरव चाटे ने आरक्षक जितेंद्र सिंह, पंकज सिंह राजपूत व अन्य पुलिसकरि्मयों को अस्पताल भेजा। जहां उन्होंने हालात को नियंत्रण में किया और घायलों को ओपीडी में भिजवाकर मलहम पट्टी करवाई। दोनों पक्षों को शांत कराया। घटना के संबंध में पूछे जाने पर ठेमी थाना प्रभारी प्रीति मिश्रा ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय इतना भर कहा कि वे बाहर हैं।
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