गोटेगांव (नईदुनिया न्यूज)। वर्षों से उपेक्षित बकतला तालाब के दिन फिरने को हैं। पूरी तरह से सूख चुके इस ऐतिहासिक-धार्मिक महत्व के तालाब को जलमग्न करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। संभवतः गुरुवार सुबह तक हरेरी नहर से बकतला तालाब में नर्मदा जल पहुंचेगा। नहर विभाग की सूचना के बाद से नागरिकों में उत्साह का माहौल है। वे नईदुनिया द्वारा बकतला तालाब को बचाने की मुहिम को साधुवाद दे रहे हैं।

शहर के लिए गुरुवार का दिन आजादी के अमृत महोत्सव में अमृत वर्षा करेगा। बकतला तालाब में रानी अवंतीबाई नहर परियोजना से नर्मदा जल पहुंचाया जाएगा। ये उपलब्धि पूर्व राज्य मंत्री मप्र शासन और नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटेल के सतत प्रयासों का नतीजा है। बता दें कि बकतला बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों समेत पूर्व विधायक हाकम सिंह चढ़ार, भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष निधान सिंह पटेल, देवदत्त पचौरी, रवि शंकर पाराशर, शेखर खरया लगातार तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए शासन-प्रशासन से मांग कर रहे थे। इन्होंने विधायक जालम सिंह पटेल से मामले में पहल का अनुरोध किया था। जिसके बाद श्री पटेल ने तालाब के उत्थान के लिए कृषकों के बीच आम सहमति बनवाई। आगामी 1 माह के लिए नर्मदा का जल बकतला तालाब में प्रवाहित करने का सामूहिक निर्णय लिया गया। इसके बाद रानी अवंतीबाई नहर सागर परियोजना के अधिकारियों को तालाब में हरेरी नहर से खेतों की मेढ़ों पर नाली खोदकर, इसके जरिए नर्मदा जल लाने निर्देशित किया। जिसके बाद अधिकारियों ने तालाब का भौतिक परीक्षण किया था। यहां पर नर्मदा जल किस तरह से लाया जा सकता है, इसकी रूपरेखा तैयार की थी। बुधवार को नहर परियोजना के कार्यपालन यंत्री एनके सोंधिया, एसडीओ एमएन बेनल, उपयंत्री रिछारिया, किसान बद्री चौकसे, पंकज खरया, प्रवीण ताम्रकार, घनश्याम ताम्रकार, महेश ताम्रकार, विष्णु ताम्रकार, विपिन ताम्रकार की सहमति से नर्मदा का जल गुरुवार को प्रातः तालाब में पहुंचने की बात कही गई। समिति सदस्यों के अनुसार बकतला तालाब में नर्मदा जल पहुंचने का क्षण नगर के लिए गौरव का केंद्र रहेगा। बकतला बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य पूर्व विधायक हाकम सिंह चढ़ार, बद्री प्रसाद चौकसे, कमलेश शर्मा, देवदत्त पचौरी, नर्मदा गुप्ता, रामेश्वर शर्मा, बीरबल नाथ, ओंकार पटेल, शिवाजीराव पाटिल, डा. गौतम, पं. रविशंकर पाराशर ने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार जताया है।उल्लेखनीय है कि बकतला तालाब की दुर्दशा और इसके सुंदरीकरण के लिए पूर्व में बनी योजनाओं को क्रियान्वित नहीं करने पर नईदुनिया ने गतांकों में खबरों का प्रकाशन किया था। जनहित के इस मामले को नागरिकों व जनप्रतिनिधियों का भरपूर समर्थन मिला।

अतिक्रमण हटाने पर फैसला नहीं: बकतला तालाब में भले ही गुरुवार सुबह नर्मदा जल पहुंचाने की बात हो रही हो, लेकिन इसके सुंदरीकरण और वास्तविक दायरे को हासिल करने की फिलहाल कोई प्रशासनिक कार्ययोजना अब तक सामने नहीं आई है।बता दें कि बकतला तालाब के ऊपर कई लोगों ने अतिक्रमण कर मकान आदि निर्मित किए हैं। जिसके कारण तालाब का दायरा सिकुड़ गया है। नागरिक लगातार स्थानीय प्रशासन व जिले के अधिकारियों से इस तालाब को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग करते रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह बकतला तालाब के सुंदरीकरण के लिए आई राशि कहां खर्च की गई है, इसे लेकर भी नगरपालिका द्वारा स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है। जागरूक नागरिकों के अनुसार नर्मदा जल के आने के बाद भी तालाब परिसर को संरक्षित, सुरक्षित नहीं किया तो सारे प्रयास बेकार हो जाएंगे। इसलिए जरूरी है कि प्रशासन इस तालाब के उत्थान की दिशा में ठीक उसी तरह प्रयास करे, जिस तरह के कार्य उसने नरसिंहपुर शहर स्थित नृसिंह तालाब परिसर में कराए हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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