नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर: जोरदार वर्षा से समूचा नरसिंहपुर जिला तरबतर है। नर्मदा, शेढ़, ऊमर व शक्कर नदी की बाढ़ ने अनेकों पुलों को जलमग्न कर दिया है। जिससे 50 से ज्यादा गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी अलर्ट जारी किया है। दिनभर कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश होने से जन जीवन पर असर दिखने लगा है। नरसिंहपुर नगर में भी वर्षा के पानी ने चारों और तबाही मचाई है, अनेकों कॉलोनियों में जल भराव की स्थिति बनी हुई है, वहीं अनेकों छोटे-बड़े पुल भी जलमग्न हो जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
सींगरी नदी पर गणेश मंदिर के समीप बना पुल को पार करते समय बाढ़ की चपेट में आया युवक बाह गया। यह घटना लगभग दोपहर 3 बजे की है, जब किसानी वार्ड निवासी जाकिर खान पुल पार करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन लगातार हो रही वर्षा से पुल के ऊपर बहने वालें पानी का दबाव इतना अधिक था कि युवक जाकिर पुल से बाह गया। जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीम द्वारा युवक की तलाश की जा रही हैं, लेकिन देर रात तक युवक का कोई पता नहीं चला सका हैं।
तेज वर्षा और जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के चलते झिकोली और कक्कड़ा घाट पर बने पुल पूरी तरह डूब गए हैं। प्रशासन ने एहतियातन इन पुलों के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर मार्ग को पूर्णतः बंद कर दिया है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि यह पुल आस-पास के गांवों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग थे। खेतों में भी पानी भरने लगा है, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका है।
तेंदूखेड़ा से गाडरवारा मार्ग को जोड़ने वाला एक मात्र पुल पुरी तरह जलमग्न हो गया है, इसके दोनों तरफ प्रशासनिक अधिकारियों ने पुल पर आवाजाही रोक दी है, इससे आसपास के दर्जनों ग्रामों सहित दोनों तहसीलों का सम्पर्क टूट गया हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि नर्मदा का जलस्तर हर घंटे तेजी से बढ़ रहा है और निचले इलाकों में पानी घुसने लगा है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। नावों और राहत सामग्री के साथ टीमें तैयार रखी गई हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और आवश्यकता न हो तो घरों से बाहर न निकलें।
संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को अलर्ट किया है और कुछ जगहों पर राहत केंद्र भी बनाए जा रहे हैं। स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है, और स्वास्थ्य विभाग को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले एक पखवाड़े से चल रही अनवरत बारिश से जहां नदी नाले उफान पर है, वहीं आस पास ग्रामीण क्षेत्रों में बरांझ और पांडाझिर नदी में बाढ़ का पानी बढ़ जाने के कारण डोभी और इमझिरा भामा तथा ककरा घाट पर नर्मदा नदी की बाढ़ के चलते पुल डूब जाने से गाडरवारा और बरमान तरफ जाने वाले सभी सड़क मार्ग बंद हो गये हैं। साथ ही आवागमन बाधित हो जाने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का तेंदूखेड़ा सहित प्रमुख मार्गों से संपर्क टूट गया है। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में घरों कॉलोनियों में भी पानी भरने की जानकारी मिली है। मिली जानकारी के अनुसार डोभी की गणेश कालोनी में भी पानी भरने से लोग परेशान देखे गए हैं।
सोमवार की रात्रि में अचानक तेज हवाओं के कारण भामा सहित विभिन्न स्थानों से छप्पर उड़ने कच्चे मकानों की दीवालें गिरने की जानकारी मिली है।जहां तहां पेड़ गिर गये हैं तथा वर्षा का पानी घुसने से घरों में रखा अनाज भींगने के समाचार मिले हैं।
किसानों ने बताया कि इस बार जो वारिस जो शुरू हुई है। अभी तक बंद होने का नाम नहीं तक नहीं ले पा रही है। अभी तक 423 मिमी बारिश हो चुकी है। मूंग फसल को काटने के तत्काल बाद से कुछ किसानों ने खेतों में सोयाबीन, मक्का, अरहर की बोनी कर दी थी, और धान के रोपा भी लगा दिए थे। लेकिन लगातार वर्षा के चलते खेतों में पानी भरने के कारण सोयाबीन, अरहर की बीज खराब होने की जानकारी मिली है। मक्का फसल भी खराब होने की स्थिति में पहुंच गई है। वर्तमान में खेत लबालब भरे हुए हैं।
कलेक्टर शीतला पटले ने विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी, जोखिम एवं विद्यार्थियों के हित को दृष्टिगत रखते हुए 8 एवं 9 जुलाई को जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, नवोदय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। अवकाश के कारण बाधित शैक्षणिक पाठ्यक्रम की पूर्ति एवं अन्य कार्य दिवसों में अतिरिक्त कालखंड लगाकर की जावेगी।
उल्लेखनीय है कि जिले में पिछले 48 घंटे से लगातार अतिवृष्टि जारी है तथा मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। बरगी बांध के गेट खुलने की वजह से विभिन्न नदियों के तटीय क्षेत्रों के साथ- साथ पुल- पुलियों पर जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसी मद्देनजर कलेक्टर द्वारा यह आदेश जारी किया है।
अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार नरसिंहपुर जिले में एक जून से 8 जुलाई तक की अवधि में औसत रूप से कुल 462.4 मिमी अर्थात 18.20 इंच वर्षा दर्ज की गई है। 8 जुलाई की सुबह तक बीते 24 घंटे में जिले में औसतन 116.2 मिमी अर्थात 4.57 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इस दिन तहसील नरसिंहपुर में 154 मिमी, गाडरवारा में 188 मिमी, गोटेगांव में 61 मिमी, करेली में 105 मिमी और तेंदूखेड़ा में 73 मिमी वर्षा आंकी गई है।
8 जुलाई तक तहसील नरसिंहपुर में 498 मिमी, गाडरवारा में 533, गोटेगांव में 387 मिमी, करेली में 471 मिमी और तेंदूखेड़ा में 423 मिमी वर्षा आंकी गई है। इसी अवधि में पिछले वर्ष जिले में औसतन 162 मिमी अर्थात 6.38 इंच वर्षा हुई थी। इस अवधि में पिछले वर्ष तहसील नरसिंहपुर में 126 मिमी, गाडरवारा में 195 मिमी, गोटेगांव में 221 मिमी, करेली में 94 और तेन्दूखेड़ा में 174 मिमी वर्षा हुई थी।