
नरसिंहपुर। ग्राम मुराछ में बुखार के कहर ने बीते दिवस एक ग्रामीण की और मौत ले ली। ग्राम में बुखार से यह तीसरी मौत है। एक तरफ बुखार का कहर तो दूसरी तरफ पिछले तीन दिन से बिजली व्यवस्था ठप रहने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। इसे लेकर ग्रामीणों में रोष है।
ग्राम मुराछ में स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। जिनका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से बुखार का कहर ग्रामीणों के लिए जानलेवा बन गया है। शनिवार-रविवार की रात बुखार से पीड़ित एक और ग्रामीण की मौत हो गई। बुखार से पीडित 15-16 वर्षीय कल्याण पिता मुन्नालाल लोधी पेपर देकर वापस गांव आया तो उसे फि र बुखार आ गई । गांव से उसे धमना अस्पताल ले जाया गया। यहां से उसे जिला चिकित्सालय लाया गया। जिला चिकित्सालय लाते ही उसे जबलपुर रेफर कर दिया गया।
जबलपुर जाते वक्त गोटेगांव के समीप किशोर ने दम तोड़ दिया। इसके पहले बुखार से दो ग्रामीणों चोखेलाल पिता सुखलाल लोधी उम्र 35 वर्ष, सचुनील पिता महेश लोधी 27 वर्ष की भी मौत हो चुकी है। ग्राम पंचायत के सरपंच एकमसिंह पटेल के अनुसार रविवार को रात्रि लगभग साढ़े सात 8 बजे कुछ गंभीर बीमार ग्रामीणों को नरसिहपुर लाया गया। इनमें से कुछ को जबलपुर ले जाया गया है। एक तरफ बीमारी का कहर तो दूसरी तरफ बिजली व्यवस्था भी ठप पड़ी है। आपूर्तिं ठप है। ग्रामीणों पर दोहरी मार पड़ रही है।
ग्रामवासियों ने बिजली विभाग से शीघ्र व्यवस्था दुरूस्त कराने की मांग की है। गांव के लोग बीमारियों की चपेट में है अब बिजली बंद रहने परेशानी ओर बढ़ गई है। इसके अलावा ग्राम उमरिया चिनकी एवं आस पासस के कई गांवों में बुखार का कहर है। ग्राम मुराछ के पूर्व सरपंच सबई पटैल, पंच हीरालाल सेन, देवी सिह, गौतम पटेल, मोहन सिंह, टांवल सिंह, छतर सिंह पटैल आदि ने बताया कि शासन 24 घंटे गांव में व 12 घंटे सिंचाई के लिए बिजली देने की बात करता है किन्तु गांव में पिछले दो दिनों से बिजली ठप पड़ी हुई है। जिससे बारिश के दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात के समय सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा 250 का परीक्षण, डेंगू के लक्षण नहीं-बीमार ग्रामीणों और मौत की घटना के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को यह दावा किया है कि 250 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। किसी में भी डेंगू के लक्षण नहीं मिल रहे हैं। सीएचएमओ डा. प्रदीप धाकड़ के हवाले से उक्त बात कही गई है।
गांव में फैली है बीमारी-जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर ग्राम मुराछ में पिछले एक पखवाड़े से ज्यादा समय से बीमारियां फैली हुई है। इस पर बिजली न रहने से ग्रामीणों की दिक्कत और बढ गई हैं। यहां पर घर घर में लोग मलेरिया, मौसमी बुखार, पीलिया और डेंगू आदि रोगों से पीड़ित हैं। कई लोग नरसिहपुर, जबलपुर व नागपुर में इलाज करा रहे हैं और अब बिजली न रहने से ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है। ग्रामवासियों ने बताया कि मौसम बिगड़ा हुआ है। उमस का जोर बना रहता है। किन्तु बिजली न मिलने से पंखा, कू लरों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसमें रात में सर्वाधिक परेशानी होती है। ग्रामीणों ने शीघ्र बिजली व्यवस्था ठीक करने की मांग की है।
उमरिया चिनकी और कई गांवों में बुखार का कहर
ग्राम मुराछ के साथ साथ ग्राम उमरिया चिनकी और उससे लगे कई गांवों में बुखार का कहर है। हर घर में यहां बुखार संक्रामक बीमारी की तरह किसी न किसी को चपेट में लिए हुए हैं। बड़ी संख्या में मरीज जिला चिकित्सालय सहित विभिन्न क्लीनिकों में उपचार करा रहे हैं। एक शिकायत के बाद जिला मलेरिया अधिकारी एआर मरावी ग्राम उमरिया पहुंचे और उन्होंने वहां जायजा लिया। ग्रामीणों की शिकायत है कि यहां मैदानी स्वास्थ्य अमला नदारद रहा है। जिससे व्यवस्थाएं बिगडी हैं।
इनका कहना है...
ग्राम मुराछ में ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ गया था जिसे सुधारा जा रहा है जल्द ही बिजली व्यवस्था ठीक हो जाएगी। विभाग का अमला अभी गांव में ही कार्य कर रहा है।
एके सोनी, कार्यपालन यंत्री