
नरसिंहपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार का कहर है। बुखार वायरल है या मलेरिया या फिर डेंगू, इसे लेकर अनिश्चितता बनी है। चीचली, तेंदूखेड़ा समेत अनेक ग्रामीण क्षेत्रों के बाद मुख्यालय से 15 किमी दूर ग्राम मुराछ में दर्जनों ग्रामीण बीमारी से ग्रस्त हैं। ग्राम मुराछ में दो लोगों की मौत डेंगू के प्रकोप से बताई जा रही है। ग्रामीणों की मौत का स्वास्थ्य महकमा पुष्टि तो कर रहा है, लेकिन यह कहकर पल्ला झाड़ रहा है कि मौत का कारण डेंगू है या नहीं।
चीचली-तेंदूखेड़ा, कान्हरगांव के बाद ग्राम मुराछ में बुखार का कहर है। बुखार से गांव का गांव बीमार है। शायद ही कोई ऐसा घर बचा हो, जहां कोई बीमार न हो। मुराछ के ग्रामीणों के अनुसार पिछले एक पखवाड़े से लगातार बुखार के कहर ने 2 ग्रामीणों चोखेलाल पिता सुखलाल लोधी 35 वर्ष तथा सुनील पिता महेश लोधी 27 वर्ष की जान ले ली। स्वास्थ्य महकमा मौत की पुष्टि कर रहा है, लेकिन दबे पैर कह रहा है कि डेंगू है कि नहीं, इसका परीक्षण कराया जाएगा।
बकौल सीबीएचएमओ डॉ.चौ.वीरेन्द्र सिंह एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीपी नेमा, यह सही है कि ग्राम मुराछ में बहुत लोग बीमार हैं। दो लोगों की मौत हुई है, उनकी मौत डेंगू से हुई है या किसी बीमारी से, इसका परीक्षण कराया जा रहा है। दोनों चिकित्सक शनिवार 20 सितंबर को अपरांह ग्राम मुराछ पहुंचे थे, उस वक्त नईदुनिया की टीम ग्रामीणों से हाल-चाल पूछ रही थी, तब ही आए चिकित्सकों ने बताया कि 9 सितंबर को स्वास्थ्य शिविर लगाकर डेगूं, मलेरिया व अन्य रोगों के बचने
के उपाय बताए गए थे। शिविर में 200 लोगों का परीक्षण किया गया था और पुनः शिविर लगाया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि कई का इलाज नरसिंहपुर, जबलपुर व नागपुर में निजी अस्पतालों में चल रहा है। कुछ लोग 5-10 प्रतिशत पर कर्ज लेकर और जेवर बेचकर जबलपुर व नागपुर में इलाज करा रहे हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं जिनका पूरा का पूरा परिवार डेगूं की चपेट में हैं। ग्राम के पूर्व सरपंच सुवई पटैल, पंच हीरालाल सेन, छत्तर सिंह पटैल, मोहन सिंह, गौतम पटैल, टावल सिंह, सरपंच एकम सिंह पटैल आदि के अनुसार गांव की टंकी बंद करा दी गई है, वहां का पानी प्रदूषित है। कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों जो शिविर लगाया था, उसमें कुछ गोलियां दीं, जिसका रिएक्शन हो रहा है, मुंह में सूजन आ रही है। गांव में जगह-जगह गंदगी और मच्छरों की फौज है।
डेंगू की बात शासन-प्रशासन के ध्यानाकर्षण के लिए
मौसम की वजह से सब जगह वायरल फीवर की समस्या है, जिसे डेंगू इसलिए कहा जा रहा है कि उसके जरिए शासन-प्रशासन का ध्यानाकर्षित कराया जा सके। जिन 2 लोगों की मौत हुई, उसमें एक की मौत ब्रेन हेमरेज के कारण बताई गई है, दूसरा शायद एक्सीडेंट से। वहां ब्लाक की टीम भी गई थी। सोमवार को वहां जिला स्तर से भी एक टीम जाएगी। चीचली तरफ भी ज्यादा बुखार की शिकायते हैं।
एआर मरावी, जिला मलेरिया अधिकारी नरसिंहपुर