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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सोयाबीन बीज की कमी से बोवनी की चिंता

मौसम विभाग की मानें तो मानसून जल्द ही जिले में दस्तक देगा। इसको लेकर किसान खरीफ फसल की बोवनी की तैयारी में लग गए हैं। जिले में इस वर्ष 125 हजार हेक्टे...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Sun, 13 Jun 2021 08:43:01 PM (IST)Updated Date: Sun, 13 Jun 2021 08:43:01 PM (IST)
सोयाबीन बीज की कमी से बोवनी की चिंता

नीमच (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मौसम विभाग की मानें तो मानसून जल्द ही जिले में दस्तक देगा। इसको लेकर किसान खरीफ फसल की बोवनी की तैयारी में लग गए हैं। जिले में इस वर्ष 125 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी की जाएगी लेकिन अब तक सोयाबीन का बीज नहीं मिल रहा है। किसान राजस्थान से महंगा बीज लाने को मजबूर हैं।

उल्लेखनीय है कि जिले में दो वर्ष से सोयाबीन की पैदावार नहीं के बराबर हुई है। किसानों को सोयाबीन बोवनी की लागत भी नहीं मिल पा रही है। वर्ष 2019 में अधिक वर्षा से सोयाबीन की फसल खराब हो गई थी। इससे किसानों को शत-प्रतिशत नुकसान हुआ था वहीं सरकार ने भी इसे पूर्ण नुकसान माना था। वहीं वर्ष 2020 में जिले में अल्पवर्षा हुई। इससे जिले में सोयाबीन की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिल सका। इसका सीधा असर पैदावार पर पड़ा। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में सोयाबीन की पैदावार हुई वह भी नहीं के बराबर रही। साथ ही सोयाबीन के दाने छोटे-छोटे रह गए। इससे उन्हें बीज के रूप में उपयोग में नहीं लिया जा सकता जिससे सोयाबीन का टोटा पड़ा हुआ है। किसान राजस्थान से महंगा बीज खरीदकर ला रहे हैं।


कृषि विभाग की मानें तो इस वर्ष 125 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी की जाएगी। इसके लिए करीब 30 हजार क्विंटल बीज की आवश्यकता है। वहीं कृषि विभाग की मानें तो शासकीय व निजी क्षेत्र में 24 हजार 820 हजार क्विंटल बीज उपलब्ध है। किसान अच्छी क्वालिटी का बीज खरीदने के लिए 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल चुका रहे हैं। इसके बावजूद इसके किसानों को सोयाबीज का बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। नयागांव के किसान भेरूलाल मालवीय ने बताया कि दो वर्ष से सोयाबीन की पैदावार हीं नहीं हुई है। इससे सोयाबीन का टोटा है। किसान राजस्थान से 10 हजार रुपये क्विंटल के भाव से बीज ला रहे हैं वहीं जिले में भी जो लोग बीज बेच रहे हैं वे भी 10 हजार रुपये के भाव से बेच रहे हैं।

वर्षवार सोयाबीज की बोवनी लक्ष्‌य

वर्ष रकबा

2019 128.22

2020 128.56

2021 125

(जानकारी कृषि उप संचालक के जिला कार्यालय से प्राप्त, रकबा प्रति हजार हेक्टेयर)

शासकीय समितियों में सोयाबीन उपलब्ध नहीं

* किसानों को शासकीय समितियों के माध्यम से खाद व बीज उपलब्ध कराया जाता है। अभी जिले की शासकीय समिति की दुकानों पर सोयाबीन का बीज उपलब्ध नहीं है। विभाग को सोयाबीन बीज की डिमांड भेज दी गई है।-रामप्रसाद नागदा, जिला सहकारी समिति प्रबंधक

*इस वर्ष करीब 125 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी होगी। इसके लिए जिले में करीब 30 हजार क्विंटल बीज की आवश्यकता है। शासन को डिमांड भेज दी गई है। जिले में शासकीय व निजी क्षेत्र में मिलाकर करीब 24 हजार 820 क्विंटल बीज उपलब्ध है।-एसएस चौहान, कृषि उप संचालक