• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • पन्ना

ट्रैक्टर छोड़ने के बदले मांगी थी ₹35,000 की रिश्वत, अब कोर्ट ने सुनाई 5 साल की कैद, ₹25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया

पन्ना के गुनौर में तैनात रहे पूर्व नायब तहसीलदार रविशंकर शुक्ला और उनके चौकीदार देवीदयाल दहायत को कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में 5-5 साल की सजा सुना...और पढ़ें

By Ajay GolhaniEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 06:35:06 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 06:35:06 PM (IST)
ट्रैक्टर छोड़ने के बदले मांगी थी ₹35,000 की रिश्वत, अब कोर्ट ने सुनाई 5 साल की कैद, ₹25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया

HighLights

  1. 5 साल पहले ट्रैक्टर छोड़ने के बदले घूस मांगने का मामला
  2. रिश्वतखोर पूर्व तहसीलदार और मददगार चौकीदार को जेल
  3. पूर्व नायब तहसीलदार और चौकीदार को 5-5 साल की सजा

नईदुनिया प्रतिनिधि, पन्ना। पन्ना के गुनौर में तैनात रहे पूर्व नायब तहसीलदार रविशंकर शुक्ला और उनके चौकीदार देवीदयाल दहायत को कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में 5-5 साल की सजा सुनाई है। शुक्रवार को विशेष अदालत ने इन दोनों पर जुर्माना भी लगाया है। यह पूरा मामला एक जब्त ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले घूस मांगने का है।

मिट्टी ले जा रहे ट्रैक्टर को रोककर मांगी थी घूस

सरकारी वकील मानवेंद्र सिंह ने बताया कि यह बात साल 2020 की है। सिली गांव के बृजबिहारी प्रजापति अपने खेत से ईंट बनाने की मिट्टी ट्रैक्टर में भरकर ले जा रहे थे। तभी प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ल ने उनका ट्रैक्टर रोककर उसे जब्त कर लिया और थाने में खड़ा करवा दिया।


इसके बाद ट्रैक्टर छोड़ने के बदले तहसीलदार ने बृजबिहारी से 35,000 रुपए की घूस मांगी। लेकिन बृजबिहारी घूस देने के मूड में नहीं थे और वे इस भ्रष्ट अधिकारी को सबक सिखाना चाहते थे।

लोकायुक्त पुलिस ने बिछाया जाल, रंगे हाथों पकड़ाए

पीड़ित ने इसकी शिकायत तुरंत सागर लोकायुक्त पुलिस से कर दी। योजना के तहत 35,000 रुपए में बात तय हुई, जिसमें से 10,000 रुपए पीड़ित ने पहले ही दे दिए थे। बाकी बचे 25,000 रुपए लेकर जब पीड़ित तहसीलदार के सरकारी घर पहुंचा तो तहसीलदार ने ये पैसे अपने पास खड़े चौकीदार देवीदयाल को देने को कहा। जैसे ही पैसों का लेनदेन हुआ, वहां पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने छापा मारकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया और उनसे घूस के नोट जब्त किए।

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में जुलाई-अगस्त में हो सकता है TET, डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों को देना पड़ सकता है एग्जाम

कोर्ट ने सुनाई कड़े जुर्माने और जेल की सजा

इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र मेश्राम की अदालत में हुई। कोर्ट में सरकारी वकील ने पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए जिसके आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।

पूर्व तहसीलदार रविशंकर शुक्ला को कोर्ट ने भ्रष्टाचार कानून की अलग-अलग धाराओं में 3 साल और 5 साल की जेल की सजा सुनाई। साथ ही कुल 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया। चौकीदार देवीदयाल दहायत को घूसखोरी में साथ देने के लिए 5 साल और 3 साल की जेल की सजा मिली, साथ ही उन पर भी कुल 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।