
नईदुनिया न्यूज पन्ना। जिले में हो रही मूसलाधार बारिश से किलकिला नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से धाम मोहल्ला के निचले इलाकों, खेतों और मकानों में भारी जलभराव हो गया। वहीं पवई मध्यम सिंचाई परियोजना बांध में पानी की आवक तेज होने से बांध के गेट खोल दिए गए हैं। बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद डाउनस्ट्रीम के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
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पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया और कुशवाहा परिवार सहित कई लोग अपने ही घरों की छतों पर रात भर फंसे रहने को मजबूर हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।नदी के तेज बहाव और खेतों में लगे कंटीले तारों के कारण बोट चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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जान जोखिम में डालकर एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

एसपी निवेदिता नायडू ने बताया कि सभी प्रभावितों को सकुशल निकाल लिया गया है। अब मुख्य ध्यान उनके पुनर्वास तथा राहत सामग्री पहुंचाने पर है। स्थानीय निवासियों और पार्षद प्रतिनिधि (वार्ड क्र. 9) नीरज कुमार लोधी ने समय पर पहुंची पुलिस व एसडीआरएफ टीम के इस त्वरित और सराहनीय कार्य का धन्यवाद किया है।
देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र के गढ़ीपड़रिया गांव में गुरुवार को 14 साल का दिव्यांशु शुक्ला नाले के तेज बहाव में बह गया। यह घटना मंदिर घाट के पास हुई। हादसे के समय मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने दिव्यांशु को बचाने की कोशिश की। हालांकि नाले में पानी का बहाव बहुत तेज था।
बारिश के कारण जलस्तर भी काफी बढ़ गया था जिससे बच्चा उनकी नजरों से ओझल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही देवेंद्रनगर थाना प्रभारी संतोष यादव, तहसीलदार,नायब तहसीलदार और ककरहटी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें ग्रामीणों के साथ मिलकर नाले के आसपास तलाश कर रही है।नाले में पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण गोताखोरों को उतारने में परेशानी हो रही है। प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम को बुलाया है। एसडीआरएफ टीम के आने के बाद नाले के निचले हिस्से और गहरे पानी में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पहले गेट क्रमांक 3, 4, 5, 6 और 7 को 1-1 मीटर खोला गया था, जिससे 424.56 क्यूमेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। पानी की आवक और बढ़ने पर गेट क्रमांक 2 और 8 को भी 30-30 सेंटीमीटर खोला गया है। अब बांध से कुल 475.15 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
अनुविभागीय अधिकारी सौर श्रीवास्तव ने बताया कि बांध के डाउनस्ट्रीम में आने वाले सभी गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। नदी किनारे बसे निचले इलाकों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने और नदी के आसपास न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा है।
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