उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की, पुलिस ने अश्रु गैस के गोले दागे

फोटो क्र. 29 आरएसएन 01

गैरतगंज। आगजनी की घटनाओं के बाद बाजार में तैनात पुलिस बल।

गैरतगंज/रायसेन (ब्यूरो)। जिले के गैरतगंज में सोमवार की दोपहर तनाव के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया। शहर में सुबह कुछ घरों में पशु का मांस मिलने के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए और तोड़-फोड़ शुरू कर दी। देखते ही देखते दहशत का माहौल बन गया। प्रशासन ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए पहले धारा 144 लागू की और बाद में हालात बेकाबू होने पर कर्फ्यू लगा दिया। पुलिस ने शाम तक करीब 15 लोगों को पशु वध और तोड़-फोड़ करने के मामले में गिरफ्तार किया है।

शहर के कसाई मोहल्ले के कुछ घरों में लोगों को प्रतिबंधित पशुवध की जानकारी मिली थी। इस पर एक पक्ष के लोग एकत्र होकर मोहल्ले में पहुंच गए और घरों की तलाशी शुरू कर दी। मामले की सूचना पर जब तक प्रशासन और पुलिस का अमला पहुंचता कई घरों से मांस जब्त किया जा चुका था। इसके बाद ही दोनों पक्षों द्वारा मारपीट और तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। हालात बिगड़ते देख शहर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर कलेक्टर जेके जैन और एसपी दीपक वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने अश्रु गैस के गोले दागे धारा 144 लागू कर दी गई। बाद में हालात नहीं सुधरने पर कलेक्टर ने कर्फ्यू लगा दिया।

सागर, भोपाल से गया फोर्स

पुलिस मुख्यालय में मामले की समीक्षा के बाद डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर मकरंद देउस्कर के निर्देश पर सागर और भोपाल रेंज से स्पेशल आर्म्ड फोर्स की एक-एक कंपनी गैरतगंज पहुंचाई गई है। डीआईजी देउस्कर ने रायसेन एसपी दीपक वर्मा को मंगलवार सुबह हालात की समीक्षा के बाद कर्र्फ्यू में आंशिक राहत देने कहा है। साथ ही संबंधित सभी आरोपियों पर मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

मंडल अध्यक्ष का भी नाम

इस मामले में भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा मंडल अध्यक्ष व नगर पंचायत पार्षद अकरम कुरैशी का नाम भी सामने आया है। एसपी वर्मा ने बताया कि कुरैशी के खिलाफ पशुवध का मामला दर्ज करने के आदेश थाना प्रभारी को दिए गए हैं, लेकिन थाना प्रभारी ने देर शाम तक मामला दर्ज होने या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की।

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