रायसेन (नवदुनिया प्रतिनिधि)।
जिले के ग्यारह में से आठ नगरीय निकायों में भाजपा ने अपने अध्यक्ष व उपाध्यक्ष प्रत्याशियों को विजयी दिलाने में सफलता हासिल की है। अब शेष तीन निकायों गैरतगंज, सुल्तानपुर और बरेली में दस अगस्त को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पदों के लिए निर्वाचन होना है। भाजपा को सिलवानी में अपने दो पार्षदों के भितरघात व सांची में अध्यक्ष पद पर अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़कर जीतने वाले बागी उम्मीदवार का सामना करना पड़ा है। सबसे बड़ी चुनौती गैरतगंज नगर परिषद में है। यहां कुल 15 में से भाजपा के मात्र तीन पार्षद चुनाव जीते हैं। हालांकि कांग्रेस के भी तीन ही पार्षद विजयी हुए हैं, लेकिन निर्दलीय निर्वाचित नौ पार्षद दोनों दलों में से किसी के भी समर्थन से नगर सरकार बनाने में सक्षम है। अब यह राजनीतिक क्षमता का परीक्षण है कि कौन सा दल इन निर्दलीयों को अपनी ओर आकर्षित करते हुए नगर सरकार बनाएगा। अन्यथा निर्दलीयों को ही समर्थन देकर नगर में समर्थित परिषद होने का संतोष करना पड़ेगा। दूसरी चुनौती सुल्तानपुर नगर परिषद में भी है। यहां पर भाजपा व कांग्रेस के छह-छह पार्षद हैं और तीन निर्दलीय विजयी हुए हैं। राजनीतिक कौशल यहां भी नगर सरकार बनाने में दिखाना पड़ेगा। बरेली नगर परिषद में भाजपा के बहुमत में पार्षद विजयी हुए है, लेकिन स्थानीय विधायक कांग्रेसी होने के कारण भाजपा प्रत्याशियों की अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों पर जीत आसान नहीं होगी।
- सामाजिक समीकरण प्रभावित कर सकते हैं परिणाम
गैरतगंज। नगर परिषद चुनावों एवं परिणाम घोषणा के बाद नपाध्यक्ष की ताजपोशी का फैसला पार्षदों के मतदान के बाद बुधवार को पूरा होगा। किसके सिर नपाध्यक्ष का ताज सजेगा उसके लिए 9 निर्दलीय एवं 3-3 भाजपा कांग्रेस के पार्षद फैसला करेंगे। पार्षदों के सामाजिक समीकरण नप अध्यक्ष व उपाध्यक्ष निर्वाचन के परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
नगर परिषद गैरतगंज के लिए तीसरी पंचवर्षीय में नया अध्यक्ष 10 अगस्त को मिलेगा। नपाध्यक्ष एवं नपा उपाध्यक्ष के चुनावों की तैयारियां प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई है। बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में चुनाव सम्पन्ना कराए जाएंगे। इसके पूर्व चुनावों में नगर की जनता ने दोनों ही राष्ट्रीय दल भाजपा एवं कांग्रेस को नकारकर निर्दलीय पार्षदों में ज्यादा भरोसा जताया था। परिणाम भी निर्दलीय प्रत्याशियों के पक्ष में सामने आए। परिणामों के बाद यह तय माना जा रहा था कि निर्दलीय पार्षद एक होकर अपना अध्यक्ष आसानी से बना लेंगे। परंतु ऐसा नहीं हुआ। भाजपा ही एक मात्र ऐसी पार्टी रही जो नपाध्यक्ष के लिए जोड़तोड़ करती दिख रही है। परिणामों के आते ही निर्दलीय एवं कांग्रेस के कुछ पार्षदों को भाजपा के खेमे में खींचने के लिए भारत दर्शन के लिए भेज दिया गया है। जिसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा से जीतकर आए पार्षद ही नपाध्यक्ष की कुर्सी हांसिल करने में कामयाब होंगे। इसका सबसे बड़ा कारण कांग्रेस ने नपाध्यक्ष पद हांसिल करने के लिए अभी तक कोई जोर आजमाइश नहीं दिखाई है। निर्दलीय परिषद भी एक पक्ष में नहीं आ पाए।
- महिला बनेगी नगर सरकार की मुखिया
सुल्तानपुर। नगर परिषद सुल्तानपुर में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए बुधवार को चुनाव होना है। इस बार अध्यक्ष पद पिछड़ा महिला के लिए आरक्षित है। भाजपा का अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा है। नगर परिषद चुनाव के बाद अगर दोनों ही दलों की बात करें कुल 15 वार्डों की परिषद में तो दोनों ही दलों के पास छह- छह पार्षद और तीन निर्दलीय पार्षद हैं। निर्दलीय पार्षदों में दो भाजपा से बागी हैं व एक कांग्रेस से बागी है। तीनों ही निर्दलीयों के भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद स्थिति भाजपा के पक्ष में स्पष्ट नजर आ रही है। जिसमें भाजपा के पास नौ एवं कांग्रेस के पास छह पार्षद हैं। इससे भाजपा से ही अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनने की स्थिति स्पष्ट नजर आती है। भाजपा से अध्यक्ष पद के लिए विगत दिवस रायशुमारी में तीन नाम सामने आए हैं। इनमें लक्ष्मी हेमराज मीणा वार्ड क्रमांक 14 से प्रमुख दावेदार हैं। भाजपा के बागी उम्मीदवार के रूप में नगर परिषद के दो बार के अध्यक्ष रहे कन्हैयालाल गौर की पत्नी सुंदर बाई और कीर्ति राकेश गौर के नाम भी सामने आए आ रहे हैं। हेमराज मीणा भाजपा से सुल्तानपुर मंडल अध्यक्ष का दायित्व संभाल रहे हैं। दो बार श्री हिंदू उत्सव समिति के नगर अध्यक्ष रहे हैं। कन्हैयालाल गौर नगर परिषद के दो बार अध्यक्ष रहे हैं। जबकि पार्षद राकेश गौर ने युवाओं में अपनी लोकप्रियता बढ़ाई है जिसका फायदा उन्हें पत्नी कीर्ति गौर को अध्यक्ष पद के निर्वाचन में मिल सकता है।