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रायसेन में टैक्स वसूली के लिए नपा ने बजाए ढोल; भड़के लोगों ने पूछा- सड़कों के गड्ढों और गंदे पानी का हिसाब कौन देगा?

रायसेन नगर पालिका की 30 कर्मचारी बाजार में ढोल बजाकर बकाया किराया और टैक्स वसूलने निकले तो जनता ने विकास कार्यों में कमियां गिना दीं।

By Ambuj MaheshwariEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 06:03:57 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 06:03:57 PM (IST)
रायसेन में टैक्स वसूली के लिए नपा ने बजाए ढोल; भड़के लोगों ने पूछा- सड़कों के गड्ढों और गंदे पानी का हिसाब कौन देगा?
रायसेन नगर पालिका की कर्मचारियों की टीम ने बाजार में ढोल बजाकर बकाया किराया और टैक्स वसूला। नईदुनिया।

HighLights

  1. रायसेन नगर पालिका के कर्मचारियों ने बाजार में ढोल बजाकर टैक्स वसूला
  2. नागरिकों ने सड़कों में गड्ढे, गंदा पानी, कचरे के ढेर और नालियों की समस्या गिनाईं
  3. विकास कार्यों पर जनता के सवाल, नपा की दुकानों की खरीद-बिक्री की जांच की मांग

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायसेन। नगर पालिका रायसेन ने गत दिवस टैक्स वसूली के लिए जो तरीका अपनाया, वह अब उसी पर भारी पड़ गया है। सीएमओ सुरेखा जाटव के नेतृत्व में 30 कर्मचारियों की टीम ने शहर के बाजार में ढोल-नगाड़े बजाकर दुकानदारों से बकाया किराया और टैक्स वसूला। कार्रवाई में कुछ दुकानें सील भी की गईं और नोटिस चिपकाए गए।

नपा का दावा है कि 113 दुकानदारों पर करीब 3 करोड़ रुपये बकाया है और कई बार नोटिस के बाद यह कदम उठाया गया। पहले दिन 5 लाख की वसूली हुई। लेकिन ढोल की इस आवाज ने शहर की जनता की नींद नहीं, बल्कि गुस्सा जगा दिया है।


जनता ने पूछे सवाल

जनता का सीधा सवाल है कि टैक्स देना नागरिक का कर्तव्य है तो विकास देना क्या नगर पालिका की जिम्मेदारी नहीं है? शहर के वार्डों में कचरे के ढेर लगे हैं, सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, नल समय पर नहीं आते, नालियां चौक हैं। मिश्र तालाब की सफाई पर लाखों रुपये खर्च दिखा दिए गए, लेकिन तालाब आज भी गंदगी से पटा है।

जब जनता ने खुद सफाई का बीड़ा उठाया तो अधिकारी श्रेय लेने पहुंच गए। ऐसे में जनता का तंज है कि विकास नहीं तो टैक्स क्यों? और अगर टैक्स के लिए ढोल बज सकता है तो विकास नहीं होने पर जनता भी ढोल बजाएगी।

वसूली का शर्मनाक तरीका, सम्मान पर चोट

नागरिकों का कहना है कि बकाया वसूलना प्रशासन का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक रूप से ढोल बजाकर, नाम उजागर कर अपमानित करना कौन सा तरीका है? यह वसूली नहीं, प्रताड़ना है। दुकानदार टैक्स देने से मना नहीं कर रहे, वे हिसाब मांग रहे हैं। सोशल मीडिया पर सीएमओ और नपा टीम जमकर ट्रोल हो रही है।

लोगों ने लिखा है कि पहले सड़क बनवाओ, पानी दो, कचरा उठवाओ फिर ढोल बजाओ। जनता ढोल से नहीं डरेगी। एक और बड़ा सवाल दुकानों की बिक्री पर उठ रहा है।

लोगों का आरोप है कि नपा की दुकानों में बड़ा गोलमाल है। एक-एक व्यक्ति के पास कई-कई दुकानें हैं। खरीदता कोई और है, पूरी राशि जमा होने से पहले ही ऊंचे दामों पर बेच दी जाती हैं। इस पूरे खरीद-फरोख्त की जांच होनी चाहिए। टैक्स वसूली से पहले नपा अपने ही भ्रष्टाचार पर ढोल क्यों नहीं बजाती?

- क्या है नगर पालिका की असली जिम्मेदारी?

टैक्स लेना ही काम नहीं

नगर पालिका अधिनियम के तहत नपा की पहली जिम्मेदारी शहर में बुनियादी सुविधाएं देना है, टैक्स वसूलना बाद में आता है।

- मूलभूत सुविधाएं: हर वार्ड में साफ पीने का पानी, समय पर नल, पक्की सड़क, स्ट्रीट लाइट, नाली और नियमित कचरा उठाना।

- स्वच्छता और स्वास्थ्य: शहर की सफाई, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों का रखरखाव, मच्छर-बीमारी से रोकथाम।

- जनसुविधाओं का विकास: बाजार, पार्क, सामुदायिक भवन, शौचालय और अतिक्रमण से मुक्ति।

- पारदर्शिता: बजट का सही उपयोग और जनता के पैसे का हिसाब देना।

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विकास से जुड़े कामों पर नपा विफल

रायसेन में जनता का आरोप है कि नपा इन चारों मोर्चों पर फेल है। टैक्स और किराए की राशि से शहर का विकास और कर्मचारियों को सैलरी देनी है, यह सीएमओ का बयान है, लेकिन जनता पूछ रही है कि 3 करोड़ बकाया तो दुकानदारों पर है, जो पैसा पहले जमा हुआ वह कहां गया?

सड़कों के गड्ढे क्यों नहीं भरे? नल में गंदा पानी क्यों आ रहा है? ढोल बजाकर टैक्स वसूलने की यह कार्रवाई अब जन-आक्रोश में बदल गई है। जनता ने चेतावनी दी है कि अगर विकास नहीं हुआ तो अगला ढोल नगर पालिका के सामने जनता बजाएगी।