
रायसेन (ब्यूरो)। शहर में शुक्रवार रात दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद बिगड़ी फिजा में नफरत का ऐसा जहर घुला कि दूसरे दिन भी लोगों को कर्फ्यू के साए में रहना पड़ा। शनिवार को स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन तनाव बरकरार रहने से प्रशासन ने कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी। शुक्रवार रात उपद्रव करने वाले 27 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। होशंगाबाद रेंज के आईजी रायसेन में ही कैंप किए हुए हैं।
शहर के चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस के जवान स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वहीं, पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों की गाड़ियां भी पूरे दिन शहर के चक्कर लगाती रहीं। शहर में दूसरे दिन भी कर्फ्यू में ढील नहीं दिए जाने से लोग घरों में कैद रहने को विवश रहे। कर्फ्यू के चलते लोग रोजमर्रा की जरूरी चीजें खरीदने से वंचित रहे। शहर में न तो लोगों को दूध और सब्जी मिली और न ही अखबार बंटे। बाजारों में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। लोग अपने घरों की खिड़की दरवाजों की ओट से बाहर का नजारा देखते रहे। दिन भर शहर की सड़कों पर सिर्फ पुलिस की गाड़ियों के सायरन की आवाज गूंजती रही।
तबाही के दिखे मंजर
बीती रात हुए उपद्रव के बाद शहर में आज जगह-जगह तबाही के मंजर नजर आए। महामाया चौक, इंडियन चौराहा, सागर तिराहे सहित कई जगह उपद्रवियों के पथराव से क्षतिग्रस्त वाहन नजर आए। वहीं कई दुकानों को आग में फूंके जाने के बाद उनकी स्थिति घटना की भयावहता को बयां कर रही थी। शहर की कई सड़कों पर बिछे पत्थर उपद्रवियों द्वारा मचाए गए उत्पात की गवाही दे रहे थे।
बंद रहे कार्यालय, वाहन भी नहीं चले
शहर में कर्फ्यू के चलते शासकीय कार्यालयों में ताले लटके रहे। उधर स्कूल, कॉलेजों में छुट्टी घोषित किए जाने से वहां सन्नाटा छाया रहा। कई लोगों को कर्फ्यू की जानकारी नहीं होने से वह शासकीय कामकाज के चक्कर में रायसेन आ गए, जब उन्हें यहां आकर कर्फ्यू की जानकारी लगी तो वह बैरंग लौट गए। कर्फ्यू में ढील नहीं दिए जाने से विदिशा-रायसेन मार्ग पर यात्री वाहन नहीं चले। जबकि सागर-भोपाल मार्ग पर चलने वाले वाहनों को पुलिस ने रायसेन में स्टापेज की अनुमति नहीं दी। इन वाहनों को रायसेन से सीधे गंतव्य के लिए रवाना होने की छूट रही।
स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाईं
जिला चिकित्सालय में शनिवार को कर्फ्यू का पूरा असर देखने को मिला। कर्फ्यू के कारण डॉक्टरों के अस्पताल नहीं पहुंचने की वजह से आपात कालीन स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गईं। सिर्फ दो डॉक्टर पूरे दिन अस्पताल में व्यवस्था संभालने में जुटे रहे। जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के चलते एक महिला की अस्पताल के गेट पर ही डिलेवरी हो गई। हालांकि बाद में आनन-फानन में महिला को प्रसूति वार्ड में शिफ्ट कराया गया। इसके अलावा और भी कई मरीजों को दिनभर अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा।
27 लोग पुलिस हिरासत में
शहर में उपद्रव फैलाने के आरोप में दोनों पक्षों के 27 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश वैश्य ने बताया कि एहतियात के तौर पर पूरे शहर में पुलिस बल तैनात है। फिलहाल कर्फ्यू में राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने पुलिस फायरिंग में युवक की मौत को अफवाह बताते हुए कहा कि रात में हुए विवाद में किसी की भी मौत नहीं हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
पुलिस छावनी बना शहर
शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का कड़ा पहरा बैठा दिया गया है। पूरे शहर में तीन सौ से अधिक पुलिस जवान तैनात हैं। इसके अलावा एसटीएफ, आरएएफ और आरपीआई की एक-एक कंपनी स्थिति पर नजर रखे हुए है। शहर के अति संवेदनशील स्थानों पर सख्त पहरा है। वहीं धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी पुलिस को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा शहर की शांति भंग करने वालों पर पूरी नजर रखी जा रही है। शुक्रवार की रात उपद्रव फैलाने वालों को पुलिस ने घर से उठाना शुरू कर दिया है। पुलिस को उपद्रव फैलाने वाले लोगों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यासागरजी वनगंवा में करेंगे रात्रि विश्राम
रायसेन में तनाव के बाद सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने जैन समाज के संत आचार्य विद्यासागरजी महाराज को यहां से छह किमी दूर पैमत गांव में रोक दिया ।शनिवार शाम को वे वनगंवा आ गए हैं। आचार्यश्री का रात्रि विश्राम वनगंवा में ही होगा। उल्लेखनीय है कि आचार्य विद्यासागरजी को रायसेन होते हुए विदिशा गमन करना था, लेकिन बीती रात हुए उपद्रव के बाद प्रशासन को आचार्यश्री को रोकना मजबूरी बन गया। मौजूदा हालातों को देखते हुए प्रशासन को कर्फ्यू के बीच आचार्यश्री को विदिशा गमन कराना चुनौती साबित हो रहा है।
अफवाहों से परेशान प्रशासन
शहर में तनाव के बाद पल-पल पर फैल रहीं अफवाहों से प्रशासन परेशान है। शनिवार की शाम को भी महामाया चौक पर गोली चलने जैसा धमाका होने पर तत्काल ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी वहां जमा हो गए। एडीएम आरएस अगस्थी और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। जांच में क्या निकला यह बात अधिकारी बताने से बचते रहे। उधर,उपद्रव में कुछ लोगों के मारे जाने और गिरफ्तारी को लेकर भी दिनभर तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिलती रहीं। अफवाहों के चलते प्रशासन को स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
घरों में की इबादत
कर्फ्यू में रियायत नहीं मिलने से शनिवार को भी कर्फ्यू जारी रहा। मुस्लिम धर्मावलंबी घरों से नहीं निकल पाए, ऐसे में उन्हें रमजान माह की इबादत घरों में ही करना पड़ी। रमजान माह के समय शहर की शांति भंग होने को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों का कहना था कि जो भी हुआ अच्छा नहीं हुआ। मुस्लिम समाज के लोगों ने घटना की एक सुर में निंदा करते हुए कहा कि शहर में अमन हरहाल में बरकरार रहना चाहिए। इसी में सभी की भलाई है।
आईजी ने डेरा जमाया
रायसेन में शांति कायम करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए होशंगाबाद रेंज के आईजी अजय शर्मा ने डेरा जमा लिया है। इस दौरान उन्होंने कोतवाली में कलेक्टर जेके जैन के साथ कानून व्यवस्था को लेकर मंथन किया। आईजी ने कुछ हिस्सों में भ्रमण कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश वैश्य से सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों की जानकारी भी ली। आईजी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश वैश्य को स्थिति सामान्य करने के लिए दिशा-निर्देश भी दिए।
कर्फ्यू में फिलहाल ढील नहीं
रायसेन में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन अभी कर्फ्यू में रियायत देने की गुंजाईश नहीं है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जेके जैन, कलेक्टर, रायसेन
स्थिति नियंत्रण में
तनाव के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। कल की घटना को लेकर 27 लोगों को हिरासत में लिया गया है। शहर में पुलिस का कडा पहरा है।
मुकेश वैश्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रायसेन ..........................................