
जिले में एक बार फिर शौचालय घोटाले का मुद्दा सामने आने लगा है। इस बार खुद भाजपा विधायक ने विधानसभा में किए सवाल पर जिले से मिली जानकारी को झूठा बताते हुए कहा है कि जिले में केवल कागजों पर शौचालयों का निर्माण हो रहा है। वास्तव में विभागीय अधिकारियों द्वारा जिन जगहों पर जिले में शौचालय निर्माण होना बताया जा रहा है, हकीकत में वहां कुछ भी नहीं बना है। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की। इस पर पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने उन्हें आश्वस्त किया है कि कागजों पर शौचालय बनाए जाने के मामले की वे भोपाल से अधिकारी भेजकर जांच कराएंगे।
विधानसभा में किया था सवाल
विगत दिवस विधानसभा में उदयपुरा से भाजपा विधायक रामकिशन पटेल ने रायसेन जिले में निर्मल भारत अभियान के तहत हो रही गड़बड़ी को उजागर करते हुए कहा कि उन्होंने सरकार से लिखित में सवाल पूछा था कि कितने शौचालय कहां-कहां बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस सवाल के जवाब में अधिकारियों द्वारा जो जानकारी दी गई, वह पूरी तरह गलत है। उन्होंने विधानसभा में लिखित सवाल में यह आरोप लगाते हुए कहा कि वास्तव में जिन शौचालयों को विभाग बनाना बता रहा है, वे भौतिक रूप से वहां हैं ही नहीं।
टॉयलेट निर्माण में देरी पर 65 पंचायत सचिवों वेतनवृद्घि रोकी
जिले में शौचालय निर्माण का धीमी गति से काम करने वाली 65 ग्राम पंचायतों के सचिवों की वेतनवृद्घि रोक दी गई है और 61 ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन भी रोका गया है। इसके अलावा कई उपयंत्रियों को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वरोचिष सोमवंशी द्वारा नोटिस भी दिए गए हैं। एक तरफ जिले को जून 2016 तक खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है वही दूसरी तरफ एक बार फिर शौचालय निर्माण के नाम पर घोटाला सामने आ रहा है। जिन ग्राम पंचायतों के सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन तथा वेतनवृद्घि रोकी गई है उनमें बेगमगंज जनपद के 12 सचिवों की वेतनवृद्घि रोकी गई है तथा 10 ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन रोका गया है। सांची जनपद के 08 सचिवों की वेतनवृद्घि रोकी गई है तथा 08 ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन रोका गया है। इसी प्रकार गैरतगंज जनपद के 07 सचिवों की वेतनवृद्घि रोकी गई है तथा 07 ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन रोका गया है। बाड़ी जनपद के 13 सचिवों की वेतनवृद्घि रोकी गई है तथा 13 ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन रोका गया है। इसी प्रकार उदयपुरा जनपद के 10 सचिवों की वेतनवृद्घि रोकी गई है तथा 10 ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन रोका गया है। सिलवानी जनपद के 07 सचिवों की वेतनवृद्घि रोकी गई है तथा 07 ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन रोका गया है। औबेदुल्लागंज जनपद के 08 सचिवों की वेतनवृद्घि रोकी गई है तथा 06 ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन रोका गया है।
पांच ग्राम रोजगार सहायकों को एससीएन हुए जारी
शासकीय कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर पांच ग्राम रोजगार सहायकों को संविदा सेवा समाप्ति का कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर तीन दिन में जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। जिन ग्राम रोजगार सहायकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है उनमें उदयपुरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पचामा के ग्राम रोजगार सहायक गजेन्द्र रघुवंशी, ग्राम पंचायत तिखावन के ग्राम रोजगार सहायक शरद चौधरी, ग्राम पंचायत गायव्यान के ग्राम रोजगार सहायक कृष्णपाल सिंह राजपूत, ग्राम पंचायत बींझा के ग्राम रोजगार सहायक यशपाल लोधी तथा ग्राम पंचायत भाड़ौन के ग्राम रोजगार सहायक जयंत लोधी शामिल हैं।
बीते साल प्रदेश में छाया रहा था टॉयलेट घोटाला
ऐसा नहीं है कि जिले में पहली बार टॉयलेट निर्माण के नाम पर घोटाला सामने आ रहा हो। बीते साल भी गर्मियों जिले का टॉयलेट घोटाला प्रदेश भर की सुर्खियों में रहा था। तब भी शासन स्तर से जांच दल भेजकर घोटाले की जांच कराई गई थी जिसमें राज्य एवं केन्द्र सरकार को बने होना बताए गए टॉयलेट से कम संख्या के बने सामने आए थे। जिलेभर में ब्लॉक समन्वयकों सहित कई पंचायत सचिवों पर तब कार्रवाई की गई थी।