
रायसेन। नवदुनिया प्रतिनिधि
जिले में फिर एक बार सहकारिता विभाग में आर्थिक भ्रष्टाचार करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। प्राथमिक सहकारी संस्था मर्यादित खरगौन के प्रबंधक पर किसानों द्वारा जमा की गई 25 लाख रुपये हजम करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। तीन दिन पहले ही सहकारिता के बड़े अधिकारी नारायणसिंह हाड़ा व विपणन सहकारी संस्था उदयपुरा के प्रबंधक रामबाबू शर्मा पर करीब डेढ़ करोड़ का गबन करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। प्राथमिक सहकारी कृषि सहकारी समिति खरगोन में भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। जहां 1 अप्रैल 2018 से 31 जुलाई 2021 तक समिति प्रबंधक रहे प्रमोद आचार्य ने 39 किसानों द्वारा जमा कराई गई कर्ज की राशि 25 लाख 35 हजार 371 रुपये खुद हड़प कर लिए। तत्कालीन शाखा प्रबंधक प्रमोद आचार्य ने ऋण की यह राशि वसूल होने के बाद किसानों को तो रसीद दे दी, परंतु उक्त राशि को बैंक के खाते में जमा नहीं कराया और न ही उसकी इंट्री डिजिटल मेंबर रजिस्टर में अंकित की। ऋण की राशि जमा करने के बाद भी किसान पर कर्ज चढ़ा रहाए जब इस बात उन्हें जानकारी लगी तो किसानों ने कलेक्टर से शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अरविन्द कुमार दुबे ने टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई। जिसमे सामने आया कि किसानों द्वारा जमा कराई गई राशि का प्रबंधक प्रमोद आचार्य ने गबन किया है। प्रबंधक के दोषी पाए जाने पर कलेक्टर ने एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक खरगोन शाखा के प्रबंधक लक्ष्मीनारायण रघुवंशी ने प्रमोद आचार्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने बरेली थाने में आवेदन दिया था। इस आवेदन पर बरेली पुलिस ने सोसायटी प्रबंधक प्रमोद आचार्य के खिलाफ धारा 407, 409 व 420 के तहत धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
- रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को कर दिया 10 लाख भुगतान
हाल ही में सहकारिता विभाग के प्रशासक व विपणन सहकारी संस्था उदयपुरा के प्रबंधक पर 27 अक्टूबर 2021 को डेढ़ करोड़ के गबन में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी प्रकरण में 10 लाख रुपये का फर्जी भुगतान किया गया है। रिटायर्ड उम्र सीमा 62 साल से 70 साल उम्र के कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का भुगतान करना दर्शया गया है। उल्लेखनीय है कि सहकारिता सेक्टर में लंबे समय से बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता होती रही हैए लेकिन कड़ी कार्रवाई नहीं कि गई पहली बार कलेक्टर अरविंद दुबे द्वारा दोषियों पर एफआईआर जैसी सख्त कार्रवाई की जा रही है।
प्रबंधक ने हड़पी किसानों की राशि
सहकारी समिति के सदस्य 39 किसानों ने करीब 25 लाख 35 हजार 371 रुपए की राशि 2018 से 2021 की अवधि के बीच तत्कालीन प्रबंधक प्रमोद आचार्य के माध्यम से जमा कराई थी। लेकिन वह किसानों के खाते में जमा नहीं हुई और किसान कर्जदार बने रहे। जिसकी शिकायत उन्होंने कलेक्टर से की थी। कलेक्टर के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के बाद दोषी प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
- पुष्पेंद्र कुशवाहा, उपयुक्त सहकारिता रायसेन।
बख्शा नहीं जाएगा
खरगोन सोसायटी के तत्कालीन प्रबंधक प्रमोद आचार्य द्वारा किसानों के साथ धोखाधड़ी करने पर एफआईआर कराई गई है। जिले में गबन के पुराने मामलों की भी जांच करवाई जा रही हैप् इनमें जो भी दोषी होगा उन्हें बख्शेंगे नहीं।
-एनयू सिद्धीकी, सीईओ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायसेन।