
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़। तमनार तहसील गारे पेलमा-1 कोयला खदान के लिए आयोजित जनसुनवाई के विरोध में धरने प्रदर्शन के दौरान 27 दिसंबर को पुलिस के साथ झड़प हो गई थी। आलम यह रहा कि सप्ताह भर बाद एक वीडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल होने से समूचा जिला शर्मसार हो गया, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी लोगों ने अमानवीय कृत्य करते हुए महिला आरक्षक से बदसलूकी करते हुए वर्दी को फाड़कर अर्धनग्न कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने दो आरोपित को गिरफ्तार की हैं।
दरअसल 8 दिसंबर को आयोजित जनसुनवाई को ग्रामीणों ने फर्जी बताया। दो दिन बाद प्रभावित 14 गांव के ग्रामीण आंदोलन का शंखनाद कर दिए। लिबरा सीएचपी चौक में धरने में बैठ गए। इस बीच यहां एकाएक विरोध बढ़ गया, पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प की स्थिति निर्मित हो गई। मारपीट, आगजनी की गई। इसी बीच कानून व्यवस्था के लिए तैनात महिला आरक्षक को कुछ लोगों ने दौड़ाकर मारपीट की।
जब महिला आरक्षक जान बचाने के लिए भागने लगी और खेत मे गिर गई तो उसके साथ अमानवीय कृत्य करते हुए उसके वर्दी को फाड़ दिया गया। पीड़िता हाथ जोड़कर माफी मांगने लगी, रोने लगी पर उन कोई फर्क नही पड़ा, गालियों की बौछार करते रहे। इस घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। उक्त शर्मसार करने वाली घटना का कुछ प्रदर्शनकारियों ने वीडियो तक बनाते रहे। यहां यह भी बताया जाना लाजमी होगा कि उसी दिन क्षेत्र की महिला थाना प्रभारी कमला पुसाम, समेत दर्जनों पुलिसकर्मियों से मारपीट किया गया था, कुछ पुलिसकर्मी चोटिल भी हो गए।
इसके अलावा पुलिस व अन्य वाहनों में आग भी लगाया गई। जिंदल प्लांट के अंदर प्रवेश कर कोल हैंडलिंग को आग के हवाले कर दिया गया था। बहरहाल इस संवेदनशील मामले में पुलिस ने सख्ती करते हुए प्रसारित वीडियो के आधार दो लोगों को शील भंग, लूट हत्या का प्रयास जैसे गंभीर धारा गिरफ्तार किया गया है जबकि फरार आरोपितों को खोजबीन की जा रही है।
तमनार कानून व्यवस्था की स्थिति बनी हुई थी इस दौरान घृणित अमानवीय प्रकरण सामने आया था, इसमें तत्काल गंभीर धारा में अपराध दर्ज किया गया है। दो लोगों की गिरफ्तारी की गई। फरार लोगों की वीडियो व अन्य माध्यम से खोजबीन की जा रही है- दिव्यांग पटेल, पुलिस अधीक्षक रायगढ़।