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271 में से 50 से ज्यादा आंगनबाड़ियों में मीटर लगने के बाद भी बिजली नहीं, भीषण गर्मी में तप रहे बच्चे

भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए बच्चों को राहत देने के लिए सभी शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक कक्षाएं ग्रीष्मकालीन सत्र से बंद...और पढ़ें

By Pradeep JainEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Fri, 08 May 2026 08:16:56 PM (IST)Updated Date: Fri, 08 May 2026 08:16:56 PM (IST)
271 में से 50 से ज्यादा आंगनबाड़ियों में मीटर लगने के बाद भी बिजली नहीं, भीषण गर्मी में तप रहे बच्चे
आंगनबाड़ियों में मीटर तो लगे हैं पर बिजली नहीं। (AI से जेनरेट किया गया इमेज)

HighLights

  1. सारंगपुर में भीषण गर्मी में बच्चों की आफत
  2. आंगनबाड़ियों में मीटर तो लगे हैं पर बिजली नहीं
  3. छोटे बच्चों की सेहत पर मंडराता रहा खतरा

नईदुनिया प्रतिनिधि, सारंगपुर। भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए बच्चों को राहत देने के लिए सभी शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक कक्षाएं ग्रीष्मकालीन सत्र से बंद करा दी गई हैं, ताकि बच्चे लू, डिहाइड्रेशन सहित गर्मी से होने वाली अन्य बीमारियों से बच सकें।

लेकिन शासन के आदेश नगर सहित क्षेत्र की आंगनवाड़ियों पर लागू नहीं हैं, जिससे वर्तमान में भीषण गर्मी एवं उमस के बावजूद आंगनवाड़ियां बच्चों के लिए सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित की जा रही हैं।

छोटे बच्चों की सेहत पर मंडराता खतरा

आंगनवाड़ियां संचालित होने से छोटे-छोटे बच्चों को मजबूरी में पालक भेज रहे हैं, जबकि स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। ऐसी स्थिति में सवाल यह उठता है कि छोटे-छोटे बच्चों के लिए गर्मी में अवकाश के आदेश क्यों नहीं लागू किए जा रहे हैं।


यदि भीषण गर्मी में आंगनबाड़ी जाने वाले नन्हें-मुन्ने बच्चों की तबीयत बिगड़ती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? आंगनबाड़ी केंद्र बकायदा संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में सुबह होते ही गर्मी चालू हो जाती है तथा दोपहर 12 बजे तक गर्मी चरम पर होती है, जहां छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी में बैठना पड़ रहा है।

व्यवस्थाओं की कमी और बिजली संकट

ऐसी स्थिति में जब नियम स्कूलों में लागू हो रहे हैं, तो आंगनबाड़ी में क्यों नहीं लागू हो रहे? इसे लेकर पालकगण दुविधा में नजर आ रहे हैं तथा बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने के लिए मजबूर हैं। एक तरफ जहां भीषण गर्मी के बावजूद आंगनवाड़ियां संचालित की जा रही हैं, वहीं आंगनबाड़ी भवनों में व्यवस्थाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

बताया जा रहा है कि नगर में संचालित वार्ड 18 गोपालपुरा आंगनबाड़ी में गत सप्ताह बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काट दिया गया था। साथ ही कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर विद्युत कनेक्शन हैं तो कहीं नहीं हैं। किसी आंगनबाड़ी में कनेक्शन है तो पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे भीषण गर्मी में बच्चों को परेशान होना पड़ रहा है।

मीटर लगे पर सप्लाई नदारद

सूत्रों की मानें तो परियोजना की 271 आंगनवाड़ियों में से तुकोगंज, चतरुखेड़ी, मेहताबपुर, बारोल, बापचया, सुलतानपुरा सहित 50 से अधिक आंगनबाड़ी में बिजली मीटर लगे होने के बावजूद सप्लाई नहीं हो रही है। जिसके कारण बच्चे भीषण गर्मी में परेशान हो रहे हैं।

भीषण गर्मी एवं उमस में भी आंगनवाड़ियां संचालित किए जाने के संबंध में जब महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उनके विभाग को आंगनबाड़ी बंद रखने के आदेश नहीं मिले हैं।

अधिकारी का पक्ष और आगामी योजना

उन्होंने बताया कि सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक आंगनबाड़ी संचालित की जा रही है, जिसके बाद दूसरी शिफ्ट में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को अन्य कार्य निपटाना पड़ता है। वहीं अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र की बिजली नहीं काटने के आदेश जिला कलेक्टर ने विद्युत अधिकारियों को दिए हैं।

सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की छुट्टी 1 जून से 15 जून तक रहने की विभागीय जानकारी मिली है। वहीं अगर किसी आंगनबाड़ी में बिजली कनेक्शन होने के बावजूद बिजली सप्लाई नहीं हो रही है तो सुपरवाइजर व कार्यकर्ता इसकी शिकायत ऑफिस में करें, मैं उच्चाधिकारियों को बोलकर बिजली सप्लाई शुरू कराऊंगा। - केदार शर्मा, सीडीपीओ, सारंगपुर।