राजगढ़/नरसिंहगढ़ (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के आंबेडकर नगर के कुछ ग्रामीणों को बुराहनपुर का एक ठेकेदार महाराष्ट्र के कोल्हापुर में काम दिलवाने का बोलकर महाराष्ट्र लेकर गया था। जहां उनसे बकायदा 25 दिन तक मजदूरी कराई गई। जब मजदूरी की मांग की तो पैसे नहीं दिए। इतना ही नहीं उनको बंधकर बनाते हुए गन्नाा कटाया गया। इस बीच एक महिला ने नवजात को वहीं जन्म भी दिया। यह मामला सामने आने पर नरसिंहगढ़ विधायक के दखल के बाद कलेक्टर हर्ष दीक्षित व एसपी प्रदीप शर्मा ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए उन्हें मुक्त कराकर नरसिंहगढ़ लाया गया। जहां उनका स्वागत किया गया।
जानकारी के मुताबिक तीन दिन पहले नरसिनगढ़ विधायक राज्यवर्धनसिंह द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा (भापुसे) को अवगत कराया की नरसिंहगढ़ के कुछ मजदूर कोल्हापुर में बहुत परेशानी में फंसे हुए हैं। 21 नवंबर 2021 को आवेदक पप्पू पारदी निवासी आंबेडकर नगर ने लिखित आवेदन देते हुए सूचना दी थी कि उसके भाई महेश सहित कुल 39 लोगों को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में जबरजस्ती उनसे गन्नो के खेतों में मजदूरी का काम कराया जा रहा है और उनकी मजदूरी भी नहीं दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक राजगढ़ द्वारा मामले को तत्परता से लेते हुए थाना प्रभारी नरसिंहगढ़ को एक टीम गठित कर संबंधित स्थान पर भेजने हेतु निर्देशित किया। एसडीओपी नरसिंहगढ़ एवं थाना प्रभारी नरसिंहगढ़ के मार्गदर्शन में थाने से उपनिरीक्षक राकेश दामले, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण एवं आरक्षक राजमल सिंह द्वारा रक्षति केन्द्र राजगढ़ से उपलब्ध कराए गए विशेष वाहन से करीब 28 घंटे का सफर तय करके महाराष्ट्र के जिला कोल्हापुर तहसील करवीर ग्राम गिरगांव थाना इस्पुर्ली पहुंचे। मजदूरों को बंधुआ मजदूरी के दलदल से निकालने का सराहनीय कार्य किया है। इस प्रकार करीब 39 मजदूरों से जबरदस्ती मजदूरी कराई जा रही थी। उक्त लोगों को पुलिस टीम द्वारा मुक्त कराया गया एवं इनके परिजनों को सुपुर्द किया गया।
ठेकेदार बोला तुम्हे लाने वाले को दे दी मजदूरी
क्त मजदूरों द्वारा बताया गया कि करीब एक महीने पहले मुकद्दम ठेकेदार मेहमूद खान, निवासी बुरहानपुर द्वारा प्रतिदिन के एक जोड़े को 800 रुपये देने का बोलकर गन्नाा कटाई हेतु गांव से लेकर गया थाा। वह ग्राम आम्बेडकर नगर से 16 जोड़े को बच्चों सहित कुल 39 लोगों को गाड़ी से गिरगांव कोल्हापुर महाराष्ट्र लेकर गया था। जहां पर मुकद्दम ठेकेदार द्वारा मजदूरों को गिरगांव के महेश मधुकर चौहान को सुपुर्द कर दिया था। लगातार 25 दिन मजदूरों द्वारा गन्नाा कटाई का काम किया गया। इसके बाद जब महेश मधुकर चौहान से मजदूरी के पैसे मांगे गये तो उसने बोला की मैं तुम्हारी मजदूरी के पैसे ठेकेदार मेहमूद खान को दे चुका हूं। मजदूरी के पैसे न मिलने पर जब मजदूरों ने काम बंद कर अपने घर वापस लौटने की बात महेश मधुकर चौहान से कही। तो महेश द्वारा मजदूरों को घर आने से रोका गया, तथा मजदूरों को पैसे न देकर बंधुआ मजदूर बना काम करने हेतु दबाव बनाया। बंधुआ मजदूर रहने के दौरान ही एक महिला मजदूर ने एक शिशु को भी जन्म दिया। जिसने भी प्रसब के दौरान कई कठिनाईयों का सामना किया।
बि़छडे परिजनों से मिलकर भाव-विभोर हुए परिजन
बिछड़े परिजनों से मिलकर इन लोगों में हर्ष की लहर दौड़ गई। परिवार से दूर मजदूरी की जिंदगी व्यतीत कर रहे लोग जब अपने परिवार से मिले तो भाव विभोर हो गए। शनिवार को सभी मजदूरों का विधायक राज्यवर्धनसिंह, कलेक्टर हर्ष दीक्षित, एसपी प्रदीप शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनकमना प्रसाद, एसडीओपी भारतेंदु शर्मा द्वारा स्वागत किया गया। सभी मजदूरों के बयान लेकर प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। उपरोक्त सराहनीय कार्य में थाना नरसिंहगढ़ से उपनिरीक्षक राकेश दामले, प्रधान आरक्षक 519 लक्ष्मीनारायण एवं आरक्षक 196 राजमल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।