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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP Lok sabha Election Result: मोदी गारंटी, राम मंदिर व लाड़ली बहना की सुनामी में डूबा दिग्विजय का किला

करीब डेढ़ लाख वोटों से जीते भाजपा उम्मीदवार रोडमल नागर। दिग्विजय ने इसे अपना आखिरी चुनाव बताते हुए भावनाओं का सहारा भी लिया, लेकिन उनकी तमाम रणनीति फे...और पढ़ें

By Rajesh SharmaEdited By: Rajesh Sharma
Publish Date: Wed, 05 Jun 2024 10:57:57 AM (IST)Updated Date: Wed, 05 Jun 2024 10:57:57 AM (IST)
MP Lok sabha Election Result: मोदी गारंटी, राम मंदिर व लाड़ली बहना की सुनामी में डूबा दिग्विजय का किला

HighLights

  1. भाजपा ने हर मंच पर उम्मीदवार के बजाय योजनाओं, मोदी को आगे किया।
  2. दिग्विजय सिंह पूरी तरह से इस चुनाव को व्यक्तिगत चुनाव बनाने में जुटे रहे।
  3. न दिग्विजय सिंह की अपील काम आई, न ही उनकी ढलती उम्र से मतदाताओं का दिल पसीजा।

राजेश शर्मा, राजगढ़। मोदी की गारंटी, राम मंदिर की लहर व लाडली बहना योजना की सुनामी में अंतत: दिग्विजय का किला डूब गया। यह इन सबके सामने अपने किलो को एक बार फिर से बचाने में कायमयाब नहीं हो सके। मोदी के नाम, राम मंदिर के सहारे व लाड़ली बहनाओं के दम पर चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार रोडमल नागर इस चर्चित सीट से चुनाव जीतने में लगातार तीसरी बार कामयाब हो गए।

भावनात्मक अपील भी काम नहीं आई

कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह राजगढ़ से खुद के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में किए गए कामकाज, लोगों से सतत संपर्क व राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के लोगों से सीधे संवाद के बल पर यहां से चुनाव लड़ रहे थे। वह पूरी तरह से इस चुनाव को व्यक्तिगत चुनाव बनाने में जुटे रहे। आखिरी चुनाव का वादा व उम्र को बताकर मतदाताओं से पूरे समय भावनात्मक अपील भी करते रहे। दिग्विजय गांव-गांव जाकर खुद के कार्यकाल में किए गए कामों को गिनाते हुए लोगों से सीधे जुड़ते हुए नजर आ रहे थे। वह इस चुनाव को मोदी बनाम दिग्विजय होने की बजाय दिग्विजय बनाम रोडमल नागर करने के प्रयास में जुटे रहे। लेकिन न अपील काम आई न ही ढलती हुई उम्र से मतदाताओं का दिल पसीजा।


काम कर गई भाजपा की रणनीति

वहीं इसके ठीक उलट भाजपा उम्मीदवार रोडमल नागर यह पूरा चुनाव मोदी, राम मंदिर, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं व लाड़ली बहनों के दम पर लड़ते हुए नजर आए। रोडमल नागर ने स्वयं को पीछे करते हुए यहां तक कहा कि मुझे कोई भ्रम नहीं है कि मैं उम्मीदवार हूं। यहां से खुद मोदीजी उम्मीदवार है। हमारे कार्यकर्ता उम्मीदवार हैं। यह चुनाव सभी का चुनाव है। वह चुनाव को मोदी की गारंटी, राम मंदिर व लाडली बहना योजना के इर्द-गिर्द ले जाने में कामयाब रहे। यही कारण रहा कि जब परिणाम सामने आए तो मोदी की गारंटी, राम मंदिर, राष्ट्रवाद व लाडली बहना योजना का असर साफ तौर पर देखने को मिला। जिसके चलते इस लहर व सुनामी में दिग्विजय अपना किला बचाने में नाकाम साबित हुए।

भाजपा ने प्रत्याशी को प्रचार में पीछे रखा

इस पूरे चुनाव में दिग्विजय भले ही यह बताने के लिए प्रयास करते रहे कि यहां से मोदी नहीं, रोडमल नागर चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन भाजपा की पूरी कैंपनिंग मोदी, राम, राष्ट्रवाद व लाडली बहना योजना के इर्द-गिर्द रही। भाजपा ने उम्मीदवार की बजाय इन सबको आगे रखा। हर मंच पर भाजपा नेताओं ने एक ही बात पर जोर दिया कि हमारा नेता नरेन्द्र मोदी और हमारा उम्मीदवार कमल का फूल। बड़े नेताओं ने सभाएं की। उन्होंने भी इन्हीं सबको केंद्र में रखकर प्रचार किया। छोटे कार्यकर्ता से लेकर बड़े नेताओं तक सबका फोकस इन्हीं तीन-चार बिंदुओं पर रहा था। जिसके चलते भाजपा उम्मीदवार कांग्रेस के दिग्गज नेता को हराने में कामयाब रहे हैं।