• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • राजगढ़

सारंगपुर में विधायक निधि के 5 लाख रुपए डकार गए सरपंच-सचिव, जांच शुरू

जनपद पंचायत सारंगपुर की ग्राम पंचायत आमगढ़ा के तहत आने वाले ग्राम जमनागंज में सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्रा...और पढ़ें

By Pradeep JainEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Fri, 08 May 2026 09:57:57 PM (IST)Updated Date: Fri, 08 May 2026 09:57:56 PM (IST)
सारंगपुर में विधायक निधि के 5 लाख रुपए डकार गए सरपंच-सचिव, जांच शुरू

नईदुनिया प्रतिनिधि, सारंगपुर। जनपद पंचायत सारंगपुर की ग्राम पंचायत आमगढ़ा के तहत आने वाले ग्राम जमनागंज में सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम निवासी पूर्व मंडी अध्यक्ष कैलाश सुरावत एवं राजेश सुरावत ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से लेकर कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मांगलिक भवन के नाम पर हुआ खेल

शिकायत के अनुसार पूर्व विधायक कुंवरजी कोठार द्वारा ग्राम जमनागंज में शासकीय मांगलिक भवन के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये की विधायक निधि स्वीकृत की गई थी। इस भवन के लिए बकायदा ड्राइंग और एस्टीमेट भी तैयार किया गया था। आरोप लगाए गए हैं कि सरपंच दिनेश पाल, सचिव घीसूलाल वर्मा, वर्तमान सचिव नारायणसिंह सोनगरा और जनपद पंचायत के इंजीनियर ने मिलीभगत कर मांगलिक भवन का निर्माण नहीं कराया।


राशि का बंदरबांट और गलत मॉनिटरिंग का आरोप

शिकायतकर्ता का दावा है कि इस राशि का कुछ हिस्सा मंदिर निर्माण में लगा दिया गया, जबकि शेष बड़ी राशि का आपस में बंदरबांट कर गबन कर लिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जनपद पंचायत के इंजीनियर ने कार्य की गलत मॉनिटरिंग कर भ्रष्टाचार में साथ दिया है। इस संबंध में जनपद पंचायत सीईओ हेमेंद्र गोविल ने कहा कि गबन के मामले का आवेदन आया है। जांच के बाद दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।