
नईदुनिया प्रतिनिधि, ब्यावरा। शहर के भोपाल बायपास ओवरब्रिज पर शुक्रवार सुबह करीब 8.30 बजे बड़ा हादसा हो गया। लखनऊ-कानपुर से इंदौर जा रही स्लीपर बस क्रमांक एनएल 01 बी 3436 अनियंत्रित होकर ब्रिज की सेफ्टी वॉल और डिवाइडर से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि बस के स्लीपर कोच की खिड़कियां टूट गईं और बर्थ पर सो रहे यात्री ब्रिज से नीचे और सड़क पर जा गिरे। हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक यात्री घायल हो गए।
मृतकों में कर्नाटक के बेंगलुरु में पदस्थ साइबर क्राइम इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान रवि केबी (45) पिता बसप्पा निवासी बेंगलुरु, विकास पिता अवध नारायण शुक्ला निवासी फतेहपुर यूपी, ज्योतिरादित्य सिंह पिता विक्रम सिंह गोड निवासी बिजवाड़ और बेलाल अली पिता कलीमुल्लाह निवासी गोपालगंज बिहार के रूप में हुई है।
रवि केबी बेंगलुरु साउथईस्ट साइबरक्राइम स्टेशन में इंस्पेक्टर के पद पर थे। जानकारी के अनुसार वे अपनी टीम के साथ साइबरक्राइम जांच के सिलसिले में एक आरोपी को पकड़ने के लिए इंदौर जा रहे थे। उनकी टीम के दो सदस्य विश्वनाथ और रमेश नायक भी इस हादसे में घायल हुए हैं।
बस में सवार घायलों में जौनपुर, कानपुर, अलीगढ़, सीतापुर, मथुरा और बेंगलुरु के यात्री शामिल हैं। सभी को ब्यावरा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर घायलों को भोपाल रेफर किया गया है। घायलों में अमित कुमार, मीनू सिंह, रक्षित सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, रवि शर्मा, पार्थ शर्मा, सुमन शर्मा, श्रीनिवास, केशव, रमेश नायक, सोनू और विश्वनाथ, गुड्डू पिता कंवरलाल कुशवाह निवासी सीतापुर यूपी शामिल हैं। हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस ओवरब्रिज के घुमावदार मोड़ पर पहुंची तो अनियंत्रित होकर तिरछी हो गई और सेफ्टी वॉल से रगड़ती हुई चली गई। बस में सवार सीतापुर निवासी सोनू रस्तोगी ने बताया कि वह तीसरी बर्थ पर सो रहे थे, पेशाब करने के लिए उठे और ड्राइवर से बस रोकने को कहा, तभी बस टकरा गई।
ब्यावरा का भोपाल बायपास ओवरब्रिज लगातार हादसों का कारण बन रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पुल शुरू से ही घुमावदार बना हुआ है और मोड़ पर सेफ्टी वॉल व डिवाइडर की ऊंचाई और डिजाइन वैज्ञानिक नहीं है। तेज रफ्तार वाहनों के लिए यहां अचानक टर्न आ जाता है, जिससे वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस पुल पर पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। अक्सर बस और ट्रक यहां डिवाइडर से टकरा जाते हैं। नागरिकों ने मांग की है कि इस पुल की तकनीकी खामी की जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।
लोगों का कहना है कि जब तक पुल की डिजाइन में सुधार, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और रिफ्लेक्टर नहीं लगेंगे, तब तक हादसे नहीं रुकेंगे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
घटना की सूचना मिलते ही राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर दुख जताया है और कहा कि यह बेहद दुखद घटना है, रक्षाबंधन के दिन घर जा रहे लोगों के साथ ऐसा हादसा मन को व्यथित करने वाला है।
प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद के निर्देश दिए हैं। पुल पर लगातार हो रहे हादसों की तकनीकी जांच की मांग को भी गंभीरता से लेकर संबंधित विभाग से बात की जाएगी।वहीं इस घटना को लेकर एसपी अमित तोलानी भी राजगढ़ से ब्यावरा पहुंचे।
उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसा ओवरस्पीड के कारण होना प्रतीत हो रहा है। ब्रिज पर कर्व होने से बस अनियंत्रित हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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