राजगढ़ (नवदुनिया प्रतिनिधि)। नागरिकों को शुद्ध प्राणवायु मिल सके इसके लिए नरसिंहगढ़ में मप्र पर्यटन सहकारी विकास समिति ने 1 लाख 30 हजार सीड बाल बनाकर पौधे रोपे दिए तो उधर एक दूसरी समिति आइआरइ जंगल ने गणेश चौक पहाड़ी सहित अलग-अलग स्थानों पर करीब 5 हजार पौधे रोप दिए। पर्यटन को बढ़ावा देने व शुद्ध हवा के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण करने के लिए नरसिंहगढ़ में दो समितियों द्वारा व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा। एक समिति सीड बाल बनवाकर लोगों को वितरित करती है तो दूसरी समिति पहाड़ी पर पौधों का रोपण करवाती है। दोनों ही समितियों को बहुत हद तक सफलताएं भी मिली है।
मिट्टी, गोबर के खाद से बनाई सीड बाल
यहां पर मप्र पर्यटन सहकारी विकास समिति द्वारा गत दो वर्ष से अधिक समय से इस दिशा में काम किया जा रहा है। पौधों को लाने व उन्हें मवेशियों से बचाने के लिए समिति सीड बाल का सहारा लेती है। जिसके तहत बारिश के पहले गर्मी में सीड बाल बनवाई जाती है। समिति द्वारा मिट्टी, गोबर, नारियल का बुरादा से उक्त बाल तैयार की जाती गया। उसी में बीज डाल दिये जाते हैं। ऐसा करते हुए समिति ने बारिश के समय दो साल तक 1 लाख 30 हजार सीड बाल सड़कों के किनारे, सार्वजनिक स्थलों आदि जगह डलवाई है। इतना ही नही बाहर के लोगों को भी यह सीड बाले हजारो की संख्या में भेंट की, ताकि वह अपने अपने क्षेत्रों में पहुंचकर उन्हें डाल सके। सड़कों के किनारे खडे होकर ट्रक चालकों को प्रदान कर दूर दूर तक यह बाले डलवाई है। समिति के अध्यक्ष भगवतीशरण शर्मा का कहना है कि 60 से 65 फीसद पौधे इस प्रक्रिया के ?रिए बड़े हो रहे हैं। 35 से 40 फीसद पौधे जरूर अलग अलग कारणों से या तो पनप नही पाए या फिर नष्ट हो गए। इस बारिश में फिर इसी तरह पौधा रोपण किया जाएगा।
संकल्प लिया और रोप दिए 5 हजार पौधे
नरसिंहगढ़ में आइआरई जंगल नामकएक समिति भी काम करती है। जिसके सदस्यों ने अधिक से अधिक पौधारोपण का संकल्प लिया और उसी के साथ करीब 5 हजार पौधों का अलग-अलग जगह रोपण कर दिया। साथ ही गणेश चौक की पहाड़ी पर बड़ी संख्या में पौधे रोपे गए। जिसके चलते वहां सैकड़ों पौधे पनप गए हैं। कई लोगों के जन्मदिन के मौके पर भी पौधे रोपण करवाने का कार्य समिति सम्बंधित लोगों के माध्यम से करवाती है। साथ ही देखरेख का भी संकल्प लिया जाता है। लगातार प्रयास व संकल्प के बल पर जगह-जगह सैकड़ों पौधे रोपने के बाद से अब पनप चुके हैं। समिति के अध्यक्ष पुनीत उपाध्याय ने बताया कि वह अब तक सदस्यों के साथ मिलकर 5 हजार पौधे लगा चुके हैं। आगे भी यह मुहिम जारी रहेगी।