
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। चार साल पहले एक महिला के पैरों का कड़ा लूटने के लिए उसका पैर और गला काटकर हत्या करने के दोषी तीन व्यक्तियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर तीनों व्यक्तियों को दोषी माना। इस क्रूर हत्याकांड के फैसले से क्षेत्र में न्याय की उम्मीद जागी है।
अभियोजन के अनुसार, 25 फरवरी 2022 को मल्हारपुरा-माचलपुर रोड के पास खंती में पदमपुरा निवासी शांतिबाई पति नारायणसिंह सौंधिया का शव मिला था। मृतिका की स्थिति अत्यंत वीभत्स थी; उसके दोनों पैर कटे हुए थे और गला रेता गया था। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने हत्या और लूट का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।
जांच के दौरान सामने आया कि शांतिबाई शादियों में रोटी बनाने का काम करती थी। वह अक्सर गांव के ही ख्वाजू, दिनेश व कमल के साथ काम पर जाती थी।
घटना के एक दिन पहले भी वह उन्हीं के साथ काम पर निकली थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। संदेह के आधार पर जब पुलिस ने आरोपितों को पकड़ा, तो उनकी पिकअप से मृतिका का कड़ा और हत्या में प्रयुक्त छुरा बरामद हुआ।
गौरतलब है कि पिछले पांच-छह वर्षों में कड़े-कंगन लूटने के लिए महिलाओं के हाथ-पांव काट देने के ऐसे आठ मामले सामने आ चुके हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद चिंताजनक ट्रेंड रहा है। इस दौरान ऐसे जघन्य मामलों में किसी को सजा होने का यह पहला मामला है, जो अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।